जिम्मेवार कौन?

इस मौत का जिम्मेवार कौन?
माइनिंग छात्र दामोदर नदी में डुबा, 8 घंटे बाद भी पता नहीं चला. (छाया: राजेश गुप्ता)
दिनांक 19-11-2017 को बेरमो थाना क्षेत्र के अंतर्गत खास ढोरी सी.सी.एल. ऑफिस के समीप पानी टंकी के पास दामोदर नदी में दिन रविवार को नहाने के क्रम में 22 वर्षीय महेश रजक डूब गया. जिसे  खेतको के गोताखोर टीम द्वारा दामोदर नदी में खोजबीन किया जा रहा है.
सांत्वना देते लोग
सांत्वना देते लोग, छाया: राजेश गुप्ता
सूचना प्राप्त होने तक करीब 8 घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक उसे खोजा नहीं जा सका है. बताया जाता है कि शारदा कॉलोनी निवासी सीसीएल कर्मी प्रभु रजक का पुत्र महेश रजक अपने क्वार्टर से खास ढोरी पानी टंकी के समीप दामोदर नदी में अपने दो दोस्तों के साथ सुबह 9 बजे नहाने गया था उसी क्रम में नदी के गहराई में जाने के कारण डूब गया.
आखिर क्यों होती हैं ऐसी दुर्घटनाएं? क्या उत्तरदायित्व होता है हमारा?
आखिर क्यों होती हैं ऐसी दुर्घटनाएं? क्या उत्तरदायित्व होता है हमारा? छाया: राजेश गुप्ता 
मौके पर पहुंचे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के डुमरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री जगरनाथ महतो एवं भाकपा नेता श्री जवाहर लाल यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना देते हुए अपनी संवेदना व्यक्त की.
जिम्मेवार कौन?
यह घटना एक प्रश्न चिन्ह है हमारे समाज पर, आखिर क्यों होती हैं ऐसी दुर्घटनाएं? क्या उत्तरदायित्व होता है हमारा? इन सबसे थोडा अलग बात करें तो हम पाएंगे कि इस उम्र वर्ग के युवाओं पर अपनी मनमानी करने की धुन सवार होती है. अभिभावकों के लाख समझाने पर भी वे उनकी एक नहीं सुनते, और अगर गलती से कुछ कह दिया गया तो उलटे उन्ही को सुनने को मिलती है.
हमें आये दिन इस प्रकार कि घटनाओं से दो-चार होना ही पड़ता है. ये लोग इतनी तेज बाइक चलाएंगे वो भी बिना हेलमेट के कि उनको समय को पीछे छोड़ देना हो जैसे. इसी तरह आज का दिन उन पर भरी पड़ गया और नदी में जा डूबे. हमें ऐसे घटनाओं से सबक लेना चाहिए कि हम अपने बच्चों पर नजर रखें उनसे बात करें उनकी सोच और अपनी सोच को एक धरातल पर लायें जेनेरसन गैप को कम करें ताकि हम उनकी सही और उचित आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रख सकें.
सुझाव : नदी में जाल कि व्यवस्था और घेराव से इस प्रकार की दुर्घटनाओं से कुछ हद तक तो बचा जा ही सकता है, पर सब से बड़ी बात है अपने-अपने बच्चों को संस्कारों  के घेरेबंदी में रखना जिससे कि इस प्रकार कि दुर्घटनाओं की नौबत ही न आ सके.