सांसद मद से निर्मित तीसरे यूरिनल का हुआ शुभारम्भ

फुसरो बाजार सब्जी मंडी स्थित ओवरब्रीज के समीप आज दिनांक 30-12-2017 दिन शनिवार को सांसद मद से निर्मित तीसरे यूरिनल का गिरिडीह सांसद रविन्द्र कुमार पांडेय ने फीता काट कर उद्घाटन किया। साथ ही सब्जी मंडी पहुँच कर बाजार की भीड़-भाड़ जैसी समस्या के निदान के लिए लोगो से विचार विमर्श भी किया।

श्री पांडेय ने कहा कि युवा व्यवसायी संघ के आग्रह पर बाजार में आने वाले आम नागरिको की सुविधा के लिए पेशाब घर का निर्माण कराया गया। जरुरत पड़ने पर बाजार में और भी यूरिनल का निर्माण कराया जायेगा। युवा व्यवसायी संघ अध्यक्ष आर. उनेश ने कहा कि संघ की मांग पर यूरिनल का निर्माण सांसद मद द्वारा कराया गया है।

इस अवसर पर बेरमो प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री अखिलेश कुमार, 20 सूत्री अध्यक्ष कपिलदेव गाँधी, भा.म.स. नेता रविन्द्र मिश्रा, बालेश्वर पांडेय, अनिल गुप्ता, मो. मंजुर हुसैन उर्फ जिया, मो. इलियास, सुरेश बंसल, प्रकाश मोदी, आर.एस. तिवारी, गुरुपद प्रजापति, ओमप्रकाश, वैभव चैरसीया, संत सिंह, श्रीकांत मिश्रा, संतोष श्रीवास्तव आदि लोग उपस्थित थे.

छाया / सूत्र : राजेश ‘बेरमो आवाज’

गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो हवाई अड्डों का हो विकास : रविन्द्र कुमार पाण्डेय

गिरिडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री अशोक गजपति राजू से मिलकर गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो के हवाई अड्डो को विकसित कर यहाॅ से घरेलू हवाई उड़ान प्रारम्भ करने की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। सांसद श्री पाण्डेय ने केन्द्रीय मंत्री से कहा कि गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो हवाई अड्डों को विकसित कर घरेलू उड़ान प्रारम्भ करने की मांग वर्षो से की जा रही है।

उन्होंने कहा कि गिरिडीह हवाई अड्डा से 40 कि0मी0 की दूरी पर जैनियों का विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पारसनाथ (मधुबन) है जहाॅ देशभर से जैन समुदाय के लोगों का सालों भर आना-जाना लगा रहता है। गिरिडीह से हवाई सेवा प्रारम्भ होने से देश-विदेश के तीर्थ यात्रियों सहित आम लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। इसी तरह धनबाद जो कि कोयला की राजधानी के नाम से जाना जाता है तथा बोकारो जो कि सेल संयंत्र एवं औद्योगिक प्रतिष्ठान के रूप में जाना जाता है से भी हवाई सेवा शुरू करने की आवश्यकता है।

सांसद श्री पाण्डेय ने राँची, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर, देवघर तथा गिरिडीह को एक हवाई सर्किट में जोड़ने की ओर केन्द्रीय मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। इसके साथ ही उन्होंने बोकारो जिले के गोमिया प्रखण्ड स्थित स्वांग हवाई अड्डा जो ओरिका के अधीन है, को अधीग्रहण कर इसके चाहरदिवारी निर्माण कर इसे विकसित करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि यहाॅ पर ओरिका कंपनी की निजी छोटे विमान सहित हैलिकाॅप्टर भी उतरा करता है। स्वांग हवाई अड्डा का विकसित होना प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी उपयुक्त होगा क्योंकि इसके सटे पूरा क्षेत्र उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र है। सांसद श्री पाण्डेय के मांगो को केन्द्रीय मंत्री ने गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक पहल करने का आश्वाशन दिया।

: मृत्युंजय कुमार पाण्डेय
निजी सचिव,
सांसद, गिरिडीह

रेल यात्रियों के सुविधाओं में होगा और भी सुधार एवं विस्तार : सांसद गिरिडीह

गिरिडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा लोकसभा में रेल यात्रियों के सुविधाओं में सुधार हेतू रेल डिब्बों सहित स्टेशनों में इलेक्ट्राॅनिक डिस्प्ले बोर्ड या आॅडियो एड्रेस सिस्टम स्थापित करने एवं रेल टिकट बुकिंग को प्रोत्साहित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाने एवं उपरोक्त यात्री सुविधाओं के प्रयोजन हेतू जोन-वार और वर्षवार आवंटित एवं खर्च की गयी राशि के बारे में पूछे गये अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री राजेन गोहाई ने बताया कि रेल यात्रियों के सुविधा के लिए सरकार द्वारा की गई मुख्य कार्यो में आई.आर.सी.टी.सी. वेबसाइट के माध्यम से आॅन लाईन टिकट बुकिंग की सुविधा, मोबाईल फोनों के माध्यम से आरक्षित एवं अनारक्षित टिकट बुकिंग की सुविधा, रेलवे स्टेशनों पर स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीनों का प्रावधान, कैशलेस भुगतान, दिव्यागों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं को मान्यता प्राप्त पत्रकारों, स्वतंत्रता सेनानियों के लिए अलग काउन्टर की व्यवस्था, गाड़ी प्रस्थान से 4 घंटे पहले आरक्षण चार्ट तैयार करना शामिल है.

मंत्री महोदय और बताते हुए कहा कि चार्ट तैयार होने तक इंटरनेट के साथ-साथ पीआरएस काउंटरों के माध्यम से उपलब्ध एकोमोडेशन की बुकिंग करना, इसके प्रतिक्षा सूचि के टिकटों के कन्फर्म होने पर एस.एम.एस. द्वारा जानकारी देना, वृद्धों एवं दिव्यांगों के लिए स्टेशन पर सारथी सेवा की शुरूआत करना, व्हील चेयर एवं पोर्टर सेवाओं के लिए यात्री-मित्र सेवा का प्रावधान करना, तेजस, हमसफर, महामना एक्सप्रेस, दीन दयाल एक्सप्रेस आदि की शुरूआत, यात्रियों को उनके पसंद की भोजन बुक करने की व्यवस्था एवं खान-पान संबंधी शिकायतों के लिए केन्द्रीकृत खानपान सेवा निगरानी सेल का परिचालन, आई.आर.सीटीसी वेबसाईट अथवा 139 के माध्यम से पी.आर.एस. काउन्टर टिकटों का रदद् करना, गाड़ियों के रदद होने के मामले में ई0 टिकट धारकों को स्वतः धन वापसी को सुचारू किया गया है.

उन्होंने आगे बताया कि आर.ए.सी. बर्थो की संख्या में वृद्धि करना, दिव्यागों के लिए स्लीपर में चार एवं 3एसी में दो बर्थ का कोटा निर्धारित करना, उपलब्ध स्थान का अधिकतम उपयोग के लिए वैकल्पिक ट्रेन एकोमोडेशन योजना ‘‘विकल्प’’ को शुरू करना सहित अन्य सुविधायें उपलब्ध करायी गयी है और यात्रियों के मांगों के अनुरूप बेहतर सुविधा प्रदान करने का निरंतर प्रयास होता रहता है। रेल राज्य मंत्री ने बताया कि इन सुविधाओं के लिए सभी जोनों को मिलाकर वर्ष 2014-15 में कुल-1049.91 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था जिसमें 858.61 करोड़ ही खर्च हुआ इसी तरह वर्ष 2015-16 में 1212.21 करोड़ में 1081.21 करोड़ खर्च एवं 2016-17 के लिए 1920.71 करोड़ के प्रावधान में से अबतक 981.24 करोड़ का व्यय किया गया है।

: मृत्युंजय कुमार पाण्डेय
निजी सचिव,
सांसद, गिरिडीह

पिछरी में आयोजित डाक जीवन बीमा मेले में दी गई योजनाओं जानकारी

गिरिडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय के निर्देश के आलोक में डाक विभाग गिरिडीह द्वारा शुक्रवार को सांसद आर्दश ग्राम, पिछरी दक्षिणी में बीमा मेला के आयोजन ‘‘आदर्श उच्च विद्यालय, पिछरी’’ में किया गया। मेला में डाक विभाग के द्वारा मुख्य रूप से केन्द्र सरकार प्रायोजित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

मेले में डाक विभाग द्वारा संचालित ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना, अधिकतम बोनस एवं न्यूनतम बोनस, सम्पूर्ण बीमा योजना, मियादी जीवन बीमा, बाल प्रिया एवं परिवर्तनीय सम्पूर्ण जीवन बीमा योजना जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि डाक बीमा योजनाओं में बताया गया कि कम प्रीमियम अधिक बोनस दिया जाता है, और अधीक प्रीमियम पर छूट का भी प्रावधान है। साथ ही आॅनलाईन प्रीमियम भरने की सुविधा सहित मासिक किस्त की सुविधा एवं पासबुक की भी सुविधा उपलब्ध है।

कार्यक्रम में गिरिडीह सर्किल के डाक अधीक्षक रामपूजन सिंह, डाक निरीक्षक सिकंदर प्रधान, सांसद के निजि सचिव अवधेश कुमार दूबे, पूर्व मुखिया छत्रधारी मिश्रा एवं सभी डाक शाखा के पोस्ट मास्टर सहित ग्रामीणों की उपस्थिति दर्ज की गयी.

: मृत्युंजय कुमार पाण्डेय
निजी सचिव,
सांसद, गिरिडीह

गिरिडीह सांसद ने वन सम्पदा दोहन पर उठाये सवाल

गिरिडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा लोकसभा में वनभूमि के खनन सहित अन्य गैर-वानिकी प्रयोजनों हेतु उपयोग की वजह से उत्पन्न असंतुलन एवं ऐसे असंतुलन को दूर करने हेतू सरकार द्वारा किये जा रहे उपाय एवं खनन सहित अन्य गैरवानिकी प्रयोजनों के लिए उपयोग की गई वन भूमि के बारे में पूछे गये अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री डाॅ0 महेश शर्मा ने बताया कि खनन सहित वनेतर क्रियाकलापों से पर्यावरण और परिस्थितिकीय संतुलन प्रभावित होता है।

खनन के लिए वनों की कटाई के फलस्वरूप, अन्य बातों के साथ-साथ भूमि कटाव और जल प्रदूषण होता है तथा वनस्पति और जीव-जंतुओं पर प्रभाव पड़ता है परन्तु वन भूमि की स्वीकृति देते समय इस बात के लिए पर्याप्त, सावधानी बरती जाती है कि इससे वनों-वन्यजीवों और वन-पारिप्रणाली को कम से कम क्षति पहूॅचे। उन्होंने बताया कि वन भूमि के अन्यत्र उपयोग से होने वाले दुष्प्रभाव को कम करने के लिए एनपीवी लागू करना, अपवर्तित वन भूमि की चारदिवारी का सीमांकन करना, पेड़ों को कम से कम काटना, वैकल्पिक इंधनों की व्यवस्था करना इत्यादि शामिल है।

मंत्री महोदय ने बताया कि वन भूमि के आवंटन के मानक शर्तो में अन्य बातों के साथ-साथ चरणबद्ध रूप से किए जाने वाले खनन कार्य, सुरक्षा जोन का प्रबंधन, खदान का सुधार, उपरी भूमि का संरक्षण, कूड़ा-करकट निपटान योजना बनाना और उनका क्रियान्वयन करना शामिल है। उन्होंने बताया कि सामान्य और मानक शर्तो के अलावा, वन सलाहकार समिति की सिफारिशो के आधार पर अनुमोदन में विशेष शर्ते भी शामिल की जाती है। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में वर्ष 2014 से 2017 की अवधि के दौरान 2237 मामलों में कुल 82368.87 हेक्टेयर वन भूमि खनन एवं अन्य कार्यो के लिए आवंटित की गयी जिसमें झारखण्ड में 23 मामलों में 3126.09 हेक्टेयर वन भूमि का आवंटन शामिल है।

:मृत्युंजय कुमार पाण्डेय
निजी सचिव,
सांसद, गिरिडीह

दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत 24×7 बिजली आपूर्ति का लक्ष्य मार्च 2019 तक होगा पूरा

गिरिडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा लोकसभा में “दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना” अंतर्गत सभी को चैबीसों घंटे बिजली प्रदान करने तथा झारखण्ड में इस योजना के तहत कितनों जिलों कोे शामिल किया गया है एवं अब तक कितने गांवों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के बारे में पूछे गये अतारांकित प्रश्न के उत्तर में विधुत और नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री आर0के0 सिंह ने लिखित उत्तर में बताया कि भारत सरकार ने सभी घरों, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को 24×7 विधुत आपूर्ति उपलब्ध कराने और कृषि उपभोक्ताओं को पर्याप्त विधुत आपूर्ति करने के लिए राज्य विशिष्ट दस्तावेज सभी के लिए हस्ताक्षरित किए है।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डी.डी.यू.जी.जे.वाई.), एकीकृत विधुत स्कीम सहित अपनी विभिन्न स्कीमों के माध्यम से राज्य के राज्य के प्रयासों को बढ़ावा देती है। सरकार द्वारा बताया गया कि झारखण्ड सरकार द्वारा प्रस्तुत विस्तृत परियोजना रिर्पोटों (डी.पी.आर.), तकनीकी-आर्थिक मूल्यांकन, निधियों की समग्र उपलब्धता तथा कार्यो की प्राथमिकता के आधार पर 3918.13 करोड़ रूपए की परियोजना लागत से सभी 24 जिलों को शामिल करते हुए झारखण्ड के लिए 406 परियोजनाएं स्वीकृत की गई है। मंत्री श्री सिंह ने बताया इस योजना के अंतर्गत 30/11/2017 की स्थिति के अनुसार 240.64 करोड़ रूपए का अनुदान झारखण्ड को जारी किया गया है।

उन्होंने बताया कि मंत्रालय डी.डी.यू.जी.वाई. के अंतर्गत, गरीबी रेखा से नीचे (बी.पी.एल.) घरों को निःशुल्क सर्विस कनेक्शन उपलब्ध कराए जाते है। राज्यों द्वारा दी गई सूचना के अनुसार 30/11/2017 तक इस स्कीम के अंतर्गत सम्पूर्ण देश में 277.20 लाख बीपीएल घर को विधुत के निःशुल्क कनेक्शन दिए गए हैं जिनमें झारखण्ड में दिए गए 12.85 लाख कनेक्शन शामिल है। इसके अलावा उन्होंने अवगत कराया कि दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत शेष सभी गैर-विद्युतीकृत घरों को मार्च 2019 तक विधुतीकरण करने का लक्ष्य है।

: मृत्युंजय पाण्डेय
निजी सचिव,
सांसद, गिरिडीह

ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदूषण रहित स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति पर गिरिडीह सांसद ने माँगा जवाब

गिरिडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा लोकसभा में पेयजल की कमी को दूर करने हेतू दीर्घकालीन योजना बनाने एवं देश में स्वच्छ पेयजल से वंचित गांवो की संख्या एवं देश के समस्त गांवों में स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने हेतु निर्धारित लक्ष्यों के बारे में पूछे गये अतारांकित प्रश्न के उत्तर में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री एस0एस0 अहलूवालिया ने लिखित उत्तर में बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम (एन.आर.डी.डब्ल्यू.पी.) के अंतर्गत यह मंत्रालय ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु राज्यों को वित्तीय और तकनिकी सहायता उपलब्ध कराता है।

उन्होंने बताया कि पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए मंत्रालय ने जल संरक्षण हेतु रूफ-टाॅप वर्षा जल संरक्षण, स्थायी ढांचों की स्थापना करना जैसे जल संरक्षण उपायों को अपनाने की सलाह दी है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में नए पेयजल पेयजल स्त्रोतों का पता लगाने के लिए हाइड्रो-जियो-माॅर्फोलाॅजिकल मानचित्रों का उपयोग किया जा रहा है। सरकार द्वारा बताया गया कि देश में स्वच्छ पेयजल से वंचित कुल 72,762 गांवों में से 2896 गांव झारखण्ड के है।

मंत्री श्री आहलूवालिया ने बताया कि मंत्रालय ने ग्रामीण क्षेत्रों में नल जलापूर्ति उपलब्ध करने के लिए वर्ष 2011-22 तक की अवधि के लिए ग्रामीण पेयजल सेक्टर हेतु एक कार्यनीति योजना बनाई है। इसके अनुसार वर्ष  2022 तक यह लक्ष्य है कि कम से कम 90 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों में नल जलापूर्ति उपलब्ध कराई जाए और कम से कम 80 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों के पास घरेलू नल कनेक्षन सहित नल जलापूर्ति उपलब्ध हो।

उन्होंने बताया कि मंत्रालय तत्काल आधार पर संदूषण से प्रभावित बसावटों में पेयजल उपलब्ध कराने के दीर्घकालीन उपाय हेतु स्कीमें शुरू करने हेतु राज्यों को लिखा है। अल्पकालीन उपायों के रूप में राज्यों को निर्देश  दिया गया है कि तत्काल आधार पर सामुदायिक जल शुद्धिकरण संयंत्रों के माध्यम से आर्सेनिक और फ्लोराइड संदूशण से प्रभावित बसावटों में कम से कम 8-10 लीटर पीने योग्य जल उपलब्ध कराए।

: मृत्युंजय पाण्डेय
निजी सचिव,
सांसद, गिरिडीह

राष्ट्रीय पोषण मिशन चरणबद्ध तरीके से कुपोषण से लड़ेगा : वीरेन्द्र कुमार, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री

गिरिडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय के द्वारा झारखण्ड में बाल पोषण मिशन एवं झारखण्ड सहित देश के अन्य राज्यों में बच्चों एवं किशोरियों  में कुपोषण की स्थिति की समीक्षा पर पूछे गये अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री, श्री वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि केन्द्र सरकार ने बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं तथा स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण संकेतकों में सुधार हेतु 9046.17 करोड़ रूपये की कुल लागत पर राष्ट्रीय पोषण मिशन (एनएनएम) की स्थापना की अनुमति प्रदान की है।

मंत्री श्री कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण मिशन चरणबद्ध तरीके से वर्ष  2017-18 में 315 जिले, वर्ष  2018-19 में 235 जिले और वर्ष  2019-20 में बाकि/शेष जिले में शुरुआत करेगा। वर्ष 2017-18 में शामिल किये गये 315 जिलों में से 18 जिले झारखण्ड राज्य के हैं। राष्ट्रीय पोषण मिशन के पास समय-समय पर समीक्षा करने हेतू सुदृढ़ तंत्र है। देश में बच्चों तथा किशोरियों में कुपोषण की स्थिति स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा समय-समय पर कराये जाने वाले राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण में शामिल है। उन्होंने बताया कि-बच्चों में कुपोषण (5 वर्ष) राष्ट्रीय स्तर एनएफएचएस-4 के अनुसार 35.7 प्रतिशत एवं एनएफएचएस-3 के अनुसार 42.5 प्रतिशत है। बच्चों में कुपोषण (5 वर्ष) झारखण्ड एनएफएचएस-4 के अनुसार 47.8 प्रतिशत एवं एनएफएचएस-3 के अनुसार 56.5 प्रतिशत हैं। किशोरियों  बीएमआई (15-49 वर्ष की आयु वर्ग वाली महिलाएॅ) राष्ट्रीय स्तर एनएफएचएस-4 के अनुसार 22.9 प्रतिशत एवं एनएफएचएस-3 के अनुसार 35.5 प्रतिशत है। किशोरियां बीएमआई (15-49 वर्ष की आयु वर्ग वाली महिलायें) झारखण्ड एनएफएचएस-4 के अनुसार 31.5 प्रतिशत एवं एनएफएचएस-3 के अनुसार 42.9 प्रतिशत है। रक्ताल्पता राष्ट्रीय स्तर एनएफएचएस-4 के अनुसार 53 प्रतिशत एवं एनएफएचएस-3 के अनुसार 55.3 प्रतिशत है। साथ ही रक्ताल्पता झारखण्ड एनएफएचएस-4 के अनुसार 65.2 प्रतिशत एवं एनएफएचएस-3 के अनुसार 69.5 प्रतिशत है।

उन्होंने बताया कि मंत्रालय देश में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए प्रत्यक्ष लक्षित हस्तक्षेपों के रूप में अम्ब्रेला आईसीडीएस स्कीम के अन्तर्गत कई स्कीम और कार्यक्रम जैसे आंगनबाड़ी सेवायें, किशोरियों के लिए स्कीम और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना क्रियान्वित कर रहा है। हाल ही में, सरकार की विभिन्न स्कीमों के पोषण संबंधी मुद्दों को माॅनिटर करने और परामर्श देने के लिए एक सर्वोच्च निकाय के रूप में राष्ट्रीय पोषण मिशन की स्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त मंत्रालय का खाद्य एवं पोषण बोर्ड (एफएनबी) अपनी 43 क्षेत्रीय यूनिटों के साथ प्रदर्शनी, ओडियो-विज्युअल विज्ञान और प्रिंट मीडिया, संतुलित आहार के उपभोग को बढ़ावा देने के लिए व्याख्यान, स्थानीय उपलब्ध खाद्य पदार्थो का इस्तेमाल करते हुए कम लागत वाली पौष्टिक रैसिपी का प्रदर्शन करने के अलावा रोजाना के आहार में फलों एवं सब्जियों को शामिल करना एवं क्षेत्रिय पदाधिकारियों का प्रशिक्षण और बुनियादी स्तर के कार्यक्रर्ताओं के लिए खाद्य संरक्षण में प्रशिक्षण तथा पोषण संबंधी कार्यक्रमोें का आयोजन आदि के माध्यम से राज्यों/संस्थानों के सहयोग से पोषण संबंधी जागरूकता सृजन करने में कार्यरत हैं। परिणाम स्वरूप राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-4) वर्ष 2015-16 की रिपोर्ट के अनुसार देश में कुपोषण के स्तर में कमी आई है।

उपरोक्त जानकारी हमें गिरिडीह संसद श्री रविन्द्र कुमार पाण्डेय जी के निजी सचिव श्री मृत्युंजय कुमार पाण्डेय द्वारा प्राप्त हुई.

धनबाद चंद्रपुरा डीसी लाईन को चालू किया जाय अथवा वैकल्पिक व्यवस्था हो : रविन्द्र पाण्डेय

अग्नि प्रभावित क्षेत्र का हवाला देकर गत 15 जून से बंद धनबाद चंद्रपुरा डीसी लाईन को चालू किया जाय अथवा वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना अगर कोयला निकालने के लिए रेल लाइन को उखाड़ा गया तो बाघमारा विधानसभा क्षेत्र की आम जनता के हित मे संसद से लेकर सड़क तक विरोध किया जायेगा। क्योंकि डीसी लाईन इस क्षेत्र का लाईफ लाइन है। जो लालफीताशाही का शिकार हो गया है।

केन्द्रीय रेल व कोयला मंत्री पियुष गोयल को ज्ञापन सौंपते रविन्द्र पाण्डेय
केन्द्रीय रेल व कोयला मंत्री पियुष गोयल को ज्ञापन सौंपते रविन्द्र पाण्डेय

उक्त दो टूक बातें गिरिडीह सांसद रवींन्द्र कुमार पाण्डेय ने केन्द्रीय रेल व कोयला मंत्री पियुष गोयल से गत सोमवार को दिल्ली मे मिल कर ज्ञापन देते हुए कहा। साथ ही स्मरण कराया कि, विगत दिनों मंत्रालय के निर्देशानुसार उपरोक्त आलोक मे डीजीएमएस,सिमफर, बीसीसीएल, आईएसएम और रेलवे के अधिकारियों के साथ संपन्न संयुक्त बैठक मे निर्णय लिया गया था की उक्त लाइन को तत्काल चालू करने के लिए पुनः सर्वे किया जायेगा।लेकिन स्थिति यथावत है।

विगत दिनों समाचार पत्रों मे छपी खबर का हवाला देते हुए श्री पाण्डेय ने आपत्ति दर्ज किया की क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को विश्वास मे लिए वगैर अथवा वैकल्पिक व्यवस्था के वगैर डीसी रेल लाइन के निचे तथाकथित अग्नि प्रभावित क्षेत्र मे रेल लाइन को उखाड़ कर कोयला निकालने की योजना बनाई जा रही है,जिसके कारण उक्त क्षेत्र के लोगों मे व्यापक आक्रोश है। इसलिए अगर छपी खबर सही है तो,रेल व कोयला मंत्रालय का कार्यभार एक ही मंत्री के पास होने के नाते उक्त योजना पर अविलंब विराम लगाते हुए स्थिति स्पष्ट किया जाय तथा जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर डीसी लाईन चालू अथवा वैकल्पिक व्यवस्था किया जाय।

इसके अलावा श्री पाण्डेय यात्री सुविधा के लिए अनेक ट्रेनों का विस्तार व ठहराव संबंधी सुझाव देते हुए माँग किया कि,डीसी लाइन के बंदी के कारण वर्तमान मे 12831-12832 भुवनेश्वर से बोकारो तक चलने वाला गरीब रथ का भाया गोमो होकर धनबाद तक,63591-63592 आसनसोल बोकारो मेमू पैंसेंजर का गोमो तक,12835-12836 हटिया यशवंतपुर एक्सप्रेस का धनबाद अथवा बोकारो तक,18635-18636 हटिया बैंगलोर कैंट साप्ताहिक एक्सप्रेस का धनबाद तक,13347-13348 बरकाकाना पटना पलामू एक्सप्रेस का विस्तार गोमो तक किया जाय।राँची से भाया बरकाकाना,बोकारो थर्मल,गोमो नई दिल्ली और धनबाद से नई दिल्ली तक हमसफर ट्रेन का परिचालन किया जाय। सप्ताह मे तीन दिन चलने वाली राँची हावड़ा इंटरसिटी तथा राँची आनंद विहार साप्ताहिक ट्रेन की सेवा नियमित किया जाय। तथा महुदा स्टेशन पर 15021-15022 गोरखपुर शालीमार एक्सप्रेस ,18621-18622 पटना राँची पाटलिपुत्र एक्सप्रेस,12282-12283 नई दिल्ली भुवनेश्वर दुरंतो एक्सप्रेस का खानूडीह स्टेशन पर 12815-12816 पुरी नई दिल्ली नंदन कानन एक्सप्रेस का बोकारो थर्मल स्टेशन पर 19413-19414 कोलकाता अहमदाबाद एक्सप्रेस एवं19607-19608 कोलकाता अजमेर एक्सप्रेस का और चंद्रपुरा स्टेशन पर 18103-18104 टाटा अमृतसर जालियांवाला बाग एक्सप्रेस का एवं 22805-22806 भुवनेश्वर नई दिल्ली एक्सप्रेस का ठहराव से डीसी लाईन के बंदी से परेशान यात्रियों को भारी राहत मिलेगी।

साथ ही पुरानी कोलयरीयों को बंद नही करने एवं बंद कोलयरीयों को चालू करने तथा मृत कोयला कर्मियों के आश्रितों को नौकरी देने का कोल इंडिया की वर्तमान निति मे संशोधन नही करने की माँग करते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि सरकारी उपक्रमों का उद्देश्य मात्र मुनाफा कमाना नही रोजगार देना भी है। कोयला कर्मी अपना जान जोखिम मे डाल कर देश मे ऊर्जा की आवश्यकताओं को पूरा करते है। खतरनाक कार्य की श्रेणी मे संलग्न कोयला कर्मी अपने सेवा काल मे प्रदूषण जनित अथवा अन्य असाध्य रोग से ग्रसित हो जाते है। इसलिए केवल धातक दुर्घटनाओं मे उनके आश्रितों को नौकरी देने की निति समाजिक सुरक्षा प्रदान करने की निति के विरुद्ध होगी। रेल व कोयला मंत्री पियुष गोयल ने उपरोक्त सभी माँग को गंभीरता से लेते हुए श्री पाण्डेय को आश्वस्त किया की डीसी लाईन अथवा कोयला कर्मियों के मामले मे क्षेत्रीय सांसदों के सुझावों का अनदेखी नहीं किया जायेगा तथा जनहित व कर्मचारियों के हित मे अंतिम निर्णय लिया जायेगा।

उपरोक्त बातें गिरिडीह लोकसभा सांसद प्रतिनिधि मृत्युंजय पाण्डेय ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बतायीं.

गिरिडीह सांसद ने शून्यकाल में उठाया साक्षरता मिशन से जुड़े लोगों के मानदेय का मामला

गिरिडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय ने गुरूवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान साक्षरता मिशन पर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखण्ड राज्य में साक्षरता मिशन के तहत वर्ष 2000से लोग जुड़े है एवं वर्तमान में इनकी संख्या 50,000 हजार से भी अधिक है। इन्हें वर्ष 2014 से 2,000 रूपया प्रति महीना मानदेय दिया जा रहा है, जो कि एक मनरेगा मजदूर के बराबर भी नहीं है। सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि साक्षरता मिशन में पुरूषो के साथ महिलाओं की भी भागीदारी है।

इनका कार्य लोगों को साक्षर करने के अलावा प्रत्येक पंचायत में चाहे वह जनगणना का मामला हो, मतदाता सूचि पुनरीक्षण कार्य हो, टिकाकरण का मामला हो या स्वच्छता मिशन एवं कैशलेस प्रशिक्षण का कार्य हो अथवा जीवन बीमा आदि ये सभी कार्य इन साक्षरता कर्मियों द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी इन्हें आज तक पहचान-पत्र, चिकित्सा सुविधा, ड्रेस कोड आदि उपलब्ध नहीं है और ना ही इन्हें चिकित्सा भत्ता ही मिलता है। श्री पाण्डेय ने सदन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि इतना ही नहीं इनका वेतन भी 6 महीना से लेकर 2 वर्ष तक बकाया रहता है। उन्होंने कहा कि गिरिडीह संसदीय क्षेत्र के गिरिडीह जिले मेें 24, धनबाद जिलें में 26 एवं बोकारो जिले में 9 महीनो से साक्षरताकर्मी प्रेरकों का मानदेय भुगतान नहीं हुआ है। साथ ही प्रखण्ड एवं जिला स्तर पर कार्यरत बी0पी0एम0 कर्मियों का भी वेतन भुगतान कई महीनों से नहीं हुआ है। जिससे ये सभी भुखमरी के कगार पर है।

सांसद ने कहा कि साक्षरता मिशन में लगे सभी साक्षरताकर्मियों को बेरोजगारी की भी चिंता भी सता रही है, क्योंकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम को राज्य सरकार द्वारा दिसम्बर 2017 के बाद से बंद करने की योजना है। जबकि झारखण्ड राज्य पूर्ण रूप से साक्षर नहीं हुआ है। उन्होंने केन्द्र सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि साक्षरता कर्मियों का मानदेय बढ़ाया जाय और कम से कम इनका वेतन 10 हजार प्रति महिना किया जाय एवं इन्हें ड्रेस कोड, पहचान-पत्र, मेडिकल भत्ता एवं छुट्टी आदि की भी सुविधा मिले। अन्त में उन्होंने केन्द्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि जब तक राज्य पूर्ण रूप से साक्षर नही होता है, तब तक साक्षरता कार्यक्रम को चलाया जाय।

उपरोक्त जानकारी हमें सांसद महोदय के निजी सचिव श्री मृत्युंजय पाण्डेय ने दी.