समाजसेवी चन्द्रदेव सिंह की 9वीं पुण्य तिथि के अवसर पर कंबल वितरण और कवि सम्मेलन का आयोजन

फुसरो बाजार स्थित सब्जी मंडी के समीप समाजसेवी चन्द्रदेव सिंह की 9वीं पुण्य तिथि के अवसर पर कंबल वितरण और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम श्री सिंह के तस्वीर पर मल्यार्पण कर श्रद्धाजंली दी गई। बतौर मुख्य अतिथि सांसद रवीन्द्र कुमार पांडये ने कहा कि स्व0 सिंह ईमानदारी और सादगी के प्रतीक थे, वे अंतिम दिनो तक समाजिक कार्यो में बढ़चढ़ कर भूमिका निभाए थे। विशिष्ट अतिथि इंटक कांग्रेस नेता गिरजाशंकर पांडेय, मधूसूदन प्रसाद सिंह आदि उपस्थित थे।
युवा व्यवसायी संघ फुसरो के अध्यक्ष आर. उनेश ने कहा कि समाज उसी को याद करता है जो समाज के लिए कुछ किये हुए रहता है। उनके अच्छे कर्मो का फल है कि आज इतनी संख्या लोग यहा जुटे है। इस दौरान दर्जनो गरीबो और असहायो के बीच कंबल का वितरण किया गया। मौके पर संत सिंह, फुसरो नगर परिषद् अध्यक्ष नीकंठ रविदास, श्रीकांत मिश्रा, भोजपुरी सम्राट लाखन सिंह, विनोद सिंह, नागेन्द्र सिंह, सत्येन्द्र सिंह, भगवान सिंह, अतुल सिंह, अवधेष सिंह, कवि नितेश श्रीवास्तव ‘सागर’ आदि उपस्थित थे,

 सूत्र / छाया : बेरमो आवाज

राष्ट्रीय कवि संगम धनबाद जिला इकाई द्वारा राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन का आयोजन

दिनांक 21 जनवरी 2018 को आई.एस.एम. धनबाद में राष्ट्रीय कवि संगम धनबाद जिला इकाई द्वारा राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें झारखंड के कुल 108 कवि गणों ने भाग लिया. राष्ट्रीय कवि संगम प्रायः ही ऐसे आयोजनों द्वारा राष्ट्र जागरण का पावन कार्य करता है. युवा और विशेष कर नवोदित कवियों की काव्य शक्ति के बल प्रदान कर उनको संयोजित करने का यह कार्य वास्तविकता में एक सराहनीय कार्य है. इसी क्रम में एक और कड़ी जोड़ते हुए विगत 21 जनवरी को धनबाद में एक और आयोजन किया गया.

इस कवि सम्मलेन में बोकारो जिला इकाई के सम्मानित कवियो ने भी भाग लिया. आयोजन की समाप्ति पर विभिन्न कवियों को उनकी प्रस्तुति एवं रचनाओं के लिए सम्मानित भी किया गया. सम्मेलन में हास्य , श्रृंगार, और वीर रस की कविताओं के साथ साथ देश भक्ति, समाजिक, शिक्षा, बेटी बचाओ और जनजागरण जैसे महत्वपूर्ण और गंभीर मुद्दों पर आधारित कविताओं का पाठ विभिन्न कवियों द्वारा किया गया. राष्ट्रीय कवि संगम झारखण्ड इकाई के प्रांतीय सचिव राजेश पाठक की प्रस्तुति “घर न चाहिए न कोई द्वार चाहिए, देश को ऊंचाईयों का ज्वार चाहिए” कविता को काफी सराहना मिली.

राष्ट्रीय कवि संगम बोकारो जिला इकाई के अध्यक्ष डॉ. श्याम कुमार भारती की “टूटे रिश्तों में जान बाकी हो अगर, प्यार से सींच कर अब हरा कीजिये” आपसी, पारिवारिक और सामाजिक संबंधों पर आधारित कविता काफी सराही गई. बताते चलें कि डॉ. श्याम कुमार भारती राष्ट्रीय कवि संगम के बोकारो इकाई में अध्यक्ष पद पर रहते हुए अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के क्रम को आगे बढाते हुए अपने आस-पास के क्षेत्रों में नवीन कवियों को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य भी कर रहे हैं. फुसरो से इस कवि सम्मलेन में भाग लेने वाले अन्य कवियों में सुनील सिंह, नरेन्द्र प्रताप सिंह, विद्या भूषण मिश्रा एवं टी. डी. नायक प्रमुख थे.

फुसरो में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन

दिनांक ०९.१२.२०१७ दिन शनिवार को संध्या ५ बजे से बेरमो प्रखण्ड के बहुउद्देशीय भवन में राष्ट्रीय कवि संगम बोकारो जिला इकाई और महिला कल्याण समिति ढोरी के सौजन्य से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. राष्ट्र जागरण को लेकर आज की पीढी को नई चुनौती से अवगत कराने के उद्देश्य से आयोजित यह कवि सम्मलेन इस क्षेत्र के लिए एक आदर्श स्थापित कर गया, विभिन्न राज्यों से कुल १४ कवियों द्वारा काव्यपाठ किया गया.

फुसरो में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन
फुसरो में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन : आयोजन सञ्चालन व श्रोताओं को वाणी से बांधते कवि श्याम भारती.

आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ.श्याम कुंवर भारती और महासचिव नितेश सागर के अथक परिश्रम से इस अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का सफल आयोजन किया जा सका, जिसमे में भोपाल के विजय गिरी, कानपुर की अनीता वर्मा, पंजाब के दिनेश देवघरिया, दिल्ली से पंकज झा, रामगढ़ के राकेश नाजुक, सरोज कान्त झा, धनबाद के मुकेश आनंद, बसंत जोशी, राहुल कुमार, पटना से समीर परिमल, रांची से सीमा तिवारी सहित कुल १४ कवि और कवयित्रियों ने भाग लिया.

फुसरो में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन
फुसरो में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन : स्वागत गीत प्रस्तुत करती राम रतन उच्च विद्यालय की छात्राएं.

राम रतन उच्च विद्यालय की छात्राओ द्वारा उपस्थित कवियो का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। तथा छात्राओं ने उनके सम्मान में स्वागत गान भी प्रस्तुत किया. कवि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य- शिक्षा, साहित्य व राष्ट्रीयता की भावना का प्रचार प्रसार करना रहा। मुख्य अतिथि गिरिडीह सांसद रविन्द्र कुमार पांडेय जी के विलम्ब से आने के कारण यह कवि सम्मलेन अपने निर्धारित समय से कुछ देर से प्रारंभ हो सका.

फुसरो में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन
फुसरो में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन : दीप प्रज्वलित करते मुख्य एवं विशिष्ट अतिथिगण

मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्जवलित कर इस कवि सम्मलेन का प्रारंभ हुआ. इस कवि सम्मलेन में राष्ट्रीय स्तर के कवियो ने हास्य रस, वीर रस, श्रृंगार रस की प्रस्तुति करते हुए नारी उत्पीड़न, भ्रष्टाचार आदि विषयों पर कविता के माध्यम से लोगो के समक्ष अपने मंतव्य रखे.

फुसरो में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन
फुसरो में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन : दर्शकों को सम्मोहित करते कवि दिनेश देवघरिया जी.

कवि दिनेश देवघरिया जी ने कविता के माध्यम से कहा कि कविता समाज को दिशा प्रदान करती है. मंच को अपने ही अंदाज में संभालते हुए न सिर्फ श्रोताओं को तालियो के लिए विवश कर दिया बल्कि लोगो को अपनी कविता सुनाकर लोट-पोट भी कर डाला.

फुसरो में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन
फुसरो में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन : कविता पाठ करतीं कानपुर की अनीता मौर्य.

कानपुर से आयी कवियत्रि अनिता मौर्य ने सरस्वती वंदना के द्वारा नारी पर हो रहे अत्याचार पर प्रहार करते हुए कहा कि नारियो को डस रहा ये वासना का डंक. वहीं राकेश नाजुक जी अपनी अस्वस्थता के कारण कविता पाठ नहीं कर सके, जिसका उन्हें मलाल रहा.

फुसरो में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन
फुसरो में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन : कवि बसंत जोशी का स्वागत करते कवि नितेश सागर.

दिल्ली से आये युवा कवि पंकज झा ने संस्कृत में अपनी ही शैली में जब “शनैः-शनैः मम हृदये आगच्छ” प्रस्तुत किया तो सचमुच शनैः-शनैः लोगों के दिलों में अपनी छाप छोड़ गए. भोपाल से आये ‘सूरमा’ कवि विजय गिरि ने अपनी वीर रस की कविता से श्रोताओं का रक्त संचार बढा दिया और पाकिस्तान को शर्मिंदा भी किया, साथ ही ‘भारत माता की- जय” के गगनभेदी उच्चाटन से पूरे सदन को गुंजायमान कर दिया. जहाँ एक ओर कवि सुनिल खवड़े, मुकेश आनंद, राहुल कुमार, राज रामगढ़ी, अमित कुमार आदि ने अपनी कविता से लोगो को मंत्रमुग्ध किया वहीं, बसंत जोशी जी के “चापाकल” ने वाकई सब श्रोताओं की प्यास बुझाई और हंसा-हंसा कर लोट पोट कर दिया.

फुसरो में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन
फुसरो में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन  : श्री गिरिजा शंकर पाण्डेय जी, सम्मलेन को संबोधित करते हुए.

अंत में हमारे इस समाज के अभिभावक स्वरुप श्री गिरिजा शंकर पाण्डेय जी ने सभी कवियों का इस सम्मलेन में आगमन हेतु और कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु योगदान के लिए सम्मान पत्र द्वारा सम्मानित करते हुए धन्यवाद ज्ञापन दिया और इस आयोजन के लिए श्याम भारती जी तथा नितेश सागर जी को बधाई भी दी. अन्य विशिष्ट श्रोतागणों में ज्ञानशिला विद्यालय के निदेशक प्रकाश मिश्रा, उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार, भोजपुरी समाज से लाखन सिंह, वार्ड पार्षद इंदु देवी, भाजपा नगर अध्यक्ष भाई प्रमोद, सनत कुमार सिंह, केदार सिंह, दिलीप गोयल, नीतू गोयल, रोहित मित्तल, सूरज मित्तल, शिव सिन्हा, शिव कुमार, संजय गुप्ता, तथा शक्ति सिंह के अतिरिक्त सभी समाचार पत्रों के संवाददाता तथा ब्यूरो प्रमुख उपस्थित थे.

बस यूँ ही! – ०२

राम-रहीम, गीता न कुरान लिखूंगा,
मैं “सागर” अपनी कलम से सिर्फ हुन्दुस्तान लिखूंगा |

दरिया ने गजब का शौक पाल रखा है,
कश्ती डुबोकर खुद को मौन रखा है |

ऐ कश्ती कहीं और चल,
इस “सागर” का कोई किनारा नहीं |

झील और तुम्हारी इन झील सी आँखों में खो जाने को जी चाहता है,
तुम्हें इस कदर देखकर, कश्ती से उतर जाने को जी चाहता है |

अमीरों के छतों बादलों की साजिशें होती है,
“सागर” फिर गरीबों के घरौंदों पर बारिशें होती हैं |

जलाकर आग सीने में, वे वतन गुणगान करते हैं,
जमे न खून सर्दी में, रब से वो फरियाद करते हैं |

मेरे ख़त को पढ़कर सीने से लगाने तो कभी हटाने की बात समझ नहीं आती,
तुम्हारे रूठ कर फिर मान जाने की बात समझ नहीं आती |
देखकर परदे में छिप जाने तो कभी न देखकर घबराने की बात समझ में नहीं आती,
मेरे दूर जाने पर तुम्हारे इशारों से बुलाने की बात समझ नहीं आती |

तू मेरा होकर भी मेरा हो न सका, ऐसे मेरे अल्फाज हैं,
कैसे कहूं कि तू मेरा हमसफ़र हमराज है |

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: नितेश कुमार श्रीवास्तव “सागर”
  महासचिव, राष्ट्रीय कवि संगम,
  बोकारो इकाई,
मो. 9204729272, 8217202135