कैंडल मार्च – सामाजिक संवेदना एवं शांतिपूर्ण विरोध का पर्याय

आज मंदसौर में दिव्या के साथ हुई दुर्घटना और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और दिव्या के जल्दी स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना के साथ फुसरो बाजार में बरनवाल महिला समिति के द्वारा शांति पूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया जो ब्लाक परिसर स्थित बजरंगबली मंदिर से शुरू होकर भूत बंगला बजरंगबली मंदिर तक गया और वहां से वापस बाजार का भ्रमण करते हुए बजरंगबली मंदिर, बेरमो थाना में आकर समाप्त हुआ। जिसमें दो सौ से ऊपर महिलाओं की सहभागिता हुई। और यह एक अत्यंत सफल कार्यक्रम हुआ। और इसमें हमारे वार्ड पार्षद श्री नीरज पाठक जी भी साथ में थे और व्यवसाई संघ के सचिव प्रत्याशी ओमप्रकाशजी उर्फ राजा साथ चल रहे थे।

बेटियों के समर्थन में और उनके शोषण के विरुध्द शांति पूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन तथा जमकर नारेबाजी की गई, बेटी बचाओ, देश बचाओ, मंदसौर के अपराधियों को फांसी दो, फांसी दो. इस कैंडल मार्च में लड़कियों एवं महिलाओं ने भरी संख्या में भाग लिया. मौके पर कई सम्मानित महिलाओं एवं बच्चियों ने अपने-अपने विचार प्रकट किये, प्रियंका ने कहा – “हमें हर हाल में ऐसी बातों का सामना करना होगा और अपनी आवाज को समाज में उठाना होगा”

हमें प्रशासन के द्वारा भी पूरा सहयोग मिला। बेरमो थाना से एक पीसीआर वैन और सारे लोग हमारे साथ चल रहे थे। इस कार्यक्रम से समाज की सभी क्षेत्र के लोगों ने इस संदेश को जाना और इस घटना से वाकिफ़ हुए। मैं महिला समिति की सदस्यों का विशेषकर बरनवाल महिला समिति की नेत्री त्रय : श्रीमती मंजुरानी बरनवाल, श्रीमती अर्चना बरनवाल और श्रीमती पुष्प बरनवाल (सभी बरनवाल महिला समिति, फुसरो) और विशेष सहयोगी के रूप में बरनवाल समाज फुसरो के चमकते सितारे श्री विनय कुमार बरनवाल जी एवं श्री प्रदीप भारती जी को विशेष आभार व्यक्त करता हूँ। साथ ही बरनवाल युवक संघ, फुसरो की स्थानीय इकाई के सदस्यों को भी, जिन्होंने इस सफल कार्यक्रम का आयोजन किया बहुत-बहुत बधाई देता हूं। धन्यवाद देता हूं। – नीरज बरनवाल, आम्रपाली स्टूडियो, मेन रोड फुसरो.

जिस प्रकार मोमबत्ती जलती जाती है, पिघलती जाती है और अपना प्रकाश पुंज बिखेरती जाती है, मानो एक प्रतीक हो अँधेरे से लड़ने के हौसले का, जैसा अँधेरा हमारे समाज के बीच रह रहे विकृत मानसिकता वालों के मन में भरा है जो आये दिन हमें ऐसी घटनाओं के समाचारों से दो चार होना पड़ता है, उस अँधेरे को दूर करने के लिए हमारी संवेदनाये मोमबत्ती के सामान जलती हैं. हम समाज के सामने आगे आकर अपना विरोध प्रदर्शित करते हैं, कम से कम इससे तो नहीं चूकते, यह अच्छी बात है.

हम उन हर बातों को जिन्हें हम अपनी व्यस्तता के कारण नजरअंदाज कर जाते हैं उसपर भी कभी वैचारिक मंथन के लिए ऐसे ही सामाजिक समितियों को आगे आना होगा और खास कर युवा वर्ग को जो क्या सोचते हैं आज के सामाजिक परिवेश में क्या बदलाव लाना चाहते हैं. उन्हें सोशल मीडिया पर बिताये गए समय और उर्जा का सही प्रयोग करना होगा. सामाजिक गतिविधियों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना होगा, तभी समाज को सही दिशा दिया जा सकेगा. हम क्यों नहीं खुली चर्चा में भाग लें? हम क्यों नहीं ऐसे बैठक और सभाओं का आयोजन करें जिससे कि सभी अपनी बातों को रख सकें और समाज और देश हित की बात कर एक निर्णायक भूमिका निभाएं.

अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन ने लाचार को दी मदद

दिनांक 26 जनवरी 2018 की वह दोपहर यशवंतपुर, कर्नाटक निवासी पांडुरंगप्पा के लिए थोड़ी राहत भरी कही जा सकी क्योंकि वह अचानक ही दीपक तिवारी, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के सामने आ गया और उसकी दशा देख दीपक ने उसकी यथा संभव न सिर्फ मदद की बल्कि और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का काम किया. जिससे और भी लोग उसकी मदद को आगे आये और फिर वह हटिया, रांची के लिए रवाना हो सका ताकि वह वहां से यशवंतपुर के लिए रवाना हो सके.

पांडुरंगप्पा, अपनी टूटी-फूटी हिंदी-अंग्रेजी में जो बता सका उसमें उसने यही बताया कि वह कर्नाटक के किसी मंजुनाथन टांसपोर्ट, जिसका काम गोविंदपुर हाईवे पर चल रहा है, कंपनी के ट्रक में खलासी का काम करता था. किसी बात पर नाराज उस ट्रक के चालक ने इसे रास्ते में ही उतार दिया और छोड़ कर चला गया, और वहीं से भटकता वह आज यहाँ आ पहुंचा.

लोगों ने उसकी सत्यता की जाँच करने के लिए गूगल के जरिये मंजुनाथन ट्रांसपोर्ट का पता लगाया और उसके कार्यालय पर फ़ोन के द्वारा संपर्क करने की कोशिश की पर फ़ोन नहीं लग सका. उसके मतदाता पहचान पत्र को भी सही पाया गया. उसके घर पर फ़ोन से सूचना देने के लिए उसके पास कोई नंबर नहीं था. इसलिए लोगों ने आगे आकर उसके घर यशवंतपुर तक जाने का मार्ग कागज पर लिखकर साथ में दे दिया ताकि आगे वह किसी की मदद लेकर अपने घर तक पहुंच सके.

दीपक आगे बताते हैं कि, वह अपने संगठन को और मजबूती प्रदान करने के लिए लोगों को जोड़ने का प्रयास करते रहते हैं, इसी क्रम में वे ऐसे कार्यों के माध्यम से लोगों जन में चेतना बढाने और साथ साथ लोगों की मदद कर अपने संगठन से जोड़ने के लिए द्रिढसंकल्पित हैं और अभी तक लगभग 40 से भी अधिक लोगों को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन से जोड़ चुके हैं.

तीन घरो का ताला तोड़ कर लाखो की चोरी

बेरमो थाना क्षेत्र के घुटियाटांड निवासी सी.सी.एल. कर्मी विजयकांत चैहान के क्वार्टर से बीती रात लगभग 42 हजार कि एल.ई.डी. टी.वी. चोरी हो गई. वही रेलवे कॉलोनी करगली स्थित मुन्ना सिंह के घर से आभूषण समेत, नगदी लगभग 2 लाख रुपये  की चोरी हो गई, जबकि रेस्ट हाउस काॅलोनी के सेवानिवृत हेड मास्टर जे.एल. दास गुप्ता के पिछले दरवाजे का ताला चोरों द्वारा तोड़ा दिया गया लेकिन चोरी करने का प्रयास विफल रहा.

चोरी की सुचना पाते ही बेरमो पुलिस पहुंची और जाँच में जुट गई. श्री चैहान ने बताया कि बुधवार को पडोसी के द्वारा फोन से सुचना मिली कि घर का ताला तोड़ कर टी.वी. कीचोरी हुई है. विरेन्द्र सिंह ने बताया कि मुन्ना सिंह कि घर में अलमीरा व बक्से का ताला टुटा हुआ पाया गया. कहा कि अलमीरा और बक्से में जेवरात व किमती समान लगभग 2 लाख चोरो ने चुरा लिया.

मुन्ना सिंह के पड़ोसियों ने बताया कि वे औरंगबाद अपने साला के श्राद्ध में गये हुए है. फोन में उन्हे चोरी की सूचना दे दी गई है. समाचार प्राप्त होने तक मुन्ना सिंह यहाँ के लिए चल चुके हैं. विजयकांत चैहान कारो परियोजना में ओवरमैन के पद पर कार्यरत है. चोरी से लोगो में भय व्याप्त है. सूचना पाकर वार्ड पार्षद रश्मि सिंह व अर्चना सिंह पहुंचे, और कहा कि दिन प्रतिदिन चोरी की घटना बढ़ रही है, और इसके जाँच में उपयुक्त परिणाम की आशा व्यक्त की.

संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि, किसी प्रकार चोरों को भनक लग गयी थी कि घर के लोग बाहर गए हुए हैं, घर पूरी तरह से असुरक्षित है, और घर पर माल मिलने की पूरी संभावना है. बीती रात ठंढ अधिक थी, लोग अपने घरों में रजाई में दुबके पड़े थे, बाहर का शोर सुन नहीं पाए और चोरों ने इसी हालात का फायदा उठाया और अपना हाथ साफ कर गये. यह घटना एक सबक है कि आप घर छोड़ कर ऐसे ही निकल नहीं सकते, कीमती सामान विशेष कर गहने और पैसे को किसी सुरक्षित हाथों में सौंप कर ही घर छोड़ कहीं निकलने की सोचें, क्योंकि आपके घर की रखवाली करने आपका पडोसी नहीं आयगा.

छाया / सूत्र : राजेश

बेरमो प्रखंड परिसर में प्रशासन की चेतवानी के बाद भी जारी है जुआ

फुसरो, शहीद निर्मल महतो चौक के पास, सुलभ शौचालय के पीछे, बेरमो प्रखंड कार्यालय के बगल में और बेरमो थाना के सामने प्रखंड कार्यालय के शौचालय के टंकी के ऊपर वर्षों से वहाँ खड़े करने वाले पिक-अप वैन के चालकों और कुछ स्थानीय लोगों द्वारा सरेआम जुआ खेला जाता है.

ऐसा नहीं है कि यह आज कल से खेला जा रहा है वर्षो पूर्व जब बाज़ार में सड़कों का चौडीकरण हुआ था और तब से ही ऑटो व पिक-अप वैन के चालकों ने बेरमो थाना एवं बेरमो प्रखंड के बीच सड़क के किनारे वाहनों को खड़ा करना शुरू किया. उस समय से ही ग्राहक की प्रतीक्षा में खड़े वाहनों के चालकों ने समय व्यतीत करने के लिए सबसे पहले लूडो खेलना शुरू किया. आगे जाकर वही लूडो का खेल शर्तों व रुपयों के खेल में परिणत हो गया जो की अब ताश की पत्तियों से सरेआम खेला जा रहा है.

आस पास लोग नजरें बचा कर गुजरते देखे जा सकते हैं. इस प्रकार खुले में यह खेल सामाजिक संस्कारों के विरुद्ध एक चुनौती के रूप में देखा जाना चाहिए. रोज कई बच्चे जो उस ओर से गुजरते हैं. इस प्रकार के परिवेश का क्या दुष्प्रभाव पड़ सकता है उनके जीवन में किसी को इस बात की चिंता नहीं है. हम समाज के इस रूप को कैसे सहन कर पाते हैं, यह एक विचारणीय विषय-वस्तु है. प्रशासन के नाक के नीचे चल रहे इस खेल को अब तक नहीं रोका जा सका है.

इसे रोकना इसलिए भी आवश्यक है कि जिस स्थान पर यह खेल खेला जाता है वह कोई मनोरंजन स्थल नहीं बल्कि रास्ता है जो कि प्रशासनिक क्षेत्र के परिसीमा में आता है. आने-जाने वालों को यह परिदृश्य कुप्रभावित करता है. यह खेल, खुले में शौच से भी बदतर है जो हमारी मानसिकता को प्रदूषित कर रहा है. ऐसे कृत्यों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाना चाहिए.

विगत दिनों किये गए प्रशासनिक हस्तक्षेप का भी कोई असर नहीं दिखाई दे रहा और खेल बदस्तूर जारी है. यह खेल दिन-ब-दिन जिस प्रकार से गंभीर होता जा रहा है कभी-कभी लड़ाई झगड़े के रूप में तो कभी पी-खाकर गाली-गलौज के रूप में कि उस ओर से किसी भी संभ्रांत का गुजरना मुश्किल हो जाता है. यह समस्या प्रशासन व समाज में मुंह पर मुहांसे के सामान है और एक प्रश्नचिन्ह है. यदि समय रहते इसका हल न निकाला गया तो वह दिन दूर नहीं जब इसका प्रभाव हमारे बाल-बच्चों पर दिखने लगे.

अपेक्षा है कि समाज व प्रशासन की ओर से कुछ आवश्यक कदम उठाये जायेंगे ताकि इस प्रकार की गतिविधियों पर लगाम लग सके.

अवैध शराब के विरुद्ध अभियान में आई तेजी, हुई छापेमारी : तीन गिरफ्तार

विगत दिनों समाचारों में आ रहे विभिन्न खबरों और शिकायतों पर कार्रवाई होती दिखनी शुरू हो गयी है. यह एक स्वस्थ समाज के लिए अच्छा संकेत है. प्रशासन ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि यदि वे अपने पर आ गए तो किसी भी असामाजिक गतिविधि को रोक सकते हैं. इसी सिलसिले में अवैध शराब बिक्रेताओ के विरुद्ध छापेमारी, की गयी और भारी मात्रा में अवैध शराब की बरामदगी की गई, शराब की बोतल सील करने में प्रयुक्त होने वाली मशीन भी बरामद की गयी और साथ ही तीन गिरफ्तारियां भी हुईं.

जब्त की गयी शराब की बोतलें.
जब्त की गयी शराब की बोतलें.

बेरमो थाना के ए.एस.पी. सुभाषचन्द्र जाट के नेतृत्व में अवैध शराब बिक्रेताओ के विरुद्ध छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसमे भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब की बोतलें जब्त की गयी और तीन लोग गिरफ्तार किए गए. बी.टी.पी.एस. स्टेशन के पास राजा बाजार के नीचे टोला से शराब की करीब 100 बोतलें जब्त की गई दुकान का मालिक राजेश रजक फरार हो गया. वहीं स्टेशन के पास ही मोती मोबाइल दुकान से 34 बोतल शराब समेत संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया. जबकि कथारा स्थित झारखंड होटल से 70 बोतल शराब सहित दो बंडल स्टीकर, बोतल सील-बन्द करने के लिए लगभग 130 ढक्कन एवं खाली बोतल बरामद किया गया. उक्त दुकान से मुकेश भुइया को गिरफ्तार किया गया और मालिक फरार बताए जा रहा है. बोकारो थर्मल थाना प्रभारी सह इंसपेक्टर परमेश्वर लियांगी के उपस्थिति में  रविवार की देर रात्रि बोकारो थर्मल एवं कथारा में छापामारी अभियान चला कर यह बड़ी सफलता मिली.

जहाँ एक ओर ए.एस.पी. श्री जाट ने कहा कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्णतः अंकुश लगाया जाएगा, वहीं दूसरी ओर बी.टी.पी.एस. थाना प्रभारी परमेश्वर लियांगी ने बताया कि स्टेशन समीप नीचे टोला स्थित राजेश रजक के घर मे छापामारी के दौरान घर की महिलाओं ने काफी हो हंगामा मचाया जिसे देखते हुए  ए.एस.पी. ने बिना देर किये महिला सिपाही बल मंगवा कर छापेमारी अभियान को जारी रखा. इस अभियान में बोकारो थर्मल थाना प्रभारी सहित गोमिया थाना प्रभारी अनिल शर्मा, एस.आई. उमेश मण्डल, निरंजन पाण्डेय आदि पुलिस बल के जवानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही.

पुलिस की यह सक्रियता निःसंदेह रूप से जहाँ एक ओर प्रशंसनीय है वहीं दूसरी ओर उन सभी असामाजिक तत्वों के विरुद्ध एक सन्देश भी है कि प्रशासन की चुप्पी व सामान्य बर्ताव पर स्वयं को आजाद न समझे व ऐसे कारोबार और धंधों से दूर ही रहें क्योंकि सही मौके को पुलिस कभी नहीं चूकती.

भा.ज.यु.मो. फुसरो द्वारा कार्तिक एस. (एसपी बोकारो) का स्वागत

भारतीय जनता युवा मोर्चा फुसरो द्वारा बोकारो जिला के नए पदस्थापित पुलिस आरक्षी अधीक्षक श्री कार्तिक एस जी का बेरमो थाना में पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया. स्वागतकर्ताओं में मुख्य रूप से भारतीय जनता युवा मोर्चा फुसरो नगर अध्यक्ष बैभव चौरसिया, महामंत्री सुमित सिंह, कोषाध्यक्ष रोहित मित्तल, मिडिया प्रभारी सूरज विश्वकर्मा, बैजू मालाकार, अमित सिन्हा, नीरज सिंह, सियाराम, सतीश श्रीवास्तव आदि सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे.

इस भेंट में सबने अपना-अपना परिचय साझा किया और जनता और पुलिस के साथ मधुर संबधों पर भी चर्चा हुई, बताया गया कि जहाँ एक ओर पुलिस की मुस्तैदी और सक्रियता हर जगह – हर समय आवश्यक है वहीं दूसरी ओर जनता में भी सहयोग की भावना का होना अति आवश्यक है. सामाजिक सुरक्षा रुपी सिक्के के जनता और पुलिस दो अलग-अलग पहलू हैं, किसी एक में भी खोट उसे चलने नहीं देगी.

आज के दौर में संज्ञान लेना सिर्फ पुलिस का ही कर्तव्य नहीं, जनता भी अपने आस-पास की अनियमितताओं की ओर पुलिस का ध्यानाकर्षण करा सकती है. शिकायत और केस के निपटारे में जन-सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता. वैसे भी अदालतों में लंबित पड़े मामले निपटने में समय की आवश्यकता है जो कम पड़ रही है. ऐसे में जन-सहयोग और आपसी-सुलह एक अच्छा विकल्प बन सकता है जिसमे पुलिस और जनता की सक्रियता अनिवार्य है.

एस.पी. महोदय ने अधिक समय न लेते हुए कहा कि “आज मर्डर मिस्ट्री सुलझाने आया हूँ, फिर आप सभी के सहयोग से पूरे जिले में सुशासन कायम करना है”.

सनद रहे कि बीती रात सी.सी.एल. ढोरी प्रक्षेत्र के कल्याणी कांटा में ड्यूटी के दौरान 15 -20 की संख्यां में पहुंचे अज्ञात अपराधियों ने सी.आई.एस.एफ. हेड कांस्टेबल आर.के. प्रसाद की हत्या कर दी थी.