रिजेक्टेड कोल सेल बनाम सलेक्टेड कोल सेल, हादसा : नरगिस खातून की मौत का जिम्मेवार कौन?

नरगिस खातून की मौत का जिम्मेवार कौन? घटना के बाद प्रबंधन ने रिजेक्ट सेल बंद किया. अवैध वसूली प्रतिमाह करोड़ों में. क्या एक युवती की मौत की कीमत 50 हजार रुपये है?

सी.सी.एल. बी.एंड के. प्रक्षेत्र के करगली वाशरी परियोजना के बालू बैंकर स्थित रिजेक्ट सेल प्वांट में चाल धसने से हुई मौत- नरगिस खातून की मौत का आखिर जिम्मेवार कौन है? बार-बार हो रही घटना के बाद भी आखिर प्रशासन व प्रबंधन चुप क्यों है। बालू बैंकर स्थित रिजेक्ट सेल में अब तक लगभग तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके है। कोयला उठाव को लेकर प्रबंधन के सेफ्टी विभाग आखिर क्या कर रहा था? सुरक्षा मापदंड की धज्जियां उड़ाई जा रही है, घटना के बाद आखिर मामले को क्यो दबाने का प्रयास किया जाता है। पता नहीं चलता है कि रिजेक्ट सेल सी.सी.एल. प्रबंधन चला रही है, या लोकल कमेटी के द्वारा संचालित किया जा रहा है। सच्चाई तो यही है कि स्थानीय ग्रामीण महिला कोयला स्वयं नही चुनती है, बल्कि सेल कमेटी के द्वारा बाहर से लेबर बुलाकर अच्छे क्वालिटी के कोयला को चुनवाया जाता है, जिसको बाद में ट्रक में लोड कर दूसरे स्थान पर भेजा जाता है।

जहाँ शुक्रवार को हुई घटना में नरगिस खातून की मौत हो गयी वहीं एतवारी देवी, व फतिमा खातून गंभीर रूप से घायल हो गयी। इधर यहीं पूर्व में घटी घटना में रिजेक्ट सेल के मापदंड के उल्लंघन के आरोप में पूर्व पी.ओ. ए.एल. सिंह को प्रबंधन के द्वारा चार्जसीट किया है। वहीं पूर्व जी.एम. अनुराग कुमार व पी.ओ. डी. सिंह सेल ऑफिसर एस.के. सिन्हा को स्थानांतरित किया गया था। वहीं वाशरी के दो क्लर्क श्यामलाल सिंह व शरण सिंह राणा को तीन वर्ष पूर्व नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। क्या वर्तमान पी.ओ. के ऊपर भी गाज गिर सकती है?

अवैध वसूली का अड्डा बना रिजेक्ट सेल-
रिजेक्ट कोयले के उठाव में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ायी जाती है। उक्त डिपो से केवल हाईवा के माध्यम से कोयले का उठाव किया जाना है, साथ ही लोडींग पेलोडर से होनी है, लेकिन यहां अनाधिकृत ट्रक मालिकों के द्वारा स्थानिय लोगों से औने-पौने दाम पर चुना हुआ कोयला (Rejected Coal converted to Selected Coal) खरीदा जाता है जो बाहर की मंडियों में महंगे दामो में बेची जाती है। सेल में ट्रक लगाने से लेकर कोयला लेकर निकलने तक कि प्रक्रिया में स्थानीय माफिया तत्व की भूमिका अहम होती है। ट्रक चालकों से बकायदा मोटी रकम की अवैध वसूली की जाती रही है।

रिजेक्ट सेल में प्रतिमाह 72 लाख तक का घालमेल-
सूत्रों की माने तो रिजेक्ट कोल के अवैध वसूली में प्रबंधन, पुलिस, सहित प्रेस प्रतिनिधियो को भी कमेटी के द्वारा मैनेज किया जाता है। यदि प्राप्त आकड़ों की माने तो प्रति दिन करीब 120 ट्रक लोडिंग होती है। प्राप्त सूचना के अनुसार प्रति ट्रक 2 हजार तक की वसूली की जाती रही है, तो उस हिसाब से प्रति दिन 2 लाख 40 हजार की अवैध वसूली की जा रही है. प्रतिमाह लगभग 72 लाख का घालमेल रिजेक्ट सेल में किया जाता है। प्रति दिन 120 ट्रकों की जो लोडिंग होती है उस अवैध वसूली में  दो लोकल कमेटी का हिस्सा होता है।

सी.सी.एल. बी.एंड के. प्रक्षे़त्र के जी.एम. रामविनय सिंह ने कहा कि रिजेक्ट कोल का उठाव पेलोडर से ही करना है। टेंडर लेने वाले संवेदको को इसका अनुपालन हर -हाल में करना होगा।

: लेखक प्रतिष्ठित समाचार पत्र में संवाददाता हैं , एवं यह उनके निजी विचार हैं.

रिजेक्ट कोल हादसा : आखिर कब तक भुगतेंगे खामियाजा?

सी.सी.एल बी.एंड के. प्रक्षेत्र के करगली वाशरी अंर्तगत बालू बैंकर के समीप दामोदर नदी स्थित रिजेक्ट कोल डीपो में कोयला चुनने के दौरान चाल धसने से हुए हादसे में हुई मौत की जिम्मेवारी आखिर कौन लेगा?

इस घटना ने एक बाद सिद्ध कर दिया है कि अभी भी समाज का एक तबका ऐसा है जो इस तरह के काम से अपना जीवन यापन करता है. पेट-पालन के नाम पर उनके इस मजबूरी का फायदा उठा कर उसकी आड़ में अपना उल्लू सीधा करने वालों पर कार्रवाई होना जरुरी है ताकि ऐसे असुरक्षित वातावरण में काम करने वालों को सुरक्षा अथवा हादसे में उचित मुआवजा आदि मिल सके. अव्वल तो ऐसे स्थानों का खुलेआम होना ही गलत है पर जहाँ एक ओर इस ढेर से जिन्हें फायदा पहुंच रहा है उनकी जिम्मेवारी नहीं बांटी कि बिना सुरक्षित तरीके अथवा इन्तेजाम के ऐसे काम कराये जाते हैं और दुर्घटना के बाद गधे के सींग की तरह गायब हो जाते हैं. जरुरत है प्रशासन को सख्त रवैया अपनाने का ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके, वरना आये दिन इसकी पुनरावृत्ति होगी और हमें ऐसे वारदातों की खबर मिलती रहेगी इससे इंकार नहीं किया जा सकता है.

बेरमो थाना अंतर्गत सी.सी.एल. बी.एंड के. प्रक्षेत्र के करगली वाशरी के सिंगारबेडा के बालू बैंकर स्थित रिजेक्ट कोल डंप में शुक्रवार 29/12/2017 को चाल धंसने से एक युवती की दर्दनाक मौत एवं दो महिला घायल हो गई. घटना में भेड़मुक्का बस्ती निवासी गुलाब अंसारी के 20 वर्षीय पुत्री नरगिस खातून की मौत हो गई. वहीं बिक्कू मियां की पत्नी फातमा बीबी व शनिचर तुरी की पत्नी एतवारी देवी घायल हो गई. घटना के बाद स्थानीय लोगों द्वारा नगरिस को कोयले के ढेर से बहार निकाल इलाज हेतु केंद्रीय अस्पताल ढोरी पहुंचाया गया. जहां  चिकित्सक डाॅ. ए. डाँन  ने मृत घोषित कर दिया. घटना के संबंध में बताया जाता है कि वाशरी रिजेक्ट कोल में दर्जनों महिलाएं कोयला चुनने का काम कर रही थी. तभी 30-40 फीट ऊँचा चाल अचानक धंस गया. जिसमें फातीमा बीबी व नरगिस कोयले की ढेर में दब गई. जिसके बाद अन्य महिलाओं के द्वारा हो हल्ला किये जाने के बाद कुछ लोगों के घटना स्थल पर पहुंच फतीमा बीबी को किसी तरह कोयले की ढेर से बाहर निकाला. परंतु नरगिस को निकालने में असफल रहे, जिसके बाद पोकलेन के मदद से कोलये की मलबा का हटा कर नरगिस को बाहर निकाला जा सका. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चास भेज दिया. देर शाम को पुलिस ने नरगिस के शव को उसके परिजनों को सौप दिया.

मौके पर उपस्थित लोग व अधिकारी
घटनास्थल पर उपस्थित प्रबंधन व प्रशासनिक अधिकारी.

घटना की सूचना पाकर बेरमो एस.डी.एम. प्रेम रंजन, ए.एस.पी. सुभाषचंद्र जाट, बेरमो सी.ओ. एम.एन. मंसूरी, बेरमो थाना प्रभारी नवल कुजूर आदि ने घटना स्थल पर पहुंच हादसे का जायजा लिया. सूचना पाकर काफी संख्या में लोग अस्पताल पहुँच कर मुआवजा की मांग करने लगे। मुआवजे के तौर पर 50 हजार रुपये देने का आसवासन दिया गया और तत्काल 10 हजार रुपये परिजनो को दिये गये।

रिजेक्ट सेल में रोजाना दर्जनों हाईवा व ट्रक द्वारा कोयले की ढुलाई होती है। यहां कोयला को मजदूरों द्वारा चुनकर वाहनों में लोड किया जाता है। कोयला चुनने के लिए सैकड़ों महिला- पुरुष इस कार्य में लगे हुए है। बालू बैंकर में जमे रिजेक्ट कोल का उठाव प्रबंधन द्वारा नियमों को ताक पर रख कर कराया जा रहा है. नियम के तहत कोल का उठाव पे-लोडर के माध्यम से किया जाना होता है. इसके वाबजूद स्थानीय महिलाएं व युवतियों के द्वारा रिजेक्ट कोल में जमा ढेर से गुणवत्ता युक्त कोयला चुनवाया जाता है. प्राप्त सूचना के अनुसार कमेटी के द्वारा ट्रक से 1400 सौ रूपये और हाईवा से दो हजार रुपये प्रति ट्रक की अवैध वसूली की जाती रही है।

वर्षो पूर्व यहां टीलेनुमा रिजेक्ट कोल हाईवाल की शक्ल अख्तियार करने के बावजूद अच्छे क्वायलिटी के कोयला चुनकर निकालने के लिए महिला, युवती व पुरूष मजदूर का जमावड़ा लगा रहता है. कोयला चुनकर उठाव कराने का यह गोरख-धंधा यहां खुलेआम चल रहा है. जिसका संचालन कुछ स्थानीय लोगों द्वारा कराया जाता है. जिसके एवज में यहां से कोयला उठाव करने वाले से बिडिंग रेट के अलावे बंधी-बधाई मोटी राशि की वसूली भी की जाती रही है.

इससे पूर्व 26 अप्रैल 2015 को चाल धंसने से कमलेश महतो की 35 वर्षीय पत्नी उमा देवी व एक अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई थी. जिसके बाद स्थानीय लोगों के द्वारा उपचार हेतु केंद्रीय अस्पताल ढोरी पहुंचाया गया जहां से उसे धनबाद रेफर कर दिया गया. पिछले माह 2 नवंबर बबीता देवी जलावन कोयला चुनने के दौरान चाल धसने से घायल हो गई थी। लगभग तीन वर्ष पूर्व यहां पर चाल धसने से दो महिला की मौत हो चुकी है। इस दौरान भी प्रबंधन को काफी फजीहत का सामना करना पड़ा था। वहीं बालू बैंकर रिजेक्ट सेल में कोयला चुनने के दौरान आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके है। शुक्रवार को रिजेक्ट कोल लोड करने के लिए 195 ट्रक गई थी। जिसमे 125 ट्रक लोड हुआ था, घटना होने के बाद 70 ट्रक खाली वापस लौटायी गई।

रिजेक्ट कोल हादसे में हुई शर्मसार प्रशासन की खुली पोल
रिजेक्ट कोल हादसे में शर्मसार प्रबंधन और प्रशासन की खुली पोल, दिया जाँच और कार्रवाई का दिलासा

इस संबध में पी.ओ. टी.एन. शर्मा ने कहा कि घटना की जानकारी मुझे मिली है। घटना की पुर्नावृति न हो इसके लिए सुरक्षा का पुरा प्रबंध किया जायेगा। घटना दुखद है। कमिटि के द्वारा परिजनो को मुआवजा दी गई। सी.सी.एल. गार्ड को तैनात किया गया है, लेकिन स्थानीय ग्रामीण अतिक्रमण किये रहते है। इधर बी.एम.एस. के ढोरी क्षेत्रीय सचिव विकास कुमार ने कहा कि स्थानिय प्रशासन व प्रबंधन की लापरवाही के कारण घटना घट रही है। उन्होने उच्च स्तरीय जाँच कि मांग की है। मौके पर वार्ड पार्षद जसीम रजा, जिला अध्यक्ष जगरनाथ राम, झामुमो नेता बैजनाथ महतो, देवीदास, मदन महतो, दिपक महतो, कमलेश महतो, बीरन लोहार, उदय गुप्ता, सुरजित चक्रवर्ती, नरेशतो, रेहाना राज, संतोष महतो आदि उपस्थित थे।

छाया / सूत्र : राजेश “बेरमो आवाज”