कैंडल मार्च – सामाजिक संवेदना एवं शांतिपूर्ण विरोध का पर्याय

आज मंदसौर में दिव्या के साथ हुई दुर्घटना और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और दिव्या के जल्दी स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना के साथ फुसरो बाजार में बरनवाल महिला समिति के द्वारा शांति पूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया जो ब्लाक परिसर स्थित बजरंगबली मंदिर से शुरू होकर भूत बंगला बजरंगबली मंदिर तक गया और वहां से वापस बाजार का भ्रमण करते हुए बजरंगबली मंदिर, बेरमो थाना में आकर समाप्त हुआ। जिसमें दो सौ से ऊपर महिलाओं की सहभागिता हुई। और यह एक अत्यंत सफल कार्यक्रम हुआ। और इसमें हमारे वार्ड पार्षद श्री नीरज पाठक जी भी साथ में थे और व्यवसाई संघ के सचिव प्रत्याशी ओमप्रकाशजी उर्फ राजा साथ चल रहे थे।

बेटियों के समर्थन में और उनके शोषण के विरुध्द शांति पूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन तथा जमकर नारेबाजी की गई, बेटी बचाओ, देश बचाओ, मंदसौर के अपराधियों को फांसी दो, फांसी दो. इस कैंडल मार्च में लड़कियों एवं महिलाओं ने भरी संख्या में भाग लिया. मौके पर कई सम्मानित महिलाओं एवं बच्चियों ने अपने-अपने विचार प्रकट किये, प्रियंका ने कहा – “हमें हर हाल में ऐसी बातों का सामना करना होगा और अपनी आवाज को समाज में उठाना होगा”

हमें प्रशासन के द्वारा भी पूरा सहयोग मिला। बेरमो थाना से एक पीसीआर वैन और सारे लोग हमारे साथ चल रहे थे। इस कार्यक्रम से समाज की सभी क्षेत्र के लोगों ने इस संदेश को जाना और इस घटना से वाकिफ़ हुए। मैं महिला समिति की सदस्यों का विशेषकर बरनवाल महिला समिति की नेत्री त्रय : श्रीमती मंजुरानी बरनवाल, श्रीमती अर्चना बरनवाल और श्रीमती पुष्प बरनवाल (सभी बरनवाल महिला समिति, फुसरो) और विशेष सहयोगी के रूप में बरनवाल समाज फुसरो के चमकते सितारे श्री विनय कुमार बरनवाल जी एवं श्री प्रदीप भारती जी को विशेष आभार व्यक्त करता हूँ। साथ ही बरनवाल युवक संघ, फुसरो की स्थानीय इकाई के सदस्यों को भी, जिन्होंने इस सफल कार्यक्रम का आयोजन किया बहुत-बहुत बधाई देता हूं। धन्यवाद देता हूं। – नीरज बरनवाल, आम्रपाली स्टूडियो, मेन रोड फुसरो.

जिस प्रकार मोमबत्ती जलती जाती है, पिघलती जाती है और अपना प्रकाश पुंज बिखेरती जाती है, मानो एक प्रतीक हो अँधेरे से लड़ने के हौसले का, जैसा अँधेरा हमारे समाज के बीच रह रहे विकृत मानसिकता वालों के मन में भरा है जो आये दिन हमें ऐसी घटनाओं के समाचारों से दो चार होना पड़ता है, उस अँधेरे को दूर करने के लिए हमारी संवेदनाये मोमबत्ती के सामान जलती हैं. हम समाज के सामने आगे आकर अपना विरोध प्रदर्शित करते हैं, कम से कम इससे तो नहीं चूकते, यह अच्छी बात है.

हम उन हर बातों को जिन्हें हम अपनी व्यस्तता के कारण नजरअंदाज कर जाते हैं उसपर भी कभी वैचारिक मंथन के लिए ऐसे ही सामाजिक समितियों को आगे आना होगा और खास कर युवा वर्ग को जो क्या सोचते हैं आज के सामाजिक परिवेश में क्या बदलाव लाना चाहते हैं. उन्हें सोशल मीडिया पर बिताये गए समय और उर्जा का सही प्रयोग करना होगा. सामाजिक गतिविधियों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना होगा, तभी समाज को सही दिशा दिया जा सकेगा. हम क्यों नहीं खुली चर्चा में भाग लें? हम क्यों नहीं ऐसे बैठक और सभाओं का आयोजन करें जिससे कि सभी अपनी बातों को रख सकें और समाज और देश हित की बात कर एक निर्णायक भूमिका निभाएं.

Teachers Required – शिक्षकों की आवश्यकता

TEACHERS  REQUIRED

A renowned school system in ADSSVM (Anpati Devi Saraswati Shishu Vidya Mandir), Phusro invites qualified and experienced candidates for primary teacher (Female, preferably unmarried).

Interested candidates may appear for a written test on 29th of March 2018 at 10:00AM with their resume, and may also frequent in English Reading, Writing and Speaking

S/d
Principal
Mobile:
9546634081
9470356696

शिक्षकों की आवश्यकता

शहर के एक प्रतिष्ठित विद्यालय अनपति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, फुसरो में सुशिक्षित एवं अनुभवी सह अंग्रेजी सुलभ प्राथमिक स्तर के लिए शिक्षक (लड़की/महिला, अविवाहित को प्राथमिकता) की आवश्यकता है.

इच्छुक अभ्यर्थी अपने संक्षिप्त परिचय के साथ दिनांक 29-03-2018 को सुबह 10:00 बजे से आ सकते हैं.

ह./प्र.
प्रधानाध्यापक
संपर्क सूत्र
9546634081
9470356696

भ्रष्टाचार को ख़त्म करने के लिए किस अवसर की तलाश है आपको?

छाया : बेरमो आवाज

मकोली स्थित उत्क्रमित विद्यालय के पास बी.आर.सी. भवन से रविवार की सुबह एंटी करप्शन ब्यूरो की धनबाद टीम ने बेरमो प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी महेन्द्र सिंह (फाइल फोटो) को 40 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर अपने साथ धनबाद ले गई। एसीबी की टीम ने यह कार्रवाई मनबहादुर थापा नामक एक ठेकेदार के शिकायत पर की है। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार बिल पास करने के एवज में बीईईओ सिंह ने ठेकेदार थापा से डेढ़ लाख रुपए की मांग की थी। पर थापा ने 40 हजार फ़िलहाल देने की बात कही और जिसकी शिकायत थापा ने एसीबी धनबाद की टीम से किया। जिसके बाद एसीबी की टीम रविवार की सुबह मकोली पहुंची, इधर पूर्व निर्धारित समय पर रकम लेकर ठेकेदार थापा भी पहुंचे और जैसे ही  मकोली स्थित बीआरसी भवन में उक्त राशि  बीईईओ महेन्द्र सिंह को दिया, वहीं सादे लिबास में पहले से बैठे एसीबी की टीम ने धर दबोचा। गिरफ्तार महेन्द्र सिंह बेरमो (वन) के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हैं तथा इसके पहले नावाडीह में पदस्थापित थे.

कहा जाता है कि दान जितना गुप्त होता है दानी को उतना ही पुण्य प्राप्त होता है और दान जो दिखावे के साथ होता है वह आडम्बर होता है. अब तर्क यह है कि गुप्त दान करने वाले यदि फल की इच्छा और पुण्य मात्र की प्राप्ति से उत्साहित हो कर दान करते हैं तो वह भी लालसा की श्रेणी में आ जाता है और निष्फल हो जाता है. सार यह है कि दान भी एक कर्म है जिस प्रकार आप अन्य कर्मो का साधन करते हैं. यह एक प्रक्रिया है जो आपके सामाजिक उत्तरदायित्व को एक स्थान प्रदान करती है समाज में.

कर्म को प्रधानता उसके नैतिक व आदर्श मूल्य के स्तर पर दिया  जाना चाहिए और इच्छा से व्युत्पन्न अवसाद से स्वयं को दूर रखना चाहिए. इच्छा का होना महत्वपूर्ण न होकर कैसी इच्छा है यह अधिक विचारनीय होना चाहिए. इच्छा कर्म को प्रेरित करती है, सत्कर्म आपके व्यक्तित्व का निर्माण करती है. अवसर आपकी निष्ठा की परीक्षा लेती है, यह नहीं कि अवसर मिला तो आप ईमानदारी का बिगुल बजा रहे और अवसर मिला तो अपना उल्लू भी सीधा करने से नहीं चूके.

यूँ तो अवसर की तलाश सबों को होती है, परन्तु यह कि अवसर प्राप्त होने पर उसको उपयुक्तता के साथ प्रयुक्त भी कर सकें, क्षमता किन्ही विशिष्ट आत्माओं में ही होती है. अवसर का होना किसी विशेष कर्म के निष्पादन के लिए उपयुक्त है अथवा नहीं यह पूर्ण रूप से उसके एकाधिक लाभुकों के संख्या बल से निर्धारित होना चाहिए न कि अपनी क्षमता का अनुचित लाभ लेकर स्वहित साधन कर अनैतिक रूप से प्रयुक्त किया जाये.

आप अफसर थे, आपके स्वयं को सौंपे गए कार्य के प्रति उत्तदायी बना कर पदस्थापित किया गया. उसके बदले में सरकार वह हर लाभ दे रही है जिसके आप पदानुकुल अधिकारी थे. आपने गलत को सही करने के लिए पैसे लेने शुरू किये तो सही लोगों को लगा आप गलत कर रहे हैं. जब आपने सही लोगों को भी पैसे देने के लिए विवश किया तो एक बार फिर उनको लगा कि आप गलत कर रहे हैं. जब कभी शायद आपको विवश किया गया हो गलत करने के लिए तो आप नहीं रुके और न ही रोका अपितु आप अवसर का लाभ प्राप्त करते चले गए. अब ऐसे में यह दिन देखने के लिए तैयार होंगे आप शायद, परन्तु इस घटना से एक बात तो स्पष्ट है कि लोग अब विरोध तो करेंगे.

इन सब बातों से एक और बात निकलती है कि क्या कभी आपने उनकी बातों का मान न रखा हो, और उन्होंने कसम उठा ली हो कि आपको सही जगह पहुंचा देंगे. या फिर वास्तव में वे आपसे और आपके रवैये से त्रस्त हो गए होंगे और आप अपने ही कर्म के जाल में फंस गए. जो भी हो इतना तो पक्का है कि उच्चाधिकारियों ने आपको पकड़ा है, वैसे लोगों ने जिन्होंने शपथ ली है ऐसे ही कर्मो को रोकने की तो आप अपनी शपथ क्यों भूल गए थे, जो आपके संस्थान ने आपको दिलाई हुई थी.

फुसरो ओवरब्रिज पर हो सकता था बड़ा हादसा, पलटा ट्रक

राकेश मिश्रा की स्पेशल रिपोर्ट :

बीते देर रात निर्मल महतो चौक से होते हुए डुमरी की ओर जाने के क्रम के 2mm टी.एम.टी. से लदा एक अशोक लीलैंड ट्रक (नंबर RJ-19-GF-2087) जैसे ही ओवरब्रिज पर चढ़ा और चढ़ते ही मुड़ा, वह पलट गया और सरिया के कुछ छल्ले हाई मास्ट लाइट के पास जा गिरे, ट्रक तो लटक गया पर नीचे भीड़ नहीं थी इसलिए बस एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया.

समाचार लिखे जाने तक दामोदर नदी हिंदुस्तान पुल से लेकर पूरे नया रोड और उधर ओवरब्रिज पार चपरी तक भयंकर जाम की स्थिति बनी है प्रशासन की मुस्तैदी बनी है और एम्बुलेंस को रास्ता दिया जा रहा है. क्रेन की सहायता से एक-एक कर सरिया के छल्लों को नीचे किया जा रहा है, ट्रक को हटाने की कवायद जारी है, पर ट्राफिक खुलने कुछ वक्त लग सकता है.

हो सकता था बड़ा हादसा. फुसरो का यह इलाका काफी भीड़-भाड़ वाला होता है, प्रायः ही यहाँ से बड़ी-बड़ी गाड़ियाँ और भारी वाहनों का आवागमन बदस्तूर जारी रहता है, ऐसे में कभी भी इस प्रकार का हादसा हो सकता है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है. चढ़ाई पर तेजी से बिना अपना पिकअप खोये चढ़ने के क्रम में और तेजी में मुड़ने के कारण हुआ यह हादसा.

शुरू से ही इस ओवरब्रिज की इंजीनियरिंग को लेकर सवाल उठते रहे हैं, कि इसकी ड्रापिंग सही नहीं है. पर हमारे कंस्ट्रक्शन करने वाली कंपनी को इससे क्या मतलब जैसे-तैसे मार्च तक कोटा पूरा करना था इसलिए आनन फानन में ओवरब्रिज पूरा कर डाला. भीड़-भाड़ होने से बड़ी गाड़ियों की रफ्तार काम ही रहती है तो अब तक आसानी से काम चलता आया. पर इन दिनों इस मार्ग पर आवाजाही बढ़ी है. यह सड़क N.H.-2 G.T. Road से जुड़ी रहने के कारण इस पर अवागमन बहुत ही ज्यादा है.

फुसरो में संत रैदास की जयंति मनायी गयी

फुसरो पुराना बीडीओ आफिस के राजा बंगला स्थित विवाह मंडप में बुधवार को अखिल भारतीय रविदास महासंघ के तत्वधान में गुरू रैदास की जयंति समारोह मनायी गयी। इस दौरान बेरमो प्रखंड मुख्यालय से गाजे बाजे के साथ विशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस में सैकडों महिला-पुरूष व बच्चों ने भाग लिया। समारोह की शुरूआत रैदास के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष गोवर्धन रविदास व संचालन सुधीर राम ने किया । यहां मुख्य अतिथि फुसरो नगर परिषद अध्यक्ष नीलकंठ रविदास ने कहा कि संत रैदास सिर्फ जाति-समाज के नहीं बल्कि मानव जगत के कल्याण की बातें समाज को बतायी। उन्होने अपने समय के ब्राहमणों को तर्क में पराजित कर संत की उपाधी प्राप्त की थी। इनके ज्ञान प्राप्त कर मीरा बाई कृश्ण की परम भक्त हो गयी। वक्ता ने कहा कि संत रैदास व बाबा भीमराव अंबेदकर के विचारों से ही समाज व देश का कल्याण है। मौके पर बालदेव रविदास, गोपाल रविदास, फुलचंद रविदास, हिरालाल रविदास, निर्मल रविदास, सुरज पासवान, राजेश राम, आदि मौजूद थे।

संत गुरु रविदास जी

रैदास नाम से विख्यात संत रविदास का जन्म सन् 1388 (इनका जन्म कुछ विद्वान 1398 में हुआ भी बताते हैं) को बनारस में हुआ था। रैदास कबीर के समकालीन हैं। रैदास की ख्याति से प्रभावित होकर सिकंदर लोदी ने इन्हें दिल्ली आने का निमंत्रण भेजा था। मध्ययुगीन साधकों में रैदास का विशिष्ट स्थान है। कबीर की तरह रैदास भी संत कोटि के प्रमुख कवियों में विशिष्ट स्थान रखते हैं। कबीर ने ‘संतन में रविदास’ कहकर इन्हें मान्यता दी है। मूर्तिपूजा, तीर्थयात्रा जैसे दिखावों में रैदास का बिल्कुल भी विश्वास न था। वह व्यक्ति की आंतरिक भावनाओं और आपसी भाईचारे को ही सच्चा धर्म मानते थे। रैदास ने अपनी काव्य-रचनाओं में सरल, व्यावहारिक ब्रजभाषा का प्रयोग किया है, जिसमें अवधी, राजस्थानी, खड़ी बोली और उर्दू-फ़ारसी के शब्दों का भी मिश्रण है। रैदास को उपमा और रूपक अलंकार विशेष प्रिय रहे हैं। सीधे-सादे पदों में संत कवि ने हृदय के भाव बड़ी स़फाई से प्रकट किए हैं। इनका आत्मनिवेदन, दैन्य भाव और सहज भक्ति पाठक के हृदय को उद्वेलित करते हैं। रैदास के चालीस पद सिखों के पवित्र धर्मग्रंथ ‘गुरुग्रंथ साहब’ में भी सम्मिलित हैं। कहते हैं मीरा के गुरु रैदास ही थे।

 

रैदास के पद :
अब कैसे छूटे राम रट लागी।
प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी, जाकी अँग-अँग बास समानी॥
प्रभु जी, तुम घन बन हम मोरा, जैसे चितवत चंद चकोरा॥
प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती, जाकी जोति बरै दिन राती॥
प्रभु जी, तुम मोती, हम धागा जैसे सोनहिं मिलत सोहागा॥

रैदास के दोहे :
जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात।
रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात।।

रैदास कनक और कंगन माहि जिमि अंतर कछु नाहिं।
तैसे ही अंतर नहीं हिन्दुअन तुरकन माहि।।

हिंदू तुरक नहीं कछु भेदा सभी मह एक रक्त और मासा।
दोऊ एकऊ दूजा नाहीं, पेख्यो सोइ रैदासा।।

रैदास की साखियाँ :
हरि सा हीरा छाड़ि कै, करै आन की आस ।
ते नर जमपुर जाहिँगे, सत भाषै रैदास ।। १ ।।

अंतरगति रार्चैँ नहीं, बाहर कथैं उदास ।
ते नर जम पुर जाहिँगे, सत भाषै रैदास ।। २ ।।

रैदास कहें जाके ह्रदै, रहै रैन दिन राम ।
सो भगता भगवंत सम, क्रोध न ब्यापै काम ।। ३

कोल इंडिया को करारा जवाब देने की जरूरत है : लखनलाल महतो

श्रम कानून में बदलाव सहित कोयला मजदूरों पर हो रहे हमले के विरोध में मंगलवार को संयुक्त श्रमिक संगठन की तत्वाधन में चार नम्बर जरीडीह मोड़ में एक सत्याग्रह स्वरुप आंदोलन किया गया। श्रमिक संगठन एटक से संबद्ध यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन (यू.सी.डब्लू.यू)  के राष्ट्रीय महामंत्री लखनलाल महतो ने कहा कि जिस तरह तेजी से केंद्र सरकार व कोल इंडिया द्वारा श्रम कानून में बदलाव की जा रही है उससे कोयला मजदूर ठेका मजदूर के सामने आने वाला समय मे बड़ी समस्या उत्पन हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मजदूरों के समस्या पर सभी श्रमिक संगठन को एकजुटता का परिचय देकर सरकार व कोल इंडिया को करारा जवाब देने की जरूरत है, और आवश्यकता पड़ने पर इस आन्दोलन को देशव्यापी आन्दोलन का रूप दिया जायगा ताकि श्रमिकों के हितों की रक्षा की जा सके।

एटक के वरिष्ठ नेता अफताब आलम खान ने कहा कि कोयला श्रमिको पर हो रहे हमले पर संगठन के नेताओ को आगे बढ़कर विरोध करने की आवश्यकता आन पड़ी है। जिसके लिए सभी का एक पटल पर आकर एक जुट होकर इस दिशा में पहल करने की जरुरत है, यदि  ऐसे श्रमिक विरोधी गतिविधियों को समय रहते नहीं रोका गया तो आने वाले समय में कोयला मजदूरों को उनका हक व अधिकार नहीं मिल पायेगा। मौके पर सुजीत घोष, विजय भोई, गणेश महतो, फुसरो नगर परिषद् अध्यक्ष नीलकंठ रविदास, जवाहरलाल यादव आदि मजदूर प्रेमी व्यक्ति उपस्थित थे।

छाया/सूत्र : बेरमो आवाज

सांसद ने किया यूरिनॉल का उदघाटन

युवा व्यवसायी संघ फुसरो के मांग पर सांसद मद से रामरतन हाई स्कुल फुसरो के समीप नवनिर्मित यूरिनॉल का उदघाटन मंगलवार को गिरिडीह लोकसभा सांसद रविन्द्र कुमार पाण्डेय के द्वारा किया गया। मौके पर सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि फुसरो क्षेत्र के विभिन्न स्थानो मे और तीन यूरिनॉल बनवाने का काम जल्द ही पूरा हो जायगा। साथ ही कहा कि यूरिनॉल जगह जगह बन जाने से व्यवसायियों से लेकर राहगीरो तक को सुविधा मिल पायेगा।

इस अवसर पर युवा व्यवसायी संघ फुसरो के अध्यक्ष आर. उनेश ने कहा कि सांसद मद से बने यूरिनलो की नियमित सफाई के लिए एक सफाई कर्मी को रखा गया है, जिसका वेतन वे अपनी निजी मद से करते है, तथा जब तक संभव हो सकेगा करता रहूँगा।

इस मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी बेरमो सह प्रभारी नगर परिषद कार्यपालक पदाघिकारी अखिलेश कुमार, रामरतन उच्च विद्यालय के प्राचार्य वितेन्द्र नाथ तिवारी, मो० जावेद खान, पार्षद अर्चना सिंह व इंदू देवी, सचिव गुरुपद प्रजापति, यंग ब्लड फुसरो के अध्यक्ष मो० जावेद खान, सांसद के निजी सचिव मृत्युंजय पाडेय व अवधेश दूबे संघ के उपाध्यक्ष मंजूर हुसैन उर्फ जीया, संगरक्षक संतोष श्रीवास्तव, बैभव चैरसिया, रोहित मित्तल, भोला सोनी, ओमप्रकाश उर्फ राजा, सहित प्राचार्य अनिल सिंह, धीरज पाण्डेय, प्रशांत सिंह,भरत अग्रवाल, सबदर मंसुरी, हाजी असगर हुसैन, दिपक अग्रवाल, गुडन चैहान, संजय महतो, आदि लोग मौजूद थे।

छाया / सूत्र : बेरमो आवाज

प्रखंड स्तरीय पंचायत समिति की मासिक बैठक संपन्न

प्रखंड स्तरीय पंचायत समिति की मासिक बैठक, प्रमुख गिरजा देवी की अध्यक्षता में बेरमो प्रखंड परिसर स्थित बहुउद्देशीय भवन में मंगलवार को हुई। यहां प्रखंड विकास पदाधिकारी अखिलेश कुमार ने कहा कि पंचायत आपके द्वार कार्यक्रम के तहत 1 से 14 फरवरी तक बेरमो प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में जाति, आय,आवासीय प्रमाण पत्र लाभुकों के लिए शिविर का आयोजन किया जाएगा। वही मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र संबंधी सूची दो दिनों के अंदर देने का निर्देश पंचायत सचिव को दिया गया। मध्य विद्यालय जरीडीह बस्ती में शिक्षक प्रतिनियुक्ति के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक को पत्र भेजने का प्रस्ताव लिया गया।
दिव्यांग स्वास्थ्य कार्ड हेतु जिला समाज कल्याण को भेजा गया था, उसकी स्थिति स्पष्ट करने हेतु जिला समाज कल्याण को पत्राचार करने पर भी चर्चा हुई। पंचायतों में अब तक कितने मच्छरदानी का वितरण किया गया, उसके पूर्ण विवरण की मांग की गई। साथ ही बाकि बचे हुए मच्छरदानी का जल्द वितरण करने का निर्देश दिया गया। प्रखंड अंतर्गत सहियाओं की कमी रहने के कारण पोलियो निवारण शिविर में हो रही दिक्कत पर विचार विमर्श हुआ। जबकि आधार एवं राशन कार्ड के शिविर में प्रज्ञा केंद्र संचालक के द्वारा अवैध वसूली करने के आरोप की जांच कर दोषी पर कार्रवाई करने का आदेश दिए गए। यहां प्रखंड विकास पदाधिकारी अखिलेश कुमार ने बेरमो सी.डी.पी.ओ. अर्चना सिंह से विकलांग पेंशन व लक्ष्मी लाडली योजना में हो रही दिक्कत का जल्द निपटारा करने की बात कही, एवं पेंशन भोगियों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। यहां सी.ओ. एम.एन. मंसूरी ने कहा कि पारिवारिक लाभ योजना में आवेदन कम आ रहे हैं। इस योजना के तहत वैसे परिवार को इसका लाभ देना है जिसमें परिवार के कमाऊ सदस्य का निधन होने पर 20 हजार का अनुदानित लाभ वैसे पीड़ित परिवार को दिया जाना है।
यहां पंचायत समिति सदस्य संजय सिंह ने कहा कि मुख्य बाजार, कॉलेज,अस्पताल स्कूल होते हुए तेज गति से पावर प्लांट का छाई ट्रांसपोर्टिंग वाहन चलने से कई दुर्घटना हो चुकी है. साथ ही सड़क पर पानी छिड़काव के अभाव में प्रदूषण से जनजीवन त्रस्त है। इसपर अविलंब रोक लगनी चाहिए। मौके पर उप प्रमुख करुणा देवी, एम.ओ. वीरेंद्र कुमार,सांसद प्रतिनिधि सुरेंद्र स्वर्णकार, विधायक प्रतिनिधि नवीन पांडेय, मुखिया करुणा देवी, मनीराम मांझी, पंचायत समिति सदस्य ज्योति कुमारी, रोजी फिरदोस, विश्वनाथ मांझी, नागेश्वर महतो, शेर मोहम्मद, सी.सी.एल. अधिकारी शैलेश कुमार, पंचायत सेवक केशव महतो, संतोष नायक, मनपूरन यादव, महिला प्रसार पदाधिकारी जागृति श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।

 छाया / सूत्र : बेरमो आवाज

अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन ने लाचार को दी मदद

दिनांक 26 जनवरी 2018 की वह दोपहर यशवंतपुर, कर्नाटक निवासी पांडुरंगप्पा के लिए थोड़ी राहत भरी कही जा सकी क्योंकि वह अचानक ही दीपक तिवारी, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के सामने आ गया और उसकी दशा देख दीपक ने उसकी यथा संभव न सिर्फ मदद की बल्कि और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का काम किया. जिससे और भी लोग उसकी मदद को आगे आये और फिर वह हटिया, रांची के लिए रवाना हो सका ताकि वह वहां से यशवंतपुर के लिए रवाना हो सके.

पांडुरंगप्पा, अपनी टूटी-फूटी हिंदी-अंग्रेजी में जो बता सका उसमें उसने यही बताया कि वह कर्नाटक के किसी मंजुनाथन टांसपोर्ट, जिसका काम गोविंदपुर हाईवे पर चल रहा है, कंपनी के ट्रक में खलासी का काम करता था. किसी बात पर नाराज उस ट्रक के चालक ने इसे रास्ते में ही उतार दिया और छोड़ कर चला गया, और वहीं से भटकता वह आज यहाँ आ पहुंचा.

लोगों ने उसकी सत्यता की जाँच करने के लिए गूगल के जरिये मंजुनाथन ट्रांसपोर्ट का पता लगाया और उसके कार्यालय पर फ़ोन के द्वारा संपर्क करने की कोशिश की पर फ़ोन नहीं लग सका. उसके मतदाता पहचान पत्र को भी सही पाया गया. उसके घर पर फ़ोन से सूचना देने के लिए उसके पास कोई नंबर नहीं था. इसलिए लोगों ने आगे आकर उसके घर यशवंतपुर तक जाने का मार्ग कागज पर लिखकर साथ में दे दिया ताकि आगे वह किसी की मदद लेकर अपने घर तक पहुंच सके.

दीपक आगे बताते हैं कि, वह अपने संगठन को और मजबूती प्रदान करने के लिए लोगों को जोड़ने का प्रयास करते रहते हैं, इसी क्रम में वे ऐसे कार्यों के माध्यम से लोगों जन में चेतना बढाने और साथ साथ लोगों की मदद कर अपने संगठन से जोड़ने के लिए द्रिढसंकल्पित हैं और अभी तक लगभग 40 से भी अधिक लोगों को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन से जोड़ चुके हैं.

बाबा आम्टे नगरवासियों का ऐसे मना गणतंत्र दिवस

फुसरो नगर परिषद उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने अपने चिर-परिचित अंदाज में मनाया गणतंत्र दिवस. 26 जनवरी 2018 को झंडोत्तोलन के पश्चात वे अपने सहयोगियों साथ निकल पड़े उस बस्ती की ओर जहाँ सभी विभिन्न मौकों पर गरीबों को दान देने जाया करते हैं. जी हाँ, आपने सही समझा, बाबा आमटे नगर जिसे पूर्व में कुष्ठ बस्ती के नाम से भी जाना जाता था. वहां के निवासियों के बीच अन्न का वितरण करते हुए उन्होंने अपने गणतंत्र दिवस की शुरुआत की और निकल पड़े सुभाष नगर की ओर जहाँ और भी गरीबों को अन्न का दान किया गया.

हमारे सभ्य समाज में अभी भी एक ऐसा तबका है जो इन अवसरों पर प्रायः ही याद कर लिया जाया करता है. कचरे चुन कर और कभी-कभी भिक्षाटन कर जीवन यापन करने वाले ऐसे ही कुछ गरीबों की बस्ती है, जिसे नाम तो दे दिया गया बाबा आमटे नगर, पर उनके दैनिक जीवन के सर्वजनिक उपयोग की सरकारी महकमो से मिलने वाली सुविधाओं का सदा से अभाव ही रहा है. सी.सी.एल. के लगे बोर्ड पर वहां की जनसांख्यिकी को दर्शाने भर से उनका अपने सामाजिक दायित्व को पूरा समझना आखिर कहाँ की दूरदर्शिता है.

कृष्ण कुमार वहां के लोगों से मिले और उनकी समस्याओं से अवगत हुए और भरोसा दिलाया कि जल्द ही उनके सभी समस्याओं के निवारण के उपाय होंगे. लोगों ने मिलकर सामूहिक रूप से पानी की समस्या से अवगत कराया और कहा कि एक जो पम्पसेट लगा भी है तो उससे पानी पूरा नहीं हो पाता है. वहां पहले से ही गड़े चापाकल पर मोटर लग जाने से पानी की सप्लाई को दुरुस्त किया जा सकता है, इसपर विचार कर जल्द ही इसे मूर्त रूप दिया जायगा जिसके लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे.

बताते चलें की अभी हाल ही में फुसरो नगर परिषद द्वारा ओ.डी.एफ. (Open Defection Free) अर्थात खुले में शौच से मुक्ति की दिशा में पहल हुई है, पर बड़े दुःख के साथ कहना पड़ता है कि इस बस्ती में अभी तक शौचालय नहीं बन पाया है और लोग अभी भी खुले में शौच के लिए विवश हैं. जो शौचालय है भी उसकी दशा बहुत ही दयनीय है. ऐसे में हमारा तंत्र कैसे गणतंत्र मना पाता है, यह एक विचारनीय तथ्य है.

यह बस्ती हमारे सभ्य समाज के मखमल पर टाट का पैबंद नहीं बल्कि हमारे सामाजिक तंत्र पर एक ऐसा जंग लगा पुर्जा है जो कि सदा ही से ऐसा ही रहने के लिए बसाया गया है ताकि हम अपनी संवेदनाओं को ऐसे अवसरों पर सहलाते रहें और खुद को सामाजिक प्राणी कहलाने का दंभ पालते रहें. कहीं न कहीं कसूर उनका भी है जो यहाँ के निवासी हैं जिन्हें ऐसे ही जीवन यापन करने की विवशता अब सामान्य लगने लगी है.