सांसद मद से निर्मित तीसरे यूरिनल का हुआ शुभारम्भ

फुसरो बाजार सब्जी मंडी स्थित ओवरब्रीज के समीप आज दिनांक 30-12-2017 दिन शनिवार को सांसद मद से निर्मित तीसरे यूरिनल का गिरिडीह सांसद रविन्द्र कुमार पांडेय ने फीता काट कर उद्घाटन किया। साथ ही सब्जी मंडी पहुँच कर बाजार की भीड़-भाड़ जैसी समस्या के निदान के लिए लोगो से विचार विमर्श भी किया।

श्री पांडेय ने कहा कि युवा व्यवसायी संघ के आग्रह पर बाजार में आने वाले आम नागरिको की सुविधा के लिए पेशाब घर का निर्माण कराया गया। जरुरत पड़ने पर बाजार में और भी यूरिनल का निर्माण कराया जायेगा। युवा व्यवसायी संघ अध्यक्ष आर. उनेश ने कहा कि संघ की मांग पर यूरिनल का निर्माण सांसद मद द्वारा कराया गया है।

इस अवसर पर बेरमो प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री अखिलेश कुमार, 20 सूत्री अध्यक्ष कपिलदेव गाँधी, भा.म.स. नेता रविन्द्र मिश्रा, बालेश्वर पांडेय, अनिल गुप्ता, मो. मंजुर हुसैन उर्फ जिया, मो. इलियास, सुरेश बंसल, प्रकाश मोदी, आर.एस. तिवारी, गुरुपद प्रजापति, ओमप्रकाश, वैभव चैरसीया, संत सिंह, श्रीकांत मिश्रा, संतोष श्रीवास्तव आदि लोग उपस्थित थे.

छाया / सूत्र : राजेश ‘बेरमो आवाज’

बजबजाती नालियाँ और सूअरों का आतंक

आज के इस दौर में जो नालियों की व्ययवस्था है अपने शहर में उससे बढ़िया तो कभी हड़प्पा सभ्यता में हुआ करती थी, उसपर सूअरों का जमावड़ा जो उन्हें जुहू बीच का अहसास देता है. अब लगता है हमें ही तय करना होगा कि हम सूअरों की बस्ती में ही रहते हैं या हमारी बस्ती सूअर. अब हमें दोनों ही में से कोई भी स्थिति बर्दाश्त नहीं, और होना भी नहीं चाहिए. पूरे देश में चल रहे स्वच्छता अभियान को धता बताने वाला यह परिदृश्य आज कल पूरे करगली बाज़ार, रीजनल हॉस्पिटल कॉलोनी करगली, आंबेडकर कॉलोनी  और नोनिया पट्टी सहित कई आस पास के इलाकों में बिना किसी परिश्रम के राह चलते देखा जा सकता है, जिस प्रकार यहाँ आदमी से ज्यादा सूअर रास्तों पर आवारा घूमते नजर आ जाया करते हैं उससे तो यही लगता है कि स्वच्छता अभियान सिर्फ फोटो निकालने भर के लिए रह गया हो.

चमचमाती सड़कों से जब आप नीचे मोहल्ले के सड़कों पर जाते हैं तो वार्ड संख्या 15, 16, 18, 21, और 24 में इन दिनों सूअरों का जो आतंक है यह आज कल से पनपा नहीं है, यह समस्या बहुत पुरानी है. पर अब जबकि यहाँ के इलाके नगर परिषद् के अंतर्गत आने से लोगों में एक उम्मीद जगी कि अब कुछ उपाय होगा और इस प्रकार की गन्दगी और समस्याओं से मुक्ति मिलेगी. पर बहुत दुःख के साथ बताना पड़ता है कि अब तक कई बार विभागीय नोटिस दिए जाने के बाद भी सूअर पालकों के कान पर जूँ न रेंगी.

वार्ड 24 के कुछ नौजवानों ने सामूहिक बैठक कर कई लोगों के हस्ताक्षर युक्त आवेदन भी दिए हैं अपने वार्ड पार्षद को जो कि विचाराधीन है अब तक. पूछे जाने पर कोई भी संतोष जनक उत्तर प्राप्त नहीं हो सका है. सूत्रों के हवाले से पता चला है कि इन सूअर पालकों ने सूअरों के पहचान के लिए उनके अंग-भेदन कर रखें हैं. किसी के कान तो किसी की पूंछ तो किसी को लोहे की सलाखों से दाग कर निशान आदि बनाकर अपनी पहचान दे दी गयी है. वे किसी भी मानदंड का अनुपालन करने के लिए स्वयं को बाध्य नहीं पाते और ऐसे ही मुक्त तरीके से सूअर का पालन करते हैं. एक-एक सूअर दो से तीन हजार तक में बिक जाते हैं.

ऐसा बिलकुल नहीं कि वह परिवार जो सूअर पालन से जुड़ा है, बिलकुल ही गरीब है या यह उनके परिवार के उपार्जन का एकमात्र साधन है. बकायदे सम्पन्न हैं और यह उनके ऊपरी आय का एक जरिया भर है, क्योंकि इसके पालन में न तो हिंग लगती है न फिटकरी और रंग आता है चोखा.

बजबजाती नालियों और सूअरों के बीच रहने को विवश लोग अपनी किस गलती की सजा भोग रहे हैं, यह समझ से परे है, पर अब लगता है कि लोगों ने ठान लिया है कि अब वह इसे सहन नहीं करेंगे. नगर परिषद् के कूड़ेदान में जमा कचरों को आये दिन सूअर बिखेर देते हैं. बहुत जगह पर नालियां अब भी कच्ची हैं और यह मानो सूअरों का हम्माम बना पड़ा है.

सूअरों से होने वाली बिमारियों से हम सभी भलीभांति परिचित हैं, एक अध्ययन के अनुसार स्वाईन-फ्लू का यह सबसे आसन जरिया होता है. एच१, एन१ वायरस का फैलना और उससे ग्रसित होना ऐसे वातावरण में बहुत ही आम बात है. वैसे भी इस प्रकार के वातावरण में बिमारियों का होना कोई नयी बात नहीं. जिस प्रकार के दृश्य देखने को आ रहे हैं उससे यही लगता है कि लोग आदि हो चुके हैं सूअरों के साथ रहने को, एक पल को पता ही नहीं चलता है कि लोग सूअर के घर में रह रहे हैं या सूअर इन लोगों के घरों में. स्थिति गंभीर है और दिन-ब-दिन और गंभीर होती जा रही है, पानी सर से ऊपर जाने को ही है पर पता नहीं लोग किस बात का इन्तेजार कर रहे हैं कि अब तो बस डूबना ही बाकी बचा है शायद.

अब रुख करते हैं प्रशासन का, तो उनकी ओर से ही कागजी कार्रवाई में  बस इतना ही है कि नोटिस जरूर मिला है उन सभी कथित पालकों को जिनके सूअर खुलेआम सड़कों पर पलते हैं, पर उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया है अब तक, इस बात का सबसे बड़ा कारण है की खुले में पालन होना, क्योंकि आप आसानी से यह नहीं बता सकते कि कौन सा सूअर किनका है तो आप कार्रवाई किस पर करेंगे, अव्वल तो आप साबित ही नहीं कर पाएंगे कि वे जिन्हें नोटिस मिला है सूअर पालन से जुड़े भी हैं या नहीं.

नगर परिषद् ने सक्रियता दिखाते हुए कई लोगों को नोटिस भेजा भी है, जिनमे मुख्य नाम हैं.

  1. श्री लखन राम पिता स्व.बलि राम, करगली बाज़ार, हरिजन टोला
  2. श्री गडी पासी पिता श्री शम्भू पासी, ढोरी पंचायत
  3. श्री सिकंदर राम, पिता श्री दुर्बल राम, आंबेडकर कॉलोनी
  4. श्री नंदकिशोर राम, पिता स्व.बाढो राम, करगली बाज़ार, हरिजन टोला
  5. श्री मनोज राम, पिता श्री प्रसादी राम, करगली बाज़ार, हरिजन टोला
  6. श्री अजय पासी, पिता श्री तोलन पासी, ढोरी पंचायत
  7. श्री नवल राम, पिता श्री लालू राम, करगली बाज़ार, हरिजन टोला

सूची बहुत लम्बी है, इससे एक बात तो साबित है कि इस प्रकार के व्यवसाय से जुड़े लोगों के पास किसी भी प्रकार का कोई भी पशुपालन से सम्बंधित अनुक्रमणिका नहीं है और न ही जो कुछ अगर हो भी तो उसका अनुपालन ही किया जा रहा है. विभाग से की गयी बातचीत में यह भरोसा दिलाया गया कि बहुत जल्द ही आवारा पशुओं खास कर सूअरों की धरा-पकड़ी शुरू होगी और उन्हें दूर किसी अज्ञात स्थान पर रिहायशी इलाके से दूर छोड़ दिया जायगा अथवा अन्य किसी ऐसे पालक के सुपुर्द कर दिया जायगा जो उक्त पशु के पालन की समुचित व्यवस्था और तरीके का अनुपालन करते हों. आशा है कि विभाग जल्द ही कोई कार्रवाई करेगा और इनके आतंक से शहर वासियों को मुक्त कर पायेगा.

निरंतर विधुत आपूर्ति के लिए प्रयास तेज

केंद्र सरकार द्वारा प्रयोजित पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत शेष बचे सभी गाँव व टोला मे यथा शीघ्र विधुतीकरण किया जायेगा और विधुतीकरण किये गये स्थानों पर पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत विधुतीकरण का बोर्ड लगना तथा संबधित क्षेत्र के सांसद से उदघाट्न व शिलान्यास अनिवार्य रुप से सुनिश्चित कराने के लिए विधुतीकरण करने वाली ऐंजेसी को निर्देश दिया जायेगा.

सातों दिन चौबीस घंटे विधुत आपूर्ति  हो इसके लिए सरकार कृत संकल्प है, इसलिए विधुत की पर्याप्त आपूर्ति के लिए गिरिडीह संसदीय क्षेत्र सहित झारखंड के सभी स्थानों पर लगाये गये ट्रांसफर्मरों की क्षमता वृद्धि के लिए उच्च क्षमता का ट्रांसफर्मर लगाया जायेगा.

खराब पड़े सोलर लाइट को मरम्मत कराने के लिए सरकार विचार करेगी, जमीन अधिग्रहण और मुआवजे के मामले का यथाशीघ्र निपटारा कर पावर ग्रिड के द्वारा बनाये जा रहे ग्रिड और उप-केन्द्रों के निमार्ण में गति लायी जाएगी, पावर प्लांट का निर्माण के लिए पावर फाईनेंस कॉरपोरेशन से ऋण लेकर प्लांट निमार्ण मे विलंब करने वालों पर कठोर कारवाई किया जायेगा.

उपरोक्त अश्वासन ऊर्जा पर संसद की स्थाई समिति के अध्यक्ष डॉ. कम्बम हरि बाबू ने विगत बुधवार को समिति की बैठक मे समिति के वरिष्ठ सदस्य सह गिरिडीह सांसद रवींन्द्र कुमार पाण्डेय की माँग पर जवाब देते हुए कहा- उन्होंने यह भी कहा की बंद पड़े डीवीसी की पुरानी इकाइयों को चालू कराने और डीवीसी को कोयला की कमी दूर करने हेतू प्रयास किया जा रहा है, जबकि  बैठक मे उपरोक्त माँग करते हुए सांसद रवींन्द्र कुमार पाण्डेय का कहना था कि, सभी स्थानों पर आबादी और विधुत के उपभोक्ताओं मे भारी वृद्धि हुई है, इसलिए सभी ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि होना चाहिए, पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना केन्द्र प्रयोजित अति महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, लेकिन उक्त योजना का बोर्ड नही लगा कर संवेदक मनमानी कर रहे है तथा विपक्ष के लोग श्रेय लुटना चाहते है.

खराब पड़ें सोलर लाइट के मरम्मत का प्रावधान नही होने के कारण केन्द्र सरकार के द्वारा 75% राशि अनुदान देने के बावजूद भी जनप्रतिनिधियों की रुचि सोलर लाईट लगाने मे नही है, पावर ग्रिड के कार्य मे शिथिलता के कारण ससमय विधुतीकरण के लिए सरकार के द्वारा निर्धारित लक्ष्य प्रभावित हो रहा है, पावर फाईनेंस कॉरपोरेशन से ऋण लेने के लंबे समय बाद भी अनेक निजी संस्थानों के द्वारा नया पावर प्लांट नही लगा कर ऋण की राशि का अन्य मद मे उपयोग किया जा रहा है.

कोयला की कमी के कारण डीवीसी के अनेक प्रतिष्ठानों मे क्षमता से कम उत्पादन किया जा रहा है, तथा बंद पुरानी इकाइयों को चालू करने मे बाधा उत्पन्न हो रहा है, बैठक मे मुख्य रुप से समिति के दर्जनों सदस्य सह सांसद के अलावा ऊर्जा सचिव, अपर सचिव, पावर फाईनेंस कॉरपोरेशन, आर.ई.सी, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के चेयरमैन और ऊर्जा मंत्रालय के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे|­

निष्कर्ष :

कुल मिलकर कहा जा सकता है कि प्रयास सभी क्षेत्रों में होने से ही सफलता की आशा की जा सकती है. न सिर्फ ट्रांसफ़ॉर्मरों की क्षमता बल्कि विद्युत उपभोक्ताओं को इसके बचत के प्रति जागरूक बना कर भी इसके उत्पादन और वितरण पर समुचित और सकरात्मक प्रभाव डाला जा सकता है, सिर्फ ठेकेदारों और डीवीसी और नयी योजनाओं के क्रियान्वयन के भरोसे रहना और यह आशा करना कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में यह संभव हो सकेगा दूर का ढोल ही जान पड़ता है.

चाहे जो भी हो प्रयास करते रहने से ही सफलता मिलेगी, यही सत्य है. और इन सब बातों की जिम्मेवारी हमें भी लेनी होगी, कि हम बिल देते हैं इसका यह मतलब नहीं कि हम बिजली का दुरुपयोग करें. 

अँधेरी रातों में!

अँधेरी रातों में,
सुनसान राहों की,
गन्दगी साफ़ करने को,
कुछ लोग निकलते हैं…

जी हाँ, उन्हें हम नगर परिषद् फुसरो के सफाई कर्मचारी कहते हैं.

नगर परिषद् फुसरो की ओर से पूरे शहर की सफाई इन दिनों जोर पर है. सड़क के दोनों ओर लगे तट संकेतक की जगमगाती लाल रोशनी से पूरे सड़क की खूबसूरती देखने लायक होती है. अभी हाल ही में सड़क विभाजक के छोर पर काली-पिली पट्टियों वाले स्तम्भ लगाये गए गए हैं. जिससे आवाजाही कर रहे वाहनों को विभाजक से टकराहट की संभावना कम हो सके. विगत दिनों कई वाहन, विशेष तौर पर शहर से बाहर के वाहन विभाजक से टकरा गए थे.

विगत दिनों उक्त सड़क तट संकेतकों के दोनों ओर जमा मिट्टी व धूल के कारण उनकी दृश्यता में कमी आ गयी थी जिससे आवाजाही में लोगों को परेशानी हो रही थी.   उपरोक्त के सन्दर्भ में कई सामाजिक संगठनों ने नगर परिषद् फुसरो का ध्यानाकर्षण करवाया था जिनमे कौटिल्य महापरिवार एवं युवा व्यवसायी संघ प्रमुख थे. उनके सुझाव पर अब फुसरो नगर परिषद् के कर्मचारियों ने शहर की सफाई का काम आरंभ कर दिया है.

फुसरो बाज़ार के मुख्य सड़क के दोनों ओर बसे फूटपाथ पर अपनी दुकान लगाने वाले वैसे छोटे व्यवसायी जो सुबह-सुबह अपनी दुकान सजाते थे और जहाँ कहीं भी अन्य दुकानदर अपना सामान नित्य अपनी दुकान के सामने लगाते थे वैसे व्यवसायियो को दिन के समय होने वाली साफ-सफाई पसंद नहीं आने लगी. जिस कारण समय के साथ-साथ इस काम की सफलता पर संदेह किया जाने लगा.

दरअसल दिन के समय फुसरो बाज़ार के नीचे बाज़ार से बैंक मोड़ होते हुए पुराना बी.डी.ओ. ऑफिस तक की मुख्य सड़क पर लोगों की आवाजाही बहुत होती है, यह इलाका ही सबसे सघन होता है, क्योंकि सभी मुख्य प्रतिष्ठान शहर के इसी हिस्से में अवस्थित हैं. धूल का उड़ना तथा ट्रैफिक की अधिकता व भीड़-भाड़ के चलते दिन के समय सफाई में कठिनाई होने लगी, जिसकी शिकायत बहुत से व्यवसायियो ने की.

कई गणमान्य लोगों के तथा युवा व्यवसायी संघ तथा नगर परिषद् फुसरो के बीच आपसे बातचित से इस समस्या का हल निकला गया और अब दिन की जगह रात में जब सभी दुकाने और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान लगभग बंद हो जाते हैं तो नगर परिषद फुसरो के सफाई कर्मचारी अपने दल-बल और साजो सामान के साथ शहर का चप्पा चप्पा चमकाने निकल पड़ते हैं.

इन दिनों जब आप सड़क पर पैदल अथवा वाहन से चलते हैं तो सड़क के दोनों ओर लगे तट संकेतकों की चमक अपने शहर की स्वच्छता का भान सीधे ही करा जाते हैं. उस पर अचानक नीली व लाल बत्तियां चमकाती पुलिस पेट्रोल की गाड़ी जब गुजरती है तो नजारा देखने लायक होता है. लगता है मानो कोई हॉलीवुड की मूवी के अन्दर हम भी एक किरदार हैं.

अभी पिछले महीने की बात है नगर परिषद् फुसरो के कार्यालय प्रांगण में ही सभी व्यवसायियो को एक बैठक आयोजित कर स्वच्छता के सन्दर्भ में शिकायत व उसके निपटारे से सम्बंधित स्वच्छता अनुप्रयोग (Mobile App) के बारे में जानकारी दी गयी, जिस app का प्रयोग कर लोग अपनी शिकायतों को उसमे पोस्ट कर सम्बद्ध विभाग को तुरंत प्रेषित कर सकते हैं, और जल्द ही उसके निपटारे की प्रक्रिया सम्बद्ध विभाग से आरंभ कर दी जायगी.

हमें भी एक स्वच्छ मानसिकता के साथ इस प्रयास में सहभागी बनना चाहिए और अपने शहर को स्वच्छ बनाने में सम्बद्ध विभाग की मदद करनी चाहिए. अभी सड़क के दोनों ओर उचित स्थान के कमी के कारण स्थायी कचरा-पात्र नहीं लगाया जा सका है, जिस कारण विभाग द्वारा चलंत कचरा निष्पादन के लिए वाहन का प्रयोग हो रहा है जिसके माध्यम से जगह-जगह जा कर कचरा उठा कर उसको निष्पादित किया जा रहा है, तो कहा जा सकता है कि शहर के शहंशाह यही हैं.

हम इस शुभ कार्य को निर्बाध रूप से चलते रहने की कामना करते हैं और नगर परिषद् फुसरो को उनके द्वारा किये जा रहे इस कार्य हेतु शुभकामनाएँ देते हैं.

संपादक
फुसरो ई-पत्रिका.

गिरिडीह सांसद ने किया विभिन्न पंचायतों का दौरा

माननीय सांसद गिरिडीह श्री रवीन्द्र कुमार पाण्डेय जी ने 15 नवम्बर 2017 को बोकारो जिला के नावाडीह प्रखण्ड के उपरघाट में विभिन्न पंचायतों जैसे पेंक, गोनियाटो, कांछो, कंजकिरो, पलामू, नारायणपुर, पिलपिलो, पोखरिया एवं बरई में भ्रमण के दौरान वहां के लोगों के बीच मच्छरदानी का वितरण किया। उन्होंने कहा कि मच्छरदानी उपयोग से ग्रामीण को मलेरिया एवं डेंगू बिमारी से निजात मिलेंगी तथा लोगों में इस रोग के मच्छरों के कारण फैलने में कमी आएगी जो कि इस तरह के रोगों से बचने का सबसे अच्छा एवं सरल उपाय है।

इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बनने वाली 25 लाभुंको को गृह प्रवेश कराया। लोगों से अपनी मुलाकात के दौरान उन्होंने बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार हर संभव प्रयासरत है कि हर गरीब को पक्का मकान, महिलाओं को उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस चूल्हा एवं स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत शौचालय निर्माण करवा कर मदद कर रही हैं।

इसके अलावा उपरघाट में फुटबाॅल मैच में भी खिलाडियों को प्रोत्साहन देने पहुॅचे। जिससे खिलाड़ियों में हर्ष का माहौल था। मौके पर सांसद प्रतिनिधि श्री तारकेश्वर महतो सहित भाजपा के कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद थे।

संतोष  मिश्रा ‘‘गौतम’’
सांसद आवासीय कार्यालय
गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र
कैम्प-फुसरो, बेरमो
जिला-बोकारो (झारखण्ड)

स्वच्छता एप्प- त्वरित समाधान का नया माध्यम

स्वच्छ भारत अभियान के तहत भारत सरकर द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 किया जाना है, जिसमे स्वच्छता के मापदंड पर शहर की रेकिंग की जाती है. इसमे नागरिको की जागरुकता पर भी अंक दिया जाएगा.

अतः आप सभी से अनुरोध है कि Google Play Store से अपने Android आधारित स्मार्ट फ़ोन में “Swachhta-MoHUA” download करे एवं अपने फुसरो को स्वच्छ बनाने मे अपना योगदान दे.

प्रति एक download कर अपने मोबाइल न. को register करने से फुसरो शहर को 2 अंक प्रप्त होगा. गंदगी की जानकारी देने पर 2 अंक एवं नगर परिषद द्वारा साफ़ किये जने पर 2 अंक प्रप्त होगा.

आप लोगों से अपील है कि ज्यादा से ज्यादा है ऐप डाउनलोड कराएं फुसरो को दूसरों को स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में एक नंबर पर लाएं.

:आपकी सेवा, हमारा कर्तव्य. फुसरो नगरपरिषद, आपकी सेवा में!

स्वच्छता का जन-गण-मन

|| स्वच्छता का “जन-गण-मन” ||

गन्दगी से मुक्त हो रही है देखो यह धरा,

जा रहे शौचालयों में छोटा हो या हो बड़ा,

अब हस्त साबुनों से साफ़ कर रहा,

तब स्वास्थ्य और समृद्धि उनके घर रहा,

स्वच्छता का हो रहा निवास जब,

गन्दगी की हो रही निकास तब,

स्वच्छता में ही छिपा विकास है,

तोड़ मत बहुत बड़ी ये आश है,

देश के समस्त गाँव-घर-गली,

स्वच्छता की राह पे है चल पड़ी,

स्वच्छता सुखी का देखो नाम है,

मिल गयी तो इसमें चारो धाम है,

स्वच्छता का हो रहा निवास जब,

बसता है भगवान् और वहीं पे रब,

स्वच्छता से बढ़ रही है शान अब,

हो रहा है देश भी महान तब,

सब जनों में आ रही है जागृति,

अब देश की बदल रही है आकृति,

: राजेश कुमार पाठक
प्रखण्ड सांख्यिकी पर्यवेक्षक
सदर प्रखण्ड – गिरिडीह.

 

बेटियां

|| बेटियाँ ||

नहीं बचाओ बेटी केवल उसे आज पढने दो,

चढ़ती है चोटी पर तो उसे आज चढ़ने दो,

बेटियां ही शक्ति का स्वरुप है,

बेटियां बिन छांव भी कभी धूप है,

चाहते क्यों न इन्हें आँगन मिले,

चाह लो माँ का इन्हें दामन मिले,

गिर रही जब बेटियां तुम थाम लो,

गर तुम गिरो तो बेटियों का नाम लो,

तुम नाम ले के देखो वो आयें नजर,

है पुत्र तो वो भूलता तेरी डगर,

है बेटियां तो दिख रही है शान्ति,

हो पुत्र ही सदा मिटाओ भ्रान्ति,

बेटियां ही सृष्टि का स्वरुप है,

उष्णता में भी वृष्टि का भी रूप है,

बेटियां बढ़े तो सारा जग बढ़े,

तब एक ना समस्त देखो पग बढ़े,

बेटियां हैं दूर तो भी पास हैं,

जैसे हो न सांस फिर भी आश है,

तुम देख लो दसो दिशा में जा कभी,

हर दिशा में बेटियां ही मिल रही,

बेटियां बढ़ाती आज मान है,

बेटियां बढ़ाती आज शान है,

बेटियां नहीं किसी से कम रही,

शोहरतें न आज उनकी थम रही,

काम करती आज भी बड़े-बड़े,

पुत्र तो रहे सदा डरे-डरे,

जिनके घर में आ रही हों बेटियां,

भर रही तिजोरियों से पेटियां,

बेटियां मिटाती अन्धकार है,

क्यों नहीं फिर आज वो स्वीकार है,

जन्म से पहले ही क्यों मरी है वो,

गर बच गयी तो आज क्यों डरी है वो,

जन्म से पहले उन्हें क्यों मारते,

तब जीत कर भी जंग को तुम हारते,

मैं चाहता तुम हार कर भी जीतते,

तो बुरे दिन आज तेरे बीतते.

राजेश पाठक
प्रखण्ड सांख्यिकी पर्यवेक्षक
सदर प्रखण्ड, गिरिडीह, झारखण्ड.