राष्ट्रीय कवि संगम धनबाद जिला इकाई द्वारा राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन का आयोजन

दिनांक 21 जनवरी 2018 को आई.एस.एम. धनबाद में राष्ट्रीय कवि संगम धनबाद जिला इकाई द्वारा राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें झारखंड के कुल 108 कवि गणों ने भाग लिया. राष्ट्रीय कवि संगम प्रायः ही ऐसे आयोजनों द्वारा राष्ट्र जागरण का पावन कार्य करता है. युवा और विशेष कर नवोदित कवियों की काव्य शक्ति के बल प्रदान कर उनको संयोजित करने का यह कार्य वास्तविकता में एक सराहनीय कार्य है. इसी क्रम में एक और कड़ी जोड़ते हुए विगत 21 जनवरी को धनबाद में एक और आयोजन किया गया.

इस कवि सम्मलेन में बोकारो जिला इकाई के सम्मानित कवियो ने भी भाग लिया. आयोजन की समाप्ति पर विभिन्न कवियों को उनकी प्रस्तुति एवं रचनाओं के लिए सम्मानित भी किया गया. सम्मेलन में हास्य , श्रृंगार, और वीर रस की कविताओं के साथ साथ देश भक्ति, समाजिक, शिक्षा, बेटी बचाओ और जनजागरण जैसे महत्वपूर्ण और गंभीर मुद्दों पर आधारित कविताओं का पाठ विभिन्न कवियों द्वारा किया गया. राष्ट्रीय कवि संगम झारखण्ड इकाई के प्रांतीय सचिव राजेश पाठक की प्रस्तुति “घर न चाहिए न कोई द्वार चाहिए, देश को ऊंचाईयों का ज्वार चाहिए” कविता को काफी सराहना मिली.

राष्ट्रीय कवि संगम बोकारो जिला इकाई के अध्यक्ष डॉ. श्याम कुमार भारती की “टूटे रिश्तों में जान बाकी हो अगर, प्यार से सींच कर अब हरा कीजिये” आपसी, पारिवारिक और सामाजिक संबंधों पर आधारित कविता काफी सराही गई. बताते चलें कि डॉ. श्याम कुमार भारती राष्ट्रीय कवि संगम के बोकारो इकाई में अध्यक्ष पद पर रहते हुए अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के क्रम को आगे बढाते हुए अपने आस-पास के क्षेत्रों में नवीन कवियों को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य भी कर रहे हैं. फुसरो से इस कवि सम्मलेन में भाग लेने वाले अन्य कवियों में सुनील सिंह, नरेन्द्र प्रताप सिंह, विद्या भूषण मिश्रा एवं टी. डी. नायक प्रमुख थे.