गिरिडीह सांसद ने शून्यकाल में उठाया साक्षरता मिशन से जुड़े लोगों के मानदेय का मामला

गिरिडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय ने गुरूवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान साक्षरता मिशन पर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखण्ड राज्य में साक्षरता मिशन के तहत वर्ष 2000से लोग जुड़े है एवं वर्तमान में इनकी संख्या 50,000 हजार से भी अधिक है। इन्हें वर्ष 2014 से 2,000 रूपया प्रति महीना मानदेय दिया जा रहा है, जो कि एक मनरेगा मजदूर के बराबर भी नहीं है। सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि साक्षरता मिशन में पुरूषो के साथ महिलाओं की भी भागीदारी है।

इनका कार्य लोगों को साक्षर करने के अलावा प्रत्येक पंचायत में चाहे वह जनगणना का मामला हो, मतदाता सूचि पुनरीक्षण कार्य हो, टिकाकरण का मामला हो या स्वच्छता मिशन एवं कैशलेस प्रशिक्षण का कार्य हो अथवा जीवन बीमा आदि ये सभी कार्य इन साक्षरता कर्मियों द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी इन्हें आज तक पहचान-पत्र, चिकित्सा सुविधा, ड्रेस कोड आदि उपलब्ध नहीं है और ना ही इन्हें चिकित्सा भत्ता ही मिलता है। श्री पाण्डेय ने सदन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि इतना ही नहीं इनका वेतन भी 6 महीना से लेकर 2 वर्ष तक बकाया रहता है। उन्होंने कहा कि गिरिडीह संसदीय क्षेत्र के गिरिडीह जिले मेें 24, धनबाद जिलें में 26 एवं बोकारो जिले में 9 महीनो से साक्षरताकर्मी प्रेरकों का मानदेय भुगतान नहीं हुआ है। साथ ही प्रखण्ड एवं जिला स्तर पर कार्यरत बी0पी0एम0 कर्मियों का भी वेतन भुगतान कई महीनों से नहीं हुआ है। जिससे ये सभी भुखमरी के कगार पर है।

सांसद ने कहा कि साक्षरता मिशन में लगे सभी साक्षरताकर्मियों को बेरोजगारी की भी चिंता भी सता रही है, क्योंकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम को राज्य सरकार द्वारा दिसम्बर 2017 के बाद से बंद करने की योजना है। जबकि झारखण्ड राज्य पूर्ण रूप से साक्षर नहीं हुआ है। उन्होंने केन्द्र सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि साक्षरता कर्मियों का मानदेय बढ़ाया जाय और कम से कम इनका वेतन 10 हजार प्रति महिना किया जाय एवं इन्हें ड्रेस कोड, पहचान-पत्र, मेडिकल भत्ता एवं छुट्टी आदि की भी सुविधा मिले। अन्त में उन्होंने केन्द्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि जब तक राज्य पूर्ण रूप से साक्षर नही होता है, तब तक साक्षरता कार्यक्रम को चलाया जाय।

उपरोक्त जानकारी हमें सांसद महोदय के निजी सचिव श्री मृत्युंजय पाण्डेय ने दी.

विशाल हिन्दू सम्मलेन 18 दिसम्बर को

दिनांक 18-12-2017 दिन सोमवार को बेरमो कोयलांचल की धरती पर, करगली फुटबॉल ग्राउंड में हिन्दू कल्याण मंच, बेरमो, जिला- बोकारो, झारखण्ड द्वारा विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है. इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि माननीय तेलंगाना विधायक, हिन्दू हृदय सम्राट श्री टी. राजा सिंह जी होंगे,

विशिष्ट अतिथि के रूप में हम सब के गुरु महंत श्री स्वामी सीताराम शरण जी उपस्थित रहेंगे जिन्होंने पिछले वर्ष अपने उद्घोष से अभूतपूर्व वातावरण का निर्माण किया था, और सोये हुए हिन्दुओं में हिंदुत्व का अलख जगाया था. एक बार पुनः वे हम सभी के साथ होंगे.

इनके साथ साथ साध्वी सरस्वती दीदी की उपस्थिति और उनका सम्मलेन में हिन्दुओं का संबोधन आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि इस सम्मलेन को अभूतपूर्व बना देगी.

इसलिए हिन्दू कल्याण मंच, बेरमो आप सभी हिन्दू भाइयों व हिंदुत्व को अपनाने वाले सनातन परंपरा के अनुगामियों व संस्कृति प्रेमियों से आग्रह करता है कि करगली फुटबॉल ग्राउंड में 18 दिसम्बर को आयोजित इस सम्मेलन में सम्मिलित होकर को इस आयोजन को सफल बनायें. भरी संख्या में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें व इस सम्मलेन को एक संगठनात्मक स्वरूप प्रदान करें और अपनी हिंदुत्व एकता का परिचय अवश्य दें.

सम्मलेन हेतु उस दिन  एक  शोभायात्रा सुबह 9 बजे से बेरमो प्रखंड कार्यालय परिसर से करगली फुटबाल ग्राउंड तक के लिए आरंभ होगी तथा करगली फुटबॉल ग्राउंड पहुँचने के पश्चात सम्मलेन का शुभारम्भ होगा.

निवेदक : रामू दिगार (केन्द्रीय अध्यक्ष हिन्दू कल्याण मंच, बेरमो)

“हर हिन्दू एक शेर है, बस जागने को देर है”

अनपति देवी विद्यालय में कानूनी शिक्षा शिविर का आयोजन

आज दिनांक 11 दिसम्बर दिन सोमवार को अनपति देवी सरस्वती विद्या मंदिर के विशाल कक्ष में कक्षा षष्ठ से अष्टम तक के भैया-बहनों की जागरूकता एवं ज्ञानवर्धन के लिए कानूनी शिक्षा शिविर का आयोजन किया गया. जिला सिविल कोर्ट के लीगल एडवाईजर श्री शिव कुमार रविदास एवं पी.एल.वी. पदाधिकारी श्री विष्णु मिश्रा ने बच्चों को विस्तृत जानकारी दी.

अधिकारियों ने शिक्षा का अधिकार विषय (Right to Education) की चर्चा करते हुए बच्चों को बताया कि 6 से 14 साल के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है. अधिकारियों ने शिक्षा से भटके युवाओं की सूचना भी सम्बंधित केंद्र को भेजने का सुझाव दिया, साथ ही समाज में व्याप्त कुरीतियों यथा कम उम्र में विवाह, जातिगत भेदभाव, बाल मजदूरी, बुजुर्ग व्यक्तियों के भरण पोषण से उनके बच्चों के इंकार आदि के सम्बन्ध में भी विस्तृत चर्चा हुई, तथा बच्चों से इसकी सूचना जिला विधि सेवा केंद्र को प्रेषित करने का सुझाव दिया गया.

अधिकारियों द्वारा भैया-बहिनों को किसी भी अपराधी गतिविधियों से दूर रहने का सुझाव दिया गया, एवं ऐसे बच्चे जो किसी भी प्रकार की अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है, इसकी सूचना भेजने को कहा गया. इस चर्चा में भैया-बहिनों का अधिकारियों को भरपूर सहयोग मिला. प्रधानाचार्य श्री अशोक कुमार सिंह ने पदाधिकारियों को धन्यवाद दिया एवं इस कार्य के लिए विद्यालय के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त की. इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य सुनील चन्द्र झा, नवल किशोर सिंह, कामदेव सिंह, उपेन्द्र कुमार एवं इंदिरा सिंह आदि उपस्थित थे.

इस प्रकार की परिचर्चा/जागरूकता शिविरों का आयोजन कर विद्यालय ने जहाँ बच्चों के प्रति अपनी नैतिक उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है वहीं दूसरी ओर समाज के अन्य संस्थानों को एक सन्देश भी दिया कि आज के वर्तमान समय में अपने नैतिक व सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति वे भी सजग हों और ऐसे ही कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक जागरूकता फैलाएं जिससे हमारे समाज का हर वर्ग लाभान्वित हो सके.

बजबजाती नालियाँ और सूअरों का आतंक

आज के इस दौर में जो नालियों की व्ययवस्था है अपने शहर में उससे बढ़िया तो कभी हड़प्पा सभ्यता में हुआ करती थी, उसपर सूअरों का जमावड़ा जो उन्हें जुहू बीच का अहसास देता है. अब लगता है हमें ही तय करना होगा कि हम सूअरों की बस्ती में ही रहते हैं या हमारी बस्ती सूअर. अब हमें दोनों ही में से कोई भी स्थिति बर्दाश्त नहीं, और होना भी नहीं चाहिए. पूरे देश में चल रहे स्वच्छता अभियान को धता बताने वाला यह परिदृश्य आज कल पूरे करगली बाज़ार, रीजनल हॉस्पिटल कॉलोनी करगली, आंबेडकर कॉलोनी  और नोनिया पट्टी सहित कई आस पास के इलाकों में बिना किसी परिश्रम के राह चलते देखा जा सकता है, जिस प्रकार यहाँ आदमी से ज्यादा सूअर रास्तों पर आवारा घूमते नजर आ जाया करते हैं उससे तो यही लगता है कि स्वच्छता अभियान सिर्फ फोटो निकालने भर के लिए रह गया हो.

चमचमाती सड़कों से जब आप नीचे मोहल्ले के सड़कों पर जाते हैं तो वार्ड संख्या 15, 16, 18, 21, और 24 में इन दिनों सूअरों का जो आतंक है यह आज कल से पनपा नहीं है, यह समस्या बहुत पुरानी है. पर अब जबकि यहाँ के इलाके नगर परिषद् के अंतर्गत आने से लोगों में एक उम्मीद जगी कि अब कुछ उपाय होगा और इस प्रकार की गन्दगी और समस्याओं से मुक्ति मिलेगी. पर बहुत दुःख के साथ बताना पड़ता है कि अब तक कई बार विभागीय नोटिस दिए जाने के बाद भी सूअर पालकों के कान पर जूँ न रेंगी.

वार्ड 24 के कुछ नौजवानों ने सामूहिक बैठक कर कई लोगों के हस्ताक्षर युक्त आवेदन भी दिए हैं अपने वार्ड पार्षद को जो कि विचाराधीन है अब तक. पूछे जाने पर कोई भी संतोष जनक उत्तर प्राप्त नहीं हो सका है. सूत्रों के हवाले से पता चला है कि इन सूअर पालकों ने सूअरों के पहचान के लिए उनके अंग-भेदन कर रखें हैं. किसी के कान तो किसी की पूंछ तो किसी को लोहे की सलाखों से दाग कर निशान आदि बनाकर अपनी पहचान दे दी गयी है. वे किसी भी मानदंड का अनुपालन करने के लिए स्वयं को बाध्य नहीं पाते और ऐसे ही मुक्त तरीके से सूअर का पालन करते हैं. एक-एक सूअर दो से तीन हजार तक में बिक जाते हैं.

ऐसा बिलकुल नहीं कि वह परिवार जो सूअर पालन से जुड़ा है, बिलकुल ही गरीब है या यह उनके परिवार के उपार्जन का एकमात्र साधन है. बकायदे सम्पन्न हैं और यह उनके ऊपरी आय का एक जरिया भर है, क्योंकि इसके पालन में न तो हिंग लगती है न फिटकरी और रंग आता है चोखा.

बजबजाती नालियों और सूअरों के बीच रहने को विवश लोग अपनी किस गलती की सजा भोग रहे हैं, यह समझ से परे है, पर अब लगता है कि लोगों ने ठान लिया है कि अब वह इसे सहन नहीं करेंगे. नगर परिषद् के कूड़ेदान में जमा कचरों को आये दिन सूअर बिखेर देते हैं. बहुत जगह पर नालियां अब भी कच्ची हैं और यह मानो सूअरों का हम्माम बना पड़ा है.

सूअरों से होने वाली बिमारियों से हम सभी भलीभांति परिचित हैं, एक अध्ययन के अनुसार स्वाईन-फ्लू का यह सबसे आसन जरिया होता है. एच१, एन१ वायरस का फैलना और उससे ग्रसित होना ऐसे वातावरण में बहुत ही आम बात है. वैसे भी इस प्रकार के वातावरण में बिमारियों का होना कोई नयी बात नहीं. जिस प्रकार के दृश्य देखने को आ रहे हैं उससे यही लगता है कि लोग आदि हो चुके हैं सूअरों के साथ रहने को, एक पल को पता ही नहीं चलता है कि लोग सूअर के घर में रह रहे हैं या सूअर इन लोगों के घरों में. स्थिति गंभीर है और दिन-ब-दिन और गंभीर होती जा रही है, पानी सर से ऊपर जाने को ही है पर पता नहीं लोग किस बात का इन्तेजार कर रहे हैं कि अब तो बस डूबना ही बाकी बचा है शायद.

अब रुख करते हैं प्रशासन का, तो उनकी ओर से ही कागजी कार्रवाई में  बस इतना ही है कि नोटिस जरूर मिला है उन सभी कथित पालकों को जिनके सूअर खुलेआम सड़कों पर पलते हैं, पर उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया है अब तक, इस बात का सबसे बड़ा कारण है की खुले में पालन होना, क्योंकि आप आसानी से यह नहीं बता सकते कि कौन सा सूअर किनका है तो आप कार्रवाई किस पर करेंगे, अव्वल तो आप साबित ही नहीं कर पाएंगे कि वे जिन्हें नोटिस मिला है सूअर पालन से जुड़े भी हैं या नहीं.

नगर परिषद् ने सक्रियता दिखाते हुए कई लोगों को नोटिस भेजा भी है, जिनमे मुख्य नाम हैं.

  1. श्री लखन राम पिता स्व.बलि राम, करगली बाज़ार, हरिजन टोला
  2. श्री गडी पासी पिता श्री शम्भू पासी, ढोरी पंचायत
  3. श्री सिकंदर राम, पिता श्री दुर्बल राम, आंबेडकर कॉलोनी
  4. श्री नंदकिशोर राम, पिता स्व.बाढो राम, करगली बाज़ार, हरिजन टोला
  5. श्री मनोज राम, पिता श्री प्रसादी राम, करगली बाज़ार, हरिजन टोला
  6. श्री अजय पासी, पिता श्री तोलन पासी, ढोरी पंचायत
  7. श्री नवल राम, पिता श्री लालू राम, करगली बाज़ार, हरिजन टोला

सूची बहुत लम्बी है, इससे एक बात तो साबित है कि इस प्रकार के व्यवसाय से जुड़े लोगों के पास किसी भी प्रकार का कोई भी पशुपालन से सम्बंधित अनुक्रमणिका नहीं है और न ही जो कुछ अगर हो भी तो उसका अनुपालन ही किया जा रहा है. विभाग से की गयी बातचीत में यह भरोसा दिलाया गया कि बहुत जल्द ही आवारा पशुओं खास कर सूअरों की धरा-पकड़ी शुरू होगी और उन्हें दूर किसी अज्ञात स्थान पर रिहायशी इलाके से दूर छोड़ दिया जायगा अथवा अन्य किसी ऐसे पालक के सुपुर्द कर दिया जायगा जो उक्त पशु के पालन की समुचित व्यवस्था और तरीके का अनुपालन करते हों. आशा है कि विभाग जल्द ही कोई कार्रवाई करेगा और इनके आतंक से शहर वासियों को मुक्त कर पायेगा.

फुसरो में होगा अखिल भारतीय कवि सम्मलेन का आयोजन

कवि सम्मलेन के बारे में बताते आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ.श्याम कुंवर भारती (दायें) और महासचिव नितेश सागर
कवि सम्मलेन के बारे में बताते आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ.श्याम कुंवर भारती (दायें) और महासचिव नितेश सागर

दिनांक ०९.१२.२०१७ को संध्या ५ बजे से बेरमो प्रखण्ड के बहुउद्देशीय भवन में राष्ट्रीय कवि संगम बोकारो जिला इकाई और महिला कल्याण समिति ढोरी के सौजन्य से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. राष्ट्र जागरण को लेकर आज की पीढी को नई चुनौती से अवगत कराने का उद्देश्य है, कई राज्यों से कुल १४ कवियों द्वारा काव्यपाठ किया जायेगा.

उपरोक्त जानकारी देते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ.श्याम कुंवर भारती और महासचिव नितेश सागर ने कहा कि इस अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में भोपाल के विजय गिरी, कानपुर की अनीता वर्मा, पंजाब के दिनेश देवगगढ़िया, दिल्ली से पंकज झा, रामगढ़ के राकेश नाजुक, सरोज कान्त झा, धनबाद के मुकेश आनंद, बसंत जोशी, राहुल कुमार, पटना से समीर परिमल, रांची से सीमा तिवारी सहित कुल १४ कवि और कवयित्री भाग लेंगे.

इस कवि सम्मलेन को इस क्षेत्र के लिए एक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि राष्ट्रीय स्तर की संस्था राष्ट्रीय कवि संगम से जुड़े कवियों का इसमें अभूतपूर्व योगदान रहने वाला है. इससे पूर्व भी कई बार विभिन्न संस्थाओं द्वारा इस क्षेत्र की जनता ने कवि सम्मेल्लन का लाभ उठाया है पर इस कवि सम्मलेन की सबसे विशेष बात यह है की युवाओं में राष्ट्र के प्रति सम्मान और प्रेरणा भरने का प्रयास और उद्देश्य के साथ इसका आयोजन किया जा रहा है.

फुसरो ई-पत्रिका अखिल भारतीय कवि सम्मलेन के आयोजकों को इस आदर्श प्रयास के लिए शुभकामना देती है और आशा करती है कि यह आयोजन पूरे कोयलांचल में एक मिसाल कायम करे.

नावाडीह प्रखण्ड में अवैध उत्खनन : प्रशासन अनभिज्ञ

छाया : आजाद

बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड, उपरघाट, बरई पंचायत में इन दिनों जोरों पर सफेद पत्थरों का अवैध उत्खनन का कार्य बेरोकटोक किया जा रहा है. अवैध उत्खनन कर  उन पत्थरों को ट्रक के माध्यम से बाहर भेजा जाता है.

सूत्रों के हवाले से  बताया गया है कि बरई पंचायत के अंतर्गत कई जगहों पर सफेद पत्थरों का अवैध उत्खनन किया जा रहा है. आगे बताया जाता है कि स्थानीय मजदूरों के माध्यम से विभिन्न ठेकेदारों द्वारा  सफेद पत्थर का तश्करी किया जा रहा है. उक्त स्थान ने अनियंत्रित उत्खनन के कारण कई जगहों पर खदान का रूप ले लिया है. 

इन स्थानों से पत्थरों को छोटे वाहनों ट्रैक्टर आदि के माध्यम से बनकटवा स्थित टांड़ में जमा कर ट्रक में लाद कर भेजा करते हैं. बताया जाता है  कि बरई पंचायत में सफेद पत्थर प्रचुर मात्रा में है और इसी का लाभ उठा कर प्रतिदिन कई खेप ट्रक पत्थर बाहर भेजा जा रहा है.

इस संदर्भ में वन क्षेत्र के अधिकारी नागेन्द्र चौधरी से पूछने पर बताया गया कि उन्हें सफेद या किसी अन्य प्रकार के पत्थरों के उत्खनन अथवा तश्करी  का पता नही है. उनके अनुसार वह अभी अस्वस्थ हैं और गश्त पर जाने में असमर्थ हैं.

जिला उत्खनन से ऐसी स्थिति में संज्ञान लिये जाने की आवश्यकता है, क्योंकि इससे न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण प्रभावित हो रहा है बल्कि अन्य कई ऐसे ही अवैध धंधों के पनपने का खतरा बढ़ जाता है.

बोकारो थर्मल की विनीता और चास की कुमकुम जिले की सर्वश्रेष्ठ आंगनवाड़ी सेविका

रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में आयोजित समारोह में पूरे राज्य के विभिन्न जिलों की आंगनवाड़ी सेविकाओं को उनके कार्य के आधार पर चयनित कर आमंत्रित किया गया था.

उक्त समारोह में बोकारो थर्मल गोबिंदपुर डी पंचायत जनता नगर निवासी व आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 17 की सेविका विनिता प्रसाद को बोकारो जिला की सर्वश्रेष्ठ सेविका के लिए रांची में आयोजित समारोह में पुरस्कृत किया गया.

समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राज्य की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री डाॅ लुईस मरांडी ने सभी सेविकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. बोकारो थर्मल की सेविका विनिता प्रसाद व चास की सेविका कुमकुम देवी को बोकारो जिला की सर्वश्रेष्ठ सेविका घोषित किया गया.

विनिता को पुरस्कृत करने पर स्थानीय सेविकाओं में सुषमा कुमारी, मीना देवी, अर्चना कुमारी, सोनी गुप्ता, तब्बसुम आरा, देवंती देवी, सीमा देवी, रिंकू देवी, तब्बसुम अली, सीमा, रोहिणी देवी आदि ने बधाई देते हुए हर्ष व्यक्त किया है.

आँगनवाड़ी सेविकाओं को मिले इस सम्मान से उन सभी समवर्गी कर्मियों का उत्साह वर्धन हुआ है तथा प्रेरणा भी मिली है जिससे वे अपने कार्य क्षमता को कैसे विकसित कर सकते है और अपने कार्य की जिम्मेवारी का भली प्रकार संवहन कैसे कर सकते हैं इसका ज्ञान भी प्राप्त होता है.

निरंतर विधुत आपूर्ति के लिए प्रयास तेज

केंद्र सरकार द्वारा प्रयोजित पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत शेष बचे सभी गाँव व टोला मे यथा शीघ्र विधुतीकरण किया जायेगा और विधुतीकरण किये गये स्थानों पर पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत विधुतीकरण का बोर्ड लगना तथा संबधित क्षेत्र के सांसद से उदघाट्न व शिलान्यास अनिवार्य रुप से सुनिश्चित कराने के लिए विधुतीकरण करने वाली ऐंजेसी को निर्देश दिया जायेगा.

सातों दिन चौबीस घंटे विधुत आपूर्ति  हो इसके लिए सरकार कृत संकल्प है, इसलिए विधुत की पर्याप्त आपूर्ति के लिए गिरिडीह संसदीय क्षेत्र सहित झारखंड के सभी स्थानों पर लगाये गये ट्रांसफर्मरों की क्षमता वृद्धि के लिए उच्च क्षमता का ट्रांसफर्मर लगाया जायेगा.

खराब पड़े सोलर लाइट को मरम्मत कराने के लिए सरकार विचार करेगी, जमीन अधिग्रहण और मुआवजे के मामले का यथाशीघ्र निपटारा कर पावर ग्रिड के द्वारा बनाये जा रहे ग्रिड और उप-केन्द्रों के निमार्ण में गति लायी जाएगी, पावर प्लांट का निर्माण के लिए पावर फाईनेंस कॉरपोरेशन से ऋण लेकर प्लांट निमार्ण मे विलंब करने वालों पर कठोर कारवाई किया जायेगा.

उपरोक्त अश्वासन ऊर्जा पर संसद की स्थाई समिति के अध्यक्ष डॉ. कम्बम हरि बाबू ने विगत बुधवार को समिति की बैठक मे समिति के वरिष्ठ सदस्य सह गिरिडीह सांसद रवींन्द्र कुमार पाण्डेय की माँग पर जवाब देते हुए कहा- उन्होंने यह भी कहा की बंद पड़े डीवीसी की पुरानी इकाइयों को चालू कराने और डीवीसी को कोयला की कमी दूर करने हेतू प्रयास किया जा रहा है, जबकि  बैठक मे उपरोक्त माँग करते हुए सांसद रवींन्द्र कुमार पाण्डेय का कहना था कि, सभी स्थानों पर आबादी और विधुत के उपभोक्ताओं मे भारी वृद्धि हुई है, इसलिए सभी ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि होना चाहिए, पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना केन्द्र प्रयोजित अति महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, लेकिन उक्त योजना का बोर्ड नही लगा कर संवेदक मनमानी कर रहे है तथा विपक्ष के लोग श्रेय लुटना चाहते है.

खराब पड़ें सोलर लाइट के मरम्मत का प्रावधान नही होने के कारण केन्द्र सरकार के द्वारा 75% राशि अनुदान देने के बावजूद भी जनप्रतिनिधियों की रुचि सोलर लाईट लगाने मे नही है, पावर ग्रिड के कार्य मे शिथिलता के कारण ससमय विधुतीकरण के लिए सरकार के द्वारा निर्धारित लक्ष्य प्रभावित हो रहा है, पावर फाईनेंस कॉरपोरेशन से ऋण लेने के लंबे समय बाद भी अनेक निजी संस्थानों के द्वारा नया पावर प्लांट नही लगा कर ऋण की राशि का अन्य मद मे उपयोग किया जा रहा है.

कोयला की कमी के कारण डीवीसी के अनेक प्रतिष्ठानों मे क्षमता से कम उत्पादन किया जा रहा है, तथा बंद पुरानी इकाइयों को चालू करने मे बाधा उत्पन्न हो रहा है, बैठक मे मुख्य रुप से समिति के दर्जनों सदस्य सह सांसद के अलावा ऊर्जा सचिव, अपर सचिव, पावर फाईनेंस कॉरपोरेशन, आर.ई.सी, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के चेयरमैन और ऊर्जा मंत्रालय के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे|­

निष्कर्ष :

कुल मिलकर कहा जा सकता है कि प्रयास सभी क्षेत्रों में होने से ही सफलता की आशा की जा सकती है. न सिर्फ ट्रांसफ़ॉर्मरों की क्षमता बल्कि विद्युत उपभोक्ताओं को इसके बचत के प्रति जागरूक बना कर भी इसके उत्पादन और वितरण पर समुचित और सकरात्मक प्रभाव डाला जा सकता है, सिर्फ ठेकेदारों और डीवीसी और नयी योजनाओं के क्रियान्वयन के भरोसे रहना और यह आशा करना कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में यह संभव हो सकेगा दूर का ढोल ही जान पड़ता है.

चाहे जो भी हो प्रयास करते रहने से ही सफलता मिलेगी, यही सत्य है. और इन सब बातों की जिम्मेवारी हमें भी लेनी होगी, कि हम बिल देते हैं इसका यह मतलब नहीं कि हम बिजली का दुरुपयोग करें. 

अस्फाकुल्लाह खान के शहादत दिवस पर होगा कौमी एकता कार्यक्रम का आयोजन : मो.कलाम

देश के लिए हँसते-हँसते अपनी जान कुर्बान करने वाले युवा क्रांतिकारियों में शामिल नाम है- अशफाकउल्लाह खान का. ब्रिटीश हुकूमत के विरुद्ध इस क्रन्तिकारी ने जहाँ एक ओर अपनी पिस्तौल का प्रयोग किया वही दूसरी ओर अपनी कलम से ‘हसरत वारसी’ के नाम से इन्कलाब की आवाज भी बुलंद की.

“जिंदगी बादे-फ़ना तुझको मिलेगी ‘हसरत’,
तेरा जीना तेरे मरने की बदौलत होगा”

मृत्यु के गले लगाते उनके आखिरी वाक्य थे-

“मेरे भाइयों! मेरा सलाम लो और इस नामुकम्मल काम को, जो हमसे रह गया है, तुम पूरा करना. तुम्हारे लिए हमें मैदाने-अमल तैयार कर दिया है. अब तुम जानो तुम्हारा काम जाने.”

इसी सन्दर्भ में 19-12-2017 को अस्फाकुल्लाह खान के शहादत दिवस पर फुसरो में एक कौमी एकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है. इसीलिए भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा कार्य समिति के सदस्य, मोहम्मद कलाम खान ने राँची जाकर अल्प संख्यक आयोग झारखण्ड सरकार के चेयरमैन मोहम्मद कमाल खान से भेंट की, और उनसे आग्रह किया कि, वे उक्त कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें.

अल्प संख्यक आयोग झारखण्ड सरकार के चेयरमैन मोहम्मद कमाल खान ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि, वे जरुर इस कार्यक्रम में आएंगे तथा “इस प्रकार के आयोजनों से कौमी एकता को बल मिलता है और समाज में एक अच्छा सन्देश भी जाता है कि, जिस प्रकार हमारे शहीदों ने इस देश को अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, उसके मूल्यों को हमारी पीढ़ी को कभी भी भूलना नहीं चाहिए, उनके इस शहादत को हम व्यर्थ के विवादों में उलझ कर आज झुठलाते जा रहे हैं, जिसके प्रति लोगो को जागरूक करना भी हमारा ही कर्तव्य है.”

मो. कलाम ने आगे बताया कि “यह देश उन सबका है जो मुल्क से मुहब्बत करते हैं, फिर चाहे वो किसी भी कौम या मजहब से नाता रखने वाला क्यों न हो. हम by-chance नहीं हम by-choice भारतीय हैं. जब मुल्क तकसीम हो रहा था तो जिन्हें जाना था वो गए, हम भी जा सकते थे, पर हमें इस मिट्टी से जुड़ाव था इसलिए नहीं गए, हमने इसको चुना क्योंकि इसी धरती ने हमको चुना, इसी धरती पर हम पैदा हुए हैं. आज हमारे शहीदों को करीब-करीब भुला दिया गया है. सिर्फ गिने-चुने चंद नाम ही शामिल किये जाते हैं उनकी सूची में, जबकि ऐसे न जाने कितने शहीद हुए जो आज भी गुमनाम हैं.”

फुसरो सिटी ई-पत्रिका को दिए अपने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में मो. कलाम ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन के पीछे मकसद साफ़ है यह कोई पार्टी अथवा दलीय राजनीती से प्रेरित नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग में यह भ्रान्ति मिटाना है कि, मजहब की राजनीती अब नहीं हो सकती, अब हमें कोई भी बरगला नहीं सकता, ये देश सबका है ‘ह’+’म’ हम एक हैं चाहे हिन्दू हो या मुसलमान.

आगे उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम की कई तैयारियां अभी पूरी की जानी बाकी है जिन्हें उन्हें समय रहते पूरा करना है, और किसी भी प्रकार की नयी सूचना वे हमें उपलब्ध कराते रहेंगे.

विकास के लिये प्रतिबद्ध

सोनारडीह स्टेशन से झाड़ग्राम मेमू ट्रेन का परिचालन आज पुन: शुरू।

गिरीडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय एवं धनबाद मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल तथा अन्य उपस्थित गणमान्य झाड़ग्राम मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए.
गिरीडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय एवं धनबाद मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल तथा अन्य उपस्थित गणमान्य झाड़ग्राम मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए.

बाघमारा : 18 नवम्बर 2017  को गिरीडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय तथा धनबाद मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने शनिवार को सोनारडीह स्टेशन से संयुक्त रूप से झाड़ग्राम मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया।

आपको बता चले कि सांसद के प्रयास से झारग्राम ट्रेन का विस्तार सोनारडीह स्टेशन तक हुआ हैं। ट्रेन का विस्तार होने से बाघमारा एवं आस-पास के इलाके में निवास करने वाली जनता तथा व्यापारियों को लाभ मिलेगा। जिससे वहां की जनता में हर्ष का माहौल है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बने मकानों का गृह प्रवेश
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बने मकान की चाभी लाभुक को सुपुर्द करते हुए गिरिडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय

18 नवम्बर 2017 को ही धनबाद जिला के बाघमारा प्रखण्ड के विभिन्न पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बनने वाली लाभुंको को गृह प्रवेश कराया और लाभुक को मकान की चाभी सुपुर्द की। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है और हर संभव प्रयासरत है कि हर गरीब को पक्का मकान हो, महिलाओं को गैंस चूल्हा मिले एवं शौचालय बनवाकर मदद की जा रही है।

इसके अलावा बाघमारा प्रखण्ड में लौहपिटी पंचायत के ग्राम जामडीहा में आंगनवाड़ी केन्द्र संख्या-03 के निर्माण कार्य का शुभ उदघाट्न किया, जिसकी राशि-6 लाख है, यह ICDS एवं मनरेगा मद से निर्मित किया जायेगा। मौके पर धनबाद मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, सांसद प्रतिनिधि अनिल उपाध्याय, राकेश सिंह सहित भाजपा के कार्यकर्ता एवं ग्रामीणों का जन-समूह मौजूद था।

संतोष मिश्रा ‘‘गौतम’’
सांसद आवासीय कार्यालय
गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र
कैम्प-फुसरो, बेरमो
जिला-बोकारो (झारखण्ड)