देश मना रहा वूमन डे

वाह रे दुनिया तेरी कहानी
मेरा दुख और मेरी जवानी
रो-रो कर जगती मे राते
यही हकीकत हे जग जाने।

वाह रे दुनिया पोस्ट बनाया
नारी को शक्ति दिखलाया
कह गए झूठ अपनेपन की
और न जाने कितने सपने दिखलाया।

अब भी मै अभियान बनी हूँ,
अब भी झूठी शान बनी हूँ,
तुमने हर वक्त जो कुचला है,
उस पल से अंजान रही हूँ.

वाह रे दुनिया तेरी कहानी,
तुमने ये त्योहार मनाया,
तुमने खबर हजार बनाया
कभी मे लुटि बीच सड़कों में,
तो कभी अपनो ने धमकाया.

सोचा था मैं साथ चलूंगी,
हक अपना अब बांट चलूंगी,
पर तुमने कुछ और दिखाया,
क्यो हकीकत को झुठलाया?

नारी का सम्मान करो,
उनके हक की पहचान करो
न बातो से कुछ होना है,
अब सभी को एकजुट होना है।

अब न कोई सवाल उठेगा….
न इंसाफ का दरवाजा पिटेगा….
जो कुचलने हमें आगे आये….
उसे नारी शक्ति का रुप दिखेगा…. ”

पूरा भारत पोस्ट घुमाया
आखिर क्यों नारी को
अच्छी “बहु” नहीं बताया.

अब आगे सोचने का काम आप सभी का है,
महिला दिवस के अवसर पर सभी को बधाई।

क्षणिकाएं : ०६

उनसे कहा तो, अच्छा नहीं होगा

आज हवाओं का रुख मेरी तरफ है,

सूरज की किरणें भी मेरी तरफ हैं.

आज जुल्फों के साये मेरी तरफ हैं,

आँचल की ओट भी मेरी तरफ है.

नहीं है तो सिर्फ, वो खुशबू नहीं है,

वो तेज, वो झीनापन नहीं है,

मैं हूँ इनका ये हैं मेरे,

भले ही लगे हो,

जितने भी पहरे,

मैं जानता हूँ

वो न हो सकेंगे मेरे,

हों भले किसी और के गिरेबां में,

उनके हाथों के घेरे,

मगर प्यार की हद में,

मुझे है रहना,

पड़े दर्द चाहे

कोई भी सहना,

रुक जाओ हवाओं,

ये उनसे न कहना,

राज की बात है,

राज ही रखना,

उनसे कहा तो, अच्छा नहीं होगा.

: नीरज पाठक