विशाल हिन्दू सम्मलेन, ऐतिहासिक भीड़, साध्वी सरस्वती के उद्घोष पर जयघोष

हिन्दू कल्याण मंच, बेरमो, जिला- बोकारो, झारखण्ड द्वारा आयोजित विशाल हिन्दू सम्मेलन में उमड़ी भीड़ ऐतिहासिक थी. कोयलांचल की धरती पर ऐसा जन सैलाब विरले ही देखने को मिला है. गौ-वध निषेध हो, विधर्मी हुए हिन्दुओं की घर-वापसी हो और कश्मीर सहित आतंकवाद के मुद्दे पर खुल कर बोलीं विश्व हिन्दू परिषद की राष्ट्रीय प्रवक्ता साध्वी सरस्वती. जय-जय श्रीराम के जयघोष से गूँज उठा पूरा कोयलांचल. हिन्दू कल्याण मंच के अध्यक्ष रामू दिगार को अपनी तलवार भेंट करते हुए उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में वे हिंदुत्व के प्रति सक्रियता इसी भांति दिखाते रहें.

साध्वी सरस्वती ने कहा कि हिन्दू धर्म की सनातनी परंपरा सदियों से चली आ रही है. सनातन धर्म हमारी जननी है. सनातन परंपरा का रक्षण करना हम सभी का धर्म है.  धन का लोभ देकर लोग धर्मांतरण कराते है. झारखंड एवं बिहार में ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्म-परिवर्तन का काम किया जा रहा है जिसे रोका जाना नितांत आवश्यक है. पूरे भारत वर्ष में वर्षों से धर्म-परिवर्तन का कारोबार चला आ रहा है. इसके लिए ऐसी संस्थाओं को मुंहतोड़ जबाब देना है. जिसके लिए ऐसे ही युवाओं को आगे आना होगा.

विशाल हिन्दू सम्मलेन, ऐतिहासिक भीड़, साध्वी सरस्वती के उद्घोष पर जयघोष
विशाल हिन्दू सम्मलेन, ऐतिहासिक भीड़, साध्वी सरस्वती के उद्घोष पर जयघोष

गौ माता का दुश्मन कभी हमारा मित्र नहीं हो सकता. देश में गौ-हत्या पूर्ण रूप से बंद होना चाहिए. सभी हिन्दू अपने घरो में गौ-पालन करें. गाय में सभी देवों का वास होता है. हर घर में गौ-गीता-रामायण होनी ही चाहिए. “भारतीय संस्कृति किसी को नहीं छोड़ती, पूँछ में आग लगाओगे तो लंका जला डालेगें“, देश में हिन्दूत्व की भावना बढ़ रही है. भारत विभिन्न भाषा व त्योहारों का देश है. सभी एक साथ कार्य करते है तो हिन्दुत्व कहलाता है. सन्यास का काम भगवा पहनना नहीं है. देश के युवाओं का मार्ग दर्शन करना है.

इस सम्मलेन में युवाओं को भारतीय संस्कृति, सभ्यता व धर्म की रक्षा का संकल्प दिलाते हुए उन्होंने आगे कहा कि मुझे गर्व है कि मैं हिन्दू हूँ और हिन्दुओ से कहना चाहती हूँ, राम मंदिर को बनाने में आप आगे आईए. कहा कि हिन्दुओ की आस्था से राम मंदिर बनेगा. भारत में रहना है तो भारत को मां कहना पड़ेगा. कई वर्षों बाद भारत को अच्छा प्रधानमंत्री मिला है. महिलाओ के बल पर ही भारत विश्व गुरु बनेगा. हिन्दुओ को छेड़ने वाले को छोड़ेगे नहीं.

चित्रकूट से आये स्वामी श्री सीताराम शरण महाराज ने उपस्थित भीड़ से कहा कि “हाय-हेल्लो छोड़ीये और जयश्री राम कहिए”. अपनी शैली में बोलते हुए उन्होंने आगे कहा कि भारत अनादी काल से महापुरुषों संतो महात्माओ की भूमि रही है, जहाँ से अध्यात्मिक, सुमधुर वायु फैलाता रहा है. हमारा भारत पुनः विश्व गुरु के स्थान को प्राप्त कर सके, उसके लिए हम सब को प्रयास करना होगा.

इससे पूर्व बेरमो प्रखंड कार्यालय से विशाल जुलूस जय श्रीराम, जय-जय श्रीराम के जयघोष के साथ निकला जो फुसरो बाजार से पुराना बीडीओ आॅफिस होते हुए करगली फुटबाॅल मैदान, अपने निर्धारित सभा स्थल तक पहुंचा. कार्यक्रम में टी.राजा नहीं आ सके तो उनके इंतजार को विराम दे, सभा की शुरुआत की गयी. हजारों की संख्या में लोग भगवा ध्वज के साथ जयश्री राम का जयघोष करते चल रहे थे. यह दृश्य अदभुत था.

: निष्कर्ष

इस प्रकार के आयोजन से यह पता चलता है कि धर्म ने सभी को एकात्म किया है, क्योंकि इसमें सभी वर्गों के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की. हमें धार्मिक होना ही चाहिए, पर इसका तात्पर्य हमारे द्वारा किये गए सत्कार्य से होना चाहिए. सभा में कितने ऐसे थे जिन्होंने शायद पहली बार जयश्री राम बोला हो. पर इस प्रकार के सम्मलेन ने उन्हें एक राह दिखाई है उनके झिझक को तोड़ा है. इस प्रकार के सम्मेलनों के अभाव से ही हम अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं. सेल्फी की धूम रही, फोटो से पूरा सोशल मिडिया भरा पड़ा है. रोड पर अनाथ विचरती गायों का ख्याल रखने वाला कोई नहीं, सभी हिन्दू गायों का दूध निकाल कर उन्हें सड़कों पर घूमने को छोड़ देते हैं फिर चाहे उनका जो भी हो और गौ रक्षा की बात करते हैं, और तो और जो हिन्दू ऐसा करते हैं उनको बोलने वाला कोई हिन्दू सामने क्यों नहीं आता. सिर्फ जय श्री राम कहने से आप हिन्दू नहीं हो जाते राम चरित्र को अपनाना भी पड़ता है. अपने सामाजिक उतरदायित्व को समझ कर जब आप कोई काम करते हैं जिससे किसी अन्य का भला होता हो तो वह होगा असली हिंदुत्व. 

जय-जय श्री राम.