अब डाकघरों से हो सकेगा आधार में नामांकन और सुधार

गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत गिरिडीह एवं धनबाद डाक सर्किल परिक्षेत्र के गिरिडीह, बोकारो एवं धनबाद जिले के 21 डाकघरों को आधार नामांकन और अद्यतनीकरण सुविधा शुरू करने के लिए चयनित किया गया है। इनमें गिरिडीह डाक सर्किल अंतर्गत गिरिडीह जिला के गिरिडीह मुख्य डाकघर, सहित पचम्बा, बरगन्डा एवं बनियाडीह, बोकारो जिले के फुसरो बाजार, सण्डेबाजार, बोकारो थर्मल, चन्द्रपुरा, बेरमो, आई0ई0 गोमिया एवं कथारा तथा धनबाद डाक सर्किल अंतर्गत धनबाद जिले के गोमो, सिजुआ, टुण्डू, सोनारडीह, मलकेरा, नदखुरकी, कतरास बाजार, नावागढ़, महुदा एवं कतरासगढ़ डाकघर शामिल है।

इन चयनित डाकघरों में शीघ्र ही यह सुविधा प्रारम्भ होगी। इस आशय की जानकारी केन्द्रीय संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री मनोज सिन्हा ने गिरिडीह सांसद रवीन्द्र कुमार पाण्डेय को पत्र लिखकर जानकारी दी है एवं अपने क्षेत्र के लोगों को इसकी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने बताया कि देश में चुनिंदा डाक घरों के माध्यम से आधार नामांकन और अद्यतनीकरण की सुविधाएॅ प्रदान करने के लिए इस व्यापक नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा।

आधार नामांकन और अद्यतनीकरण केन्द्रों की स्थापना करने के कार्य को फेज वार किया जाएगा वर्तमान में पूरे भारत में लगभग 13466 डाकघरों की पहचान की गई हैं। उन्होंने बताया कि नामांकन प्रक्रिया में निवासियों की जनसांख्यिकीय और बायोमीट्रिक सूचना की इलेक्ट्रानिक गणना भी शामिल हैं। सांसद श्री पाण्डेय ने अपने क्षेत्र के डाकघरों में आधार नामांकन और अद्यतरीकरण सुविधा प्रदान करने के लिए केन्द्रीय मंत्री एवं प्रधानमंत्री को बधाई दी हैं।

अवैध शराब के विरुद्ध अभियान में आई तेजी, हुई छापेमारी : तीन गिरफ्तार

विगत दिनों समाचारों में आ रहे विभिन्न खबरों और शिकायतों पर कार्रवाई होती दिखनी शुरू हो गयी है. यह एक स्वस्थ समाज के लिए अच्छा संकेत है. प्रशासन ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि यदि वे अपने पर आ गए तो किसी भी असामाजिक गतिविधि को रोक सकते हैं. इसी सिलसिले में अवैध शराब बिक्रेताओ के विरुद्ध छापेमारी, की गयी और भारी मात्रा में अवैध शराब की बरामदगी की गई, शराब की बोतल सील करने में प्रयुक्त होने वाली मशीन भी बरामद की गयी और साथ ही तीन गिरफ्तारियां भी हुईं.

जब्त की गयी शराब की बोतलें.
जब्त की गयी शराब की बोतलें.

बेरमो थाना के ए.एस.पी. सुभाषचन्द्र जाट के नेतृत्व में अवैध शराब बिक्रेताओ के विरुद्ध छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसमे भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब की बोतलें जब्त की गयी और तीन लोग गिरफ्तार किए गए. बी.टी.पी.एस. स्टेशन के पास राजा बाजार के नीचे टोला से शराब की करीब 100 बोतलें जब्त की गई दुकान का मालिक राजेश रजक फरार हो गया. वहीं स्टेशन के पास ही मोती मोबाइल दुकान से 34 बोतल शराब समेत संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया. जबकि कथारा स्थित झारखंड होटल से 70 बोतल शराब सहित दो बंडल स्टीकर, बोतल सील-बन्द करने के लिए लगभग 130 ढक्कन एवं खाली बोतल बरामद किया गया. उक्त दुकान से मुकेश भुइया को गिरफ्तार किया गया और मालिक फरार बताए जा रहा है. बोकारो थर्मल थाना प्रभारी सह इंसपेक्टर परमेश्वर लियांगी के उपस्थिति में  रविवार की देर रात्रि बोकारो थर्मल एवं कथारा में छापामारी अभियान चला कर यह बड़ी सफलता मिली.

जहाँ एक ओर ए.एस.पी. श्री जाट ने कहा कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्णतः अंकुश लगाया जाएगा, वहीं दूसरी ओर बी.टी.पी.एस. थाना प्रभारी परमेश्वर लियांगी ने बताया कि स्टेशन समीप नीचे टोला स्थित राजेश रजक के घर मे छापामारी के दौरान घर की महिलाओं ने काफी हो हंगामा मचाया जिसे देखते हुए  ए.एस.पी. ने बिना देर किये महिला सिपाही बल मंगवा कर छापेमारी अभियान को जारी रखा. इस अभियान में बोकारो थर्मल थाना प्रभारी सहित गोमिया थाना प्रभारी अनिल शर्मा, एस.आई. उमेश मण्डल, निरंजन पाण्डेय आदि पुलिस बल के जवानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही.

पुलिस की यह सक्रियता निःसंदेह रूप से जहाँ एक ओर प्रशंसनीय है वहीं दूसरी ओर उन सभी असामाजिक तत्वों के विरुद्ध एक सन्देश भी है कि प्रशासन की चुप्पी व सामान्य बर्ताव पर स्वयं को आजाद न समझे व ऐसे कारोबार और धंधों से दूर ही रहें क्योंकि सही मौके को पुलिस कभी नहीं चूकती.

अवैध शराब का फलता-फूलता धंधा और कन्नी काटते अधिकारी.

कोयलांचल के कई हिस्सों में अवैध शराब का धंधा बदस्तूर जारी है. हालांकि बीते दिनों कुछ जगहों पर कार्रवाई (यहाँ क्लिक कर देखें कार्रवाई की रिपोर्ट) की गयी थी पर हाल वही ढाक के तीन पात है. बोकारो थर्मल पॉवर स्टेशन (बी.टी.पी.एस.) थाना अंतर्गत पड़ने वाले कई इलाके जिनमे बरवाबेड़ा से पहले बोकारो थर्मल-जारंगडीह रेलवे लाईन एवं कोनार नदी के किनारे जंगल में वृहद् पैमाने पर अवैध शराब के निर्माण का धंधा इन दिनों जोरों पर है.

अवैध शराब निर्माण के बाद उक्त शराब उत्पाद को बोकारो थर्मल, कथारा, जारंगडीह, स्वांग, गोमिया एवं ऊपरघाट के अवैध शराब के अड्डों पर दोपहिया वाहनों की सहायता से ढोकर पहुँचाया जाता है. इन स्थानों पर किये जा रहे अवैध शराब निर्माण के बाद उसके कचरे को जो कि सड़े हुए महुआ, कोयला की भट्ठियों के राख, नौसादर के पानी आदि को कोनार नदी के जल में बहा कर नदी के जल को प्रदूषित किया जा रहा है.

इन स्थानों पर बनाये गये कोयले की बड़ी-बड़ी भट्ठियों पर बड़े-बड़े ड्राम चढ़ाकर उसमें महुआ को डालकर पकाया जाता है, और विभिन्न प्रकार के रसायन को मिलाकर शराब तैयार किया जाता है. इस संबंध में बेरमो वन क्षेत्र के रेंज आॅफिसर डी.के. श्रीवास्तव से पूछा-ताछ की गयी, इसपर उनका कहना था कि, “उपरोक्त स्थान वन क्षेत्र का है या नहीं यह जांचोपरांत ही कहा जा सकता है”.

आश्चर्य इस बात का है कि डी. के. श्रीवास्तव बेरमो वन क्षेत्र के रेंज ऑफिसर हैं, तो क्या उन्हें यह भी पता नहीं कि उनके क्षेत्र की सीमा क्या है? जबकि बोकारो थर्मल के इंस्पेक्टर सह थानेदार परमेश्वर लेयांगी का कहना था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. यदि ऐसा हो रहा है तो इस पर जांचोपरांत कार्रवाई जरुर की जाएगी.

दीगर बात यह है कि, राह चलते लोगों को भी पता है कि कहाँ क्या हो रहा है पर जनता है आज की ‘जानती तो सब है पर चुप रहने में अपनी भलाई समझती है’ तो क्या ऐसे कारनामों व अवैध निर्माण पर प्रशासन को संज्ञान नहीं ले सकती? जरुरत न सिर्फ प्रशासन पर निर्भर रहने की नहीं है बल्कि समाज से भी जुड़े लोगों को आगे आना होगा और ऐसी चीजों के खिलाफ आवाज उठानी होगी और तब यदि प्रशासन से सहयोग नहीं मिलता तो फिर प्रशासन को दोष देना सही मायने में उचित होगा.