Teachers Required – शिक्षकों की आवश्यकता

TEACHERS  REQUIRED

A renowned school system in ADSSVM (Anpati Devi Saraswati Shishu Vidya Mandir), Phusro invites qualified and experienced candidates for primary teacher (Female, preferably unmarried).

Interested candidates may appear for a written test on 29th of March 2018 at 10:00AM with their resume, and may also frequent in English Reading, Writing and Speaking

S/d
Principal
Mobile:
9546634081
9470356696

शिक्षकों की आवश्यकता

शहर के एक प्रतिष्ठित विद्यालय अनपति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, फुसरो में सुशिक्षित एवं अनुभवी सह अंग्रेजी सुलभ प्राथमिक स्तर के लिए शिक्षक (लड़की/महिला, अविवाहित को प्राथमिकता) की आवश्यकता है.

इच्छुक अभ्यर्थी अपने संक्षिप्त परिचय के साथ दिनांक 29-03-2018 को सुबह 10:00 बजे से आ सकते हैं.

ह./प्र.
प्रधानाध्यापक
संपर्क सूत्र
9546634081
9470356696

अनपति स्कूल में गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती मनाई गई

फुसरो के अनपति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में देश के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती भव्य रूप से समारोह का आयोजन कर मनाई गई.

कार्यक्रम का शुभारम्भ बतौर मुख्य अतिथि विद्यालय के पूर्व सचिव श्री ओमप्रकाश अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित कर किया.
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अशोक सिंह ने उनका स्वागत किया और सभी से परिचय कराया. इस अवसर पर विद्यालय के कई भैया बहनों ने श्री रामानुजन की जीवनी एवं कार्यो पर प्रकाश डाला.
 मुख्य अतिथि श्री अग्रवाल अपने संबोधन में बच्चों से कहा कि गणित जीवन में बहुत उपयोगी विषय है, इसका हमारे दैनिक कार्य व्यवहार में जीवंत उपयोग किया जाता है. अतः आप कठोर परिश्रम करें और शत प्रतिशत अंक प्राप्त करने के का प्रयत्न करें.
विद्यालय के गणित आचार्य जगदीश महतो ने श्री रामानुजन के व्यक्तित्व व जीवन शैली से विद्यार्थियों को अवगत कराया.
जहाँ एक ओर इस कार्यक्रम में मंच संचालन का काम अंग्रेज़ी के आचार्य नवल किशोर सिंह ने किया वहीं कार्यक्रम की समाप्ति में कार्यक्रम प्रमुख उपेन्द्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया.
इस अवसर पर कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय प्रभारी सुनील चन्द्र झा, इंदिरा सिंह, सविता सिंह, रंजू झा, निशा सिन्हा, कविता, साधन चंद्रधर, प्रभुनाथ मिश्र, कामदेव सिंह, जितेन्द्र चौधरी, राकेश सिंह आदि का प्रमुख योगदान रहा.