गिरिडीह में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के स्थानीय कार्यालय का उद्घाटन

दिनांक 2 /7/ 2018 दिन सोमवार दोपहर 1:00 बजे अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के स्थानीय कार्यालय मैं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री दीपक तिवारी प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन कुमार सिन्हा प्रदोष कुमार प्रदेश महासचिव आर्यन राज सिन्हा आमंत्रित हुए आज के बैठक में मुख्य विषय स्थानीय कार्यालय का उद्घाटन तथा मानवाधिकार एवं मानवाधिकार हनन के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई तथा शहर के सभी वर्गों को एक साथ मिलाकर संगठन को अधिक विस्तार करने हेतु चर्चा की गई !

इस बैठक में जिला के अध्यक्ष विनीत कुमार युवा अध्यक्ष डॉ संजय कुमार जिला मीडिया प्रभारी सुमन कुमार पांडे महिला उपाध्यक्ष सीमा देवी गिरिडीह कोडरमा मीडिया प्रभारी शिवनंदन पांडे महिला महासचिव शोभा देवी युवा जिला उपाध्यक्ष संतोष ठाकुर जिला युवा सचिव अमित कुमार सह सचिव रंजीत कुमार आकाश कुमार मनीष मंडल कमलेश कुमार शर्मा तथा अन्य सदस्य के साथ साथ संस्था के सक्रिय सदस्य जितेन्द्र कुमार सिंह भी इस कार्यक्रम में शामिल थे !

अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन ने लाचार को दी मदद

दिनांक 26 जनवरी 2018 की वह दोपहर यशवंतपुर, कर्नाटक निवासी पांडुरंगप्पा के लिए थोड़ी राहत भरी कही जा सकी क्योंकि वह अचानक ही दीपक तिवारी, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के सामने आ गया और उसकी दशा देख दीपक ने उसकी यथा संभव न सिर्फ मदद की बल्कि और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का काम किया. जिससे और भी लोग उसकी मदद को आगे आये और फिर वह हटिया, रांची के लिए रवाना हो सका ताकि वह वहां से यशवंतपुर के लिए रवाना हो सके.

पांडुरंगप्पा, अपनी टूटी-फूटी हिंदी-अंग्रेजी में जो बता सका उसमें उसने यही बताया कि वह कर्नाटक के किसी मंजुनाथन टांसपोर्ट, जिसका काम गोविंदपुर हाईवे पर चल रहा है, कंपनी के ट्रक में खलासी का काम करता था. किसी बात पर नाराज उस ट्रक के चालक ने इसे रास्ते में ही उतार दिया और छोड़ कर चला गया, और वहीं से भटकता वह आज यहाँ आ पहुंचा.

लोगों ने उसकी सत्यता की जाँच करने के लिए गूगल के जरिये मंजुनाथन ट्रांसपोर्ट का पता लगाया और उसके कार्यालय पर फ़ोन के द्वारा संपर्क करने की कोशिश की पर फ़ोन नहीं लग सका. उसके मतदाता पहचान पत्र को भी सही पाया गया. उसके घर पर फ़ोन से सूचना देने के लिए उसके पास कोई नंबर नहीं था. इसलिए लोगों ने आगे आकर उसके घर यशवंतपुर तक जाने का मार्ग कागज पर लिखकर साथ में दे दिया ताकि आगे वह किसी की मदद लेकर अपने घर तक पहुंच सके.

दीपक आगे बताते हैं कि, वह अपने संगठन को और मजबूती प्रदान करने के लिए लोगों को जोड़ने का प्रयास करते रहते हैं, इसी क्रम में वे ऐसे कार्यों के माध्यम से लोगों जन में चेतना बढाने और साथ साथ लोगों की मदद कर अपने संगठन से जोड़ने के लिए द्रिढसंकल्पित हैं और अभी तक लगभग 40 से भी अधिक लोगों को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन से जोड़ चुके हैं.