दिव्यान्ग्जनों के हितार्थ पाताल तक पहुंची ‘आस्था’

दिव्यान्ग्जनों के हितार्थ पाताल तक पहुंची 'आस्था'

पाताल, जी हाँ सही सुना आपने, यह एक बहुत कम सुविधा सम्पन्न गाँव है जो झारखण्ड के हजारीबाग जिले में आता है, यह अपने जिले से लगभग 80-85 किलोमीटर, रांची से 80 और चतरा से 85 दूर अवस्थित है. पाताल नाम के गाँव तक पहुँचने का एक मात्र साधन रेलवे ही है, कोई पक्की सड़क नहीं है. यहाँ के मुख्य नजदीकी स्टेशन में कोले और हिन्देगिर आते हैं.

इस गाँव में दिव्यांगजनों की संख्या लगभग 80 है, यह जानकारी गाँव के मुखिया श्री इशाक एक्का ने हमें दी. सी.सी.एल. के पिपरवार क्षेत्र से नजदीक होने के कारण और मुखिया श्री इशाक एक्का ने दिव्यांग जनों की समस्या से अवगत कराया जिससे प्रभावित होकर आस्था पुनर्वास केंद्र के डॉ. शशि कान्त सिंह द्वारा सी.सी.एल.पिपरवार क्षेत्र के सहयोग से दिव्यांग जाँच शिविर में दिव्यांगों की जांच की गयी तथा जरुरतमंद दिव्यांग को सूचीबद्ध/चिन्हित किया गया.

श्री सिंह आस्था पुनर्वास केंद्र, फुसरो में बतौर मुख्य फिजिओथेरेपिस्ट विगत 10 वर्षों से कार्यरत हैं और अपने क्षेत्र में सिद्धहस्त होने के कारण इनके मेन रोड फुसरो, रहीमगंज स्थित क्लिनिक में दूर-दूर से लोग अपना इलाज करने आते रहे हैं. समय-समय पर कई जरुरत मंदों का इन्होने सामाजिक सहयोग और अपनी ओर से आर्थिक मदद द्वारा इलाज व अन्य सहायक उपकरण भी प्रदान किये हैं.

इसी क्रम में सी.सी.एल. पिपरवार क्षेत्र में आस्था द्वारा ही संचालित दिव्यांग निकेतन में अपनी सेवाएँ देने प्रायः ही जाया करते रहे हैं. इसकी जानकारी वहां के मुखिया श्री इशाक एक्का को होने पर उन्होंने सी.सी.एल. से इनकी मदद लेने की इच्छा जताई तथा सी.सी.एल. के आग्रह पर इन्होने ‘पाताल’ गाँव जाकर अपनी ओर से शिविर में भाग लिया और अपनी सेवाएँ दी.

बताया गया कि, चिन्हित दिव्यांग लोगों को जल्द ही समुचित उपकरण की सुविधा प्रदान की जायगी, जिन दिव्यांग जनों को जिस प्रकार के सहायक उपकरण की आवश्यकता है वैसी सूची तैयार कर ली गयी है, और 21 दिसम्बर 2017 को उनके बीच सहायक उपकरणों का वितरण किया जायगा, इस बावत उक्त क्षेत्र के अन्य जन पर्तिनिधियों को भी सूचित किया गया है.