राजेश कुमार पाठक : एक परिचय

प्रखण्ड साख्यिकी पर्यवेक्षक
सदर प्रखंड, गिरिडीह
सम्प्रति : दुमका प्रखण्ड, झारखंड

राजेश कुमार पाठक ने अपनी दसवीं की शिक्षा राम रतन उच्च विद्यालय, ढोरी, फुसरो से सम्पन्न करने के बाद बी. एन. कॉलेज बड़हिया से अंतरमाध्यमिक व स्नातक की शिक्षा ग्रहण की, तत्पश्चात राजनीतिशास्त्र में स्नातकोत्तर की शिक्षा भागलपुर विश्वविद्यालय से पूरी की. इनमे विद्यार्थी जीवन से ही साहित्य के प्रति गहरा लगाव रहा और भागलपुर विश्विद्यालय से ‘ज्ञान-ज्योति‘ पत्रिका का प्रकाशन/संपादन भी किया, अपनी ओजस्वी रचनाओं से हमेशा चर्चा में बने रहे.

प्रारंभिक जीवन संघर्षमय बना रहा और कहीं न कहीं उसकी झलक उनकी रचनाओं में देखनो को अक्सर मिल ही जाती है. भागलपुर विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद वे विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में सम्मिलित होते रहे और वर्ष १९९९ में उन्हें सफलता मिली तथा वे ‘सांख्यिकी पर्यवेक्षक’ के रूप में पदस्थापित हुए. वर्तमान में वे सरकारी सेवा के साथ ही गैर लाभकारी संगठन से भी जुड़े हैं, अभी हाल ही में उन्हें ‘राष्ट्रीय कवि संगम‘, गिरिडीह इकाई का जिला संयोजक मनोनीत किया गया है. माओवादियों पर इनकी किताब ‘पुकार(एक काव्य संग्रह) काफी चर्चित हुई है, जिसके माध्यम से इन्होने उनको पुकार लगायी है कि वे मुख्यधारा में लौट लायें.

वर्ष २००१ में हुई भारत की जनगणना में समय पर अपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण करने के लिए राष्ट्रपति द्वारा कांस्य पदक प्राप्त है. कम्बल वितरण में अनियमिता को रोकने हेतु मुख्यमंत्री जनसंवाद में इनके सुझाव को स्वीकार किया गया तथा उसपर ‘झारखंड सरकार का अमिट-लोगो’ लगाया गया.

सरकारी सेवा में रहते हुए विभिन्न योजनाओं के सटीक क्रियान्वयन एवं साहित्य सेवा के लिए इन्हें प्रशासन द्वारा अनेक बार अलग-अलग अवसरों पर प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किये गए हैं. साहित्य जगत में अपने अमूल्य योगदान के लिए विभिन्न संस्थानों द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है जिनमे NGO, ENVOY Foundation, Giridih द्वारा पुस्तक मेला में अवार्ड तथा मुस्लिम यूथ फेडरेशन, गिरिडीह द्वारा शेख भिखारी साहित्य पुरस्कार भी सम्मिलित है.

इनकी रचनाएँ चाहे वह लेख हों, सुझाव हो, कहानी हों या फिर कवितायेँ हो लगातार ही दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, प्रभात खबर जैसी विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते ही रहे हैं.

हमारी वेबसाइट के लिए उनके द्वारा दिए गए योगदान के लिए हम ह्रदय से आभार प्रकट करते हैं.

 ईश्वर इनकी लेखनी को और संबल प्रदान करें यही शुभेच्छा है.

Team Phusro.in