देश मना रहा वूमन डे

वाह रे दुनिया तेरी कहानी
मेरा दुख और मेरी जवानी
रो-रो कर जगती मे राते
यही हकीकत हे जग जाने।

वाह रे दुनिया पोस्ट बनाया
नारी को शक्ति दिखलाया
कह गए झूठ अपनेपन की
और न जाने कितने सपने दिखलाया।

अब भी मै अभियान बनी हूँ,
अब भी झूठी शान बनी हूँ,
तुमने हर वक्त जो कुचला है,
उस पल से अंजान रही हूँ.

वाह रे दुनिया तेरी कहानी,
तुमने ये त्योहार मनाया,
तुमने खबर हजार बनाया
कभी मे लुटि बीच सड़कों में,
तो कभी अपनो ने धमकाया.

सोचा था मैं साथ चलूंगी,
हक अपना अब बांट चलूंगी,
पर तुमने कुछ और दिखाया,
क्यो हकीकत को झुठलाया?

नारी का सम्मान करो,
उनके हक की पहचान करो
न बातो से कुछ होना है,
अब सभी को एकजुट होना है।

अब न कोई सवाल उठेगा….
न इंसाफ का दरवाजा पिटेगा….
जो कुचलने हमें आगे आये….
उसे नारी शक्ति का रुप दिखेगा…. ”

पूरा भारत पोस्ट घुमाया
आखिर क्यों नारी को
अच्छी “बहु” नहीं बताया.

अब आगे सोचने का काम आप सभी का है,
महिला दिवस के अवसर पर सभी को बधाई।

अंकित मित्तल

स्वतंत्र लघु-फिल्म निर्देशक, युवा व्यवसायी. (Ankit Trading Co. Phusro) मेन रोड फुसरो बाज़ार

You May Also Like