गम न करें – १३

गम न करें, सोचें और शुक्र अदा करें.

नरमी जिस चीज में होगी, उसे जीनत देगी. जिस चीज से निकाल ली जायगी, उसमे ऐब पैदा होगा. बातचीत में नरमी, चेहरे पर मुस्कूराहट, गुफ्तगू के वक्त अच्छी बात, यह, वह बेहतरीन अवसाफ (गुण) हैं, जो खुशनसीबों के हिस्से में आते हैं. ये बेहतरीन इंसानों की शिफात है. इनकी मिसाल ऐसी है, जैसे शहद की मक्खी, पवित्र चीज खाकर पवित्र चीज बनाती है. वो फूल पर बैठती है, लेकिन इसे तोड़ती नहीं.

नरमी से अल्लाह (भगवान) वह चीज दे देता है, जो सख्ती से नहीं मिलती. नरम मिजाज वालों का लोग स्वागत करते हैं. निगाहें इन्हें देखती हैं, दिल मायल होता है. रूहें सलाम करती हैं. वजह ये है कि इनका मिजाज, बातचीत, लेनदेन, मेलजोल और खरीदना बेचना हर जगह इन्हें महबूब बना देता है. दोस्त बनाना एक फन है.

बुराई का जवाब भलाई से दो. इस सूरत में आपके और जिसके बीच अदावत है, वो ऐसा हो जायगा जैसे दिली दोस्त. सही इन्सान तो वो है, जिसके जुबान और हाथ से दूसरा इन्सान महफूज हो. अल्लाह ने मुझे हुक्म दिया है जो मुझसे कटे मैं उससे जुडु, जो मुझ पर जुल्म करे मैं उसे माफ़ कर दूं. अगर हम ये राह अपनाएंगे तो हमेशा खुश रहेंगे.

जारी…