गम न करें – २

गम न करें, सोचें और शुक्र अदा करें.

एक राज की बात हम सब को जान लेनी चाहिए, जिस प्राणी का जनम मनुष्य में हो गया मर्द या औरत, वह अमर है. सबसे पहले हम सब को यह जान लेना चाहिए कि हमारा भगवान, अल्लाह एक है. उसने पहला इनसान जो दुनिया में बनाया, उसको लोग आदम के नाम से जानते हैं. आदम अलैहिस्सलाम पहला इनसान और भगवान का धरती पर पहला दूत है. आदम अलैहिस्सलाम के बांया पसली से औरत को बनाया गया जिसको लोग हौआ के नाम से जानते हैं. इसिलिये मर्द का बाएं तरफ का एक पसली कम है.

आदम अलैहिस्सलाम के रीढ़ से दुनिया में आने वाले तमाम इनसान के आत्मा (रूह) को भगवान ने पैदा किया और रूहों के रहने की एक दुनिया बनायी जिसे परमलोक (आलमे अरवाह) के नाम से जाना जाता है. माँ के पेट में आने से पहले हम सब परमलोक में थे. 6 जिंदगी अल्लाह ने तमाम मनुष्य को दिया. एक जिंदगी परमलोक दूसरी जिंदगी माँ का पेट, तीसरी जिंदगी दुनिया का पेट जहाँ अभी हम सब हैं. दो जिंदगी हम सब ने गुजार दिया, तीसरा जिंदगी हम सब गुजार रहे है. यह तीनो जगह मनुष्य जिन्दा है, तीन जिंदगी अभी बाकी है.

तीसरी जिंदगी दुनिया के पेट में हम सब गुजार रहे हैं. यहाँ पर अपने मुकद्दर का जीवन जीने के बाद हम सभी को यह दुनिया छोड़ देना होगा. अब चौथी जिंदगी आरंभ हुई. दुनिया छोड़ने के बाद तमाम आत्मा जिस लोक में रहेगी उसे परलोक (आलमे बरजख) कहते हैं. आलमे बरजख  में तमाम रूहें क़यामत (महाप्रलय) तक रहेगी, उसके बाद पांचवीं जिंदगी की शुरुआत होगी, पहला इनसान आदम अलैहिस्सलाम से लेकर आखिरी इनसान सब के सब क़यामत में फिर से जिन्दा किये जायेंगे. वह क़यामत का एक दिन पचास हजार वर्षों का होगा. वहां पर हिसाब किताब किया जायगा, तीसरी जिंदगी का.

पांच सवालों का जवाब हर मनुष्य को देना होगा. पहला जीवन कहाँ गुजारा? दूसरा जीवन कैसे गुजारा? तीसरा माल कैसे कमाया? चौथा माल कहाँ खर्च किया? पांचवा अपनी अकल किस काम में लगायी? यह सवाल जवाब के बाद छठी जिंदगी जो मिलेगी वह कर्म के हिसाब से स्वर्ग या नरक की होगी.

जारी…