गम न करें – १

गम न करें, सोचें और शुक्र अदा करें.

गम न करें.
सोचें और शुक्र अदा करें.

मतलब यह है कि जब आप अल्लाह भगवान की नेमतों को याद करेंगे, तो आपको हर कदम नेमत ही नेमत दिखाई देगी. अगर आप इन नेमतों को गिनना चाहें तो भी गिन नहीं पाएंगे. जिस्मानी सेहत, मुल्क में अमन, शुकून, खाना, कपड़ा, पानी, हवा यानी पूरी दुनिया आपके पास है, आप जिंदगी के मालिक है, और आपको एहसास भी नहीं कि जिस मालिक ने, जाहिरी (दिखाई देने वाला) और छिपी हुई नेमतें तुम पर उड़ेल दी है.

क्या यह आसान बात है कि आप अपने पैरों पर चल फिर रहे हैं, जब कि कितने पाँव काट दिए गए, आप अपनी पिण्डलियों के बल खड़े हैं, जबकि कितनी पिण्डलियाँ टूटी हुई हैं. क्या आप इसके हकदार हैं? कि आप आराम की नींद सोयें, जबकि दुनिया के हालात ने कितनो कि नींदें उड़ा रक्खी है.

हम पेट भर खा लेते हैं. खूब सैराब होकर  पीते हैं, जब कि कितने हैं, जिन्हें खाना नहीं मिलता, बीमारीयों ने उन्हें खाने-पीने से रोक रक्खा है. कान के बारे में सोचें, आपकी सुनने कि सलाहियत दुरुस्त है. आँख के बारे में सोचें, आप अंधे नहीं हैं. अपनी अकल के बारे में सोचें, आप अकल वाले हैं. आप पर जूनून या दीवानगी तारी नहीं होता, आप को गरम रोटी, ठंडा पानी, मीठी नींद और शुकून हासिल है, फिर भी परेशान व गमगीन हैं. आप के गमगीन रहने कि दो-चार वजहें हैं, और खुश रहने के हजारों वजहें अल्लाह भगवान ने अता की हैं, इसलिए गम न करें और खुदा का शुक्र अदा करें.

जारी…