गीत

दिल टूट के गिरा यूँ!

|| दिल टूट के गिरा यूँ ||   दिल टूट के गिरा यूँ, मिट्टी का हो खिलौना | फूलों से भी था नाजुक, काँटा बना बिछौना ||   क्यों अपने हुए पराये, गम ये बड़ा सताए | वो तो हँस रहे हैं, मुझको ही क्यों रुलाये || थम जा ऐ! …