व्यंग

नदियों को नदियों से जुड़ने दो!

नदियां बहती जा रही थी। लोगों के पाप को धोते जा रही थीं। कोई कूड़ा-करकट फेंकता तब भी वह निश्चता के भाव से उसे स्वीकार करते जा रही थी पर मन में एक बात उसे सालती जा रही थी कि वर्षों से मानव जाति में दो बहनों के बीच आना-जाना, …

तेजपत्ता
व्यंग

तेजपत्ता

तेजपत्ता, जी साहब! यह वो चीज़ है जो आपके भोजन के लिए बनाये गए व्यंजनों में जब शामिल होता है तो उसका स्वाद बढ़ा देता है, पर सबसे पहले थाली में से इसे ही बाहर कर दिया जाता है. यह इसका दुर्भाग्य है या यह सीधा प्राकृतिक व्यवस्था की भेंट …

व्यंग

खिचड़ी

खिचड़ी, जी हाँ, नाम सुनकर कई तो मुंह ही बना डालते हैं, खास कर वो जिन्हें सिर्फ उदर शांति से मतलब नहीं बल्कि जिह्वा पर स्वाद के कमल खिलाने भर से होता है, कुछ के मुंह का स्वाद ही बिगड़ जाता है तो कुछ खास पकाने के शौक़ीन उसमें विभिन्न …