समीक्षा

नक्सलियों को मुख्यधारा में जोड़ती एक अपील

पुकार ! चिंगारी से लगी आग को, आज बुझाने आया हूँ, मानो या फिर ना मानो इक बात सुझाने आया हूँ| त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के बाद अब सरकारी तंत्र में आवश्यक बदलाव नजर आने लगा है. छोटे-छोटे झगडे और आपसी विवाद अब स्थानीय स्तर पर सुलझाने का सफल प्रयास किया …

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पुकार

पुकार – एक हिन्दी काव्य पुस्तक। ऑनलाइन पढ़ें! विषय – नक्सलवाद पर आधारित। रचयिता – श्री राजेश कुमार पाठक, प्रखण्ड साख्यिकी पदाधिकारी, गिरिडीह। पुकार पुस्तक के बारे में कुछ बताने से पहले मैं थोड़ी बातें कवि के बारे में बताना चाहूंगा। श्री राजेश पाठक उस पारिवारिक पृष्ठभूमि से आते हैं …