निःशुल्क साइंस एवं मैथ क्लासेज के बच्चों ने जैक बोर्ड में लहराया परचम

अर्चना सिंह द्वारा चलाए जा रहे निशुल्क साइंस मैथ क्लासेज मैं दसवीं के जैक बोर्ड के बच्चों ने अपना परचम लहराया निशुल्क शिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में सबसे बड़ा योगदान श्री उपेंद्र पांडे जी का रहा जिन्होंने आज के इस व्यवसायीकरण के दौर में निशुल्क शिक्षा देकर समाज के गरीब तबके के लोगों के लिए एक बहुत बड़ा काम किया है इस संबंध में श्री उपेंद्र पांडे जी का कहना है कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती बशर्ते उचित मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन मिले.

math science class मे मुख्य रूप से सोनू कुमार ने क्रमशः मैथ में 95% साइंस में 73 प्रतिशत अमित ने मैथ में 88 प्रतिशत साइंस में 59 प्रतिशत आरती ने मैथ में 55% साइंस में 59 प्रतिशत नंबर लाया यह सभी विद्यार्थी बहुत कमजोर तबके से आते हैं.

उनके अभिभावकों ने श्री उपेंद्र पांडे जी के प्रति अपना आभार जताया इस कार्यक्रम को चलाने में अब तक श्री योगेश तिवारी श्री अरुणेश और श्री सुजीत ठाकुर का बहुत सराहनीय योगदान रहा इन सभी ने विशेष रूप से श्री उपेंद्र पांडे जी को धन्यवाद दिया और कहा कि यह कार्यक्रम आगे भी इसी तरह जारी रहना चाहिए

विष्णुगढ़ में हुआ कवि सम्मेलन : राकेश नाजुक हुए सम्मानित

उत्सव : मांडू विधायक जयप्रकाश भाई पटेल जी का जन्मदिन का अवसर
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विष्णुगढ़ के प्लस टू इंटर कॉलेज में कवियत्री और समाजसेविका श्रीमती अनिता महतो जी के द्वारा काव्यवर्षा नाम से कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया ! ये काव्यवर्षा मांडू के विधायक श्री जयप्रकाश भाई पटेल जी के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर किया गया ! आयोजन में बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता ,मूक नाटक, नृत्य प्रतियोगिता के साथ साथ कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया !

आयोजन समिति के सदस्यों ने विधायक जी का स्वागत बुके देकर और माला पहनाकर किया ! इस शुभअवसर पर रामगढ़ जिला के उभरते गीतकार राकेश नाजुक ने अपने गीतों से दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित कर लिया,,राकेश के गीत ख्वाब है प्रीत है गीत संगीत है को लोग साथ साथ पढ़ रहे थे ! राकेश नाजुक ने विधायक जी की माँ के सम्मान में एक मुक्तक * माँ की आंखों में जब भी उतरता हूँ मैं ,,खौफ से एक पल भी न डरता हूँ मैं * पढ़कर सबका मन जीत लिया ,,कार्यक्रम का समापन विधायक जी के हाथों केक काटकर हुआ ! साथ ही सभी कवियों के साथ साथ राकेश नाजुक जी को विधायक जी ने मोमेंटो और उपहार देकर सम्मानित किया !

बाहर से आए कवियों में अनन्त महेंद्र,अजय धुनि,रेणु मिश्रा,अशोक गुप्ता ,पुष्कर राज,अनंत ज्ञान, नितेश सागर,रविन्द्र रवि ने भी अपनी रचनाओ से शमा बांधा,सभी ने अनिता महतो जी के द्वारा उठाए गए इस कदम की खूब प्रंशसा की !

सोच की आजादी

हमारा सम्पूर्ण जीवन हमारे विचारों के द्वारा नियंत्रित होता है | हमारे जैसे विचार होते हैं , हमारी जैसी सोच होती है ; हमारी जैसी चिंतन धारा होती है ; वैसी ही हमारी प्रवृति होती है | जैसी प्रवृति होगी व्यवहार ठीक उसी के अनुकूल होगा ;व्यवहार के अनुरूप ही हमारे जीवन का निर्माण होता है | निष्कर्षतः मनुष्य का समग्र जीवन उसकी सोच व विचारधाराओं के गीर्द ही घूमती है | अब देखने की जरूरत यह है कि व्यक्ति की विचारधारा कैसी है ? यदि व्यक्ति सकारात्मक विचारों का स्वामी है तो उसके जीवन में पवित्रता स्थाई रूप से रहेगी | विचारधार दूषित है तो जीवन भी दूषित हो जाता है | नदी किनारे एक कुंभकार मिट्टी को आकार दे रहा था | वह मिट्टी से चिलम बना रहा था | अचानक उसके विचार बदले और उसने चिलम की जगह घड़ा बनाना शुरू कर दिया | पास बैठी कुम्हारिन ने पूछा मिट्टी का आकार क्यों बदल गया ? कुम्हार ने कहा कि बस यूँ ही मेरा विचार बदल गया | माटी ने तत्तक्षण कहा तुम्हारे विचार क्या बदले मेरा तो संसार ही बदल गया |

वस्तुतः किसी व्यक्ति के जीवन की ऊँचाई उसके नजरिये की ऊँचाई पर निर्भर करती है | यदि सोच स्वस्थ है तो व्यक्ति का जीवन मानवता का आदर्श बन जाता है और सोच यदि नकारात्मक है तो पूरी मानव जाति के लिए कलंक बन जाता है हम चाहें तो अच्छे नजरिये के बल पर अपने भीतर सकारात्मकता को प्रकट कर अपने जीवन में अहोभाव का अलग आनंद उत्पन्न कर अभिनव उल्लास की अभिव्यक्ति कर सकते हैं |

सोच तीन प्रकार की मानी गई है – भौतिक सोच व्यवहारिक सोच व  आध्यात्मिक सोच |

भौतिक सोच वाले व्यक्ति भोगवादी मनोवृति से ग्रसित होने के कारण इनके जीवन में दुखों का अम्बार लग जाता है | भौतिक सोच मनुष्य की चिंतनधारा को संकीर्ण बना देती है | ऐसे लोग स्वार्थी मनोवृति के धारक बन जाते हैं,

व्यावहारिक सोच में जीने वाले लोग इस बात के प्रति सजग रहते हैं कि उनके किसी बर्ताव से सामने वाला आहत न हो बल्कि विशेष रूप से प्रभावित हो |

सर्वश्रेष्ठ सोच अध्यात्मिक सोच को माना गया है | अध्यात्मिक सोच से प्रभावित व्यक्ति बुराई में भी अच्छाई ढूँढ लेता है | वह दूसरों पर दोषारोपण की जगह स्वयं को उस हालात में स्थापित कर सूक्ष्मता से विचार करता है | राम और रावण के अंतर का कारण क्या था राम अध्यात्मिक सोच से भरे थे , उनका त्यागमय और मार्यादित जीवन ही उन्हें ईश्वरत्व की महिमा से मंडित कर दिया | जबकि रावण की भौतिक सोच ही उसे संसार में घृणा का पात्र बना दिया | यह अतीत में राम और रावण की घटना ही नहीं आज भी एसा ही होता है |

सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति अपनी चिंतनधारा व प्रर्वृति के बल पर अपने जीवन का उत्कर्ष कर लेता है और जीवन को मंदिर बना लेता है |

प्रभावशाली व ऐतिहासिक व्यक्ति वही माना गया है जिसकी सोच स्वतंत्र रही है | जो किसी की थोपी गई विचारधारा को अपने जीवन का मार्ग नहीं बनाता बल्कि अपने जीवन की इमारत की भव्यता स्वयं गढ़ता है और अखंड विश्वास के साथ लक्ष्य को प्राप्त कर इतिहास रचता है | कहा भी गया है सुने सबकी, करें वही, जिसकी अनुमति आपकी आत्मा देती हो | आत्मा की आवाज सुन कर अपने जीवन को गति देनें वाला प्राणी कभी भी असफलता का न तो मुख देखता है न ही हताशा, निराशा व अवसाद का शिकार होता है , प्रारब्ध को ही अपने जीवन का श्रेष्ठ परिणाम समझ प्रफुल्लित मन से स्वीकार कर लेता है | हाँ , जीवन पथ संघर्ष व चुनौतियों भरे अवश्य होंगे किन्तु आजाद चिंतन वाले व्यक्ति कभी विचलित नहीं होते | स्वतंत्र चिंतन, मनन मंथन ही श्रेष्ठ व सत्य मार्ग दिखलाने का कार्य करता है | स्वतंत्र व सम्यक चिंतन से जुड़ने की कोशिश हमारे जीवन में सार्थक उपलब्धियाँ अर्जित कराता है हमारे सफल संतुष्ट जीवन का मूलाधार हमारी सोच की धुरी पर केन्द्रित है |

कुछ नया करने का साहस और जुनून आजाद ख्याल की टोलियों में पाए जाने वाले कुछ चुनिंदे लोगों में ही होते हैं , ऐसे लोग न आग से खेलने में घबराते हैं न ही झुलस जाने के परिणाम की चिंता करते हैं | निश्कर्षतः ऐसे व्यक्ति जमाने की परवाह किए बिना एक ऐसी लकीर खींच डालते हैं जिसे भावी पीढ़ी मिटा तो नहीं पाती बल्कि उस पथ की अनुगामिनी अवश्य हो जाती है | ऐसे ही विरले लोग खुले आसमान में ऊँची उड़ान तय करते हैं , सपनों में मनचाहा रंग भरते हैं और धरती को एक चमत्कार भेंट स्वरूप सौंप देते हैं | हमारी धरती के जितने भी आविष्कर्ता हुए जिनकी खोजों की बदौलत मानव सम्यता ने सुई से लेकर चाँद तक के सफर की यात्रा तय की है , निःसंदेह उनके मन की उड़ान , आसमान को छूने के लिए फड़फडाते पंखों ने कभी विश्राम नहीं लिया होगा , ऐसे ही आजाद लोग दुनिया की तस्वीर बदलने का ज़ज्बा रखते हैं |

अंततः विलक्षण व्यक्ति सत चिंतन व स्वतंत्र सोंच की बुनियाद पर ही अपने जीवन के साथ संसार में भी व्यापक परिवर्तन का निमित माना गया है | कहते हैं कि सोच तेरी बदली तो नजारा बदल गया, किश्ती ने बदला रूप तो किनारा बदल गया |

ओम प्रकाश यादव

 

 

 

 

 

लेखक डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल
झुमरीतिलैया, कोडरमा, के प्राचार्य हैं.

Teachers Required – शिक्षकों की आवश्यकता

TEACHERS  REQUIRED

A renowned school system in ADSSVM (Anpati Devi Saraswati Shishu Vidya Mandir), Phusro invites qualified and experienced candidates for primary teacher (Female, preferably unmarried).

Interested candidates may appear for a written test on 29th of March 2018 at 10:00AM with their resume, and may also frequent in English Reading, Writing and Speaking

S/d
Principal
Mobile:
9546634081
9470356696

शिक्षकों की आवश्यकता

शहर के एक प्रतिष्ठित विद्यालय अनपति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, फुसरो में सुशिक्षित एवं अनुभवी सह अंग्रेजी सुलभ प्राथमिक स्तर के लिए शिक्षक (लड़की/महिला, अविवाहित को प्राथमिकता) की आवश्यकता है.

इच्छुक अभ्यर्थी अपने संक्षिप्त परिचय के साथ दिनांक 29-03-2018 को सुबह 10:00 बजे से आ सकते हैं.

ह./प्र.
प्रधानाध्यापक
संपर्क सूत्र
9546634081
9470356696

भारतीय नववर्ष की शुभकामनाएँ

संवत 2075 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के प्रारंभ पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ. जानिए कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जो आज के दिन से सम्बंधित हैं. ब्रह्म पुराण के मतानुसार चैत्र प्रतिपदा से ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी. इस कारण आज के दिन को सृष्टि दिवस भी कहा जाता है. शुक्ल प्रतिपदा का दिन चंद्रमा की कला का प्रथम दिवस होता है. प्रतिपदा तिथि से पौराणिक व ऐतिहासिक दोनों प्रकार की कई मान्यताएं जुड़ी हुई हैं जिस कारण इसका महत्त्व और भी अधिक हो जाता है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने बाली के अत्याचारी शासन से वानर प्रजा को मुक्ति दिलाई थी. इसलिए प्रजा ने घर-घर में उत्सव मनाकर ध्वज (गुड़ी) फहराए थे, तब से यह परम्परा चली आ रही है और फलस्वरूप आज के दिन को गुड़ी पर्व के रूप में भी मनाया जाता है.

नववर्ष के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले इस त्यौहार को भारतीय संस्कृति के अनुरूप विभिन्न प्रांतों में स्थानीय परम्पराओं का पालन कर मनाया जाता है. आन्ध्र प्रदेश और तेलंगाना में ‘गुड़ी पड़वा’ को ‘उगाड़ी’ नाम से मनाया जाता है. कश्मीरी हिन्दू इस दिन को ‘नवरेह’ के रूप में मनाते हैं. मणिपुर में यह दिन ‘सजिबु नोंगमा पानबा’ या ‘मेइतेई चेइराओबा’ कहलाता है. महाराष्ट्र में घर के आंगन में गुड़ी खड़ी करने की प्रथा प्रचलित है. इसीलिए इस दिन को गुड़ी पड़वा नाम दिया गया. ऐसा माना जाता है कि यह वंदनवार घर में सुख, समृद्धि और खुशियां लाता है. इस दिन ख़ास कर महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में भारतीय व्यंजनों में पुराण पोली अथवा श्रीखंड का बनना वर्ष पर्यन्त सबसे मीठा बोलने और अच्छा व्यवहार करने की प्रेरणा देता है.

इसे नव संवत्सर भी कहते हैं इस विक्रम संवत की शुरुआत 57 ईसवी पूर्व में हुई. इसको शुरू करने वाले सम्राट विक्रमादित्य थे, इसीलिए उनके नाम पर ही इस संवत का नाम रखा गया है. इसके बाद 78 ईसवी में शक संवत का आरम्भ हुआ. इस हिन्दू नव वर्ष के पहले दिन प्रातः काल में उदित होते सूर्य को अर्घ्य देकर ईश्वर से सुख, शांति,समृद्धि और आरोग्यता की कामना की जाती है.

चैत्र नवरात्र का प्ररम्भ भी आज के ही दिन से होता है, नवरात्र के प्रथम दिवस पर माँ शैलपुत्री, द्वितीय दिवस पर माँ ब्रह्मचारिणी, तृतीय दिवस पर माँ चंद्रघंटा, चतुर्थ दिवस पर माँ कुष्मांडा, पंचम दिवस पर माँ स्कंदमाता, षष्ठम दिवस पर माँ कात्यायनी, सप्तम दिवस पर माँ कालरात्री, अष्टम दिवस पर माँ महागौरी तथा इसी प्रकार नौवें दिन पूजन-हवन आदि के बाद कन्या भोजन कराया जाता है और माँ नवदुर्गा की पूजा अर्चना के साथ नवरात्र का समापन होता है और इसी दिन रामनवमी भी मनाई जाती है जो श्रीराम के जन्म दिन के रूप में मनाया जाता है.

नववर्ष के प्रारंभ के साथ ही चैती छठ का आगमन हो जाता है, घरों में साफ सफाई का विशेष महत्व होता है. एवं प्रत्यक्ष एवं साक्षात् देव भगवान सूर्य की उपासना की जाती है. इस वर्ष चैती छठ व्रत की महत्वपूर्ण तिथियाँ इस प्रकार हैं :
21-03-2018 : नहाय खाय
22-03-2018 : खरना
23-03-2018 : संध्या अर्घ्य
24-03-2018 : प्रातः अर्घ्य

इस वर्ष दिनांक 25-03-2018 को ही अष्टमी एवं नवमी तिथि पर रही है. जिस कारण, जिन्हें व्रत करना है वे कन्या भोजन 25 को ही करावें परन्तु अपने अष्टमी व्रत का पारण दिनांक 26-03-2018 को ही करें.

बाटुल जी के विधायक मद से मिला एम्बुलेंस

दिनांक 10 मार्च 2018 को अग्रसेन भवन फुसरो में आयोजित एम्बुलेंस उदघाटन समारोह हुआ। बेरमो विधायक श्री योगेश्वर महतो बाटुल जी द्वारा विधायक मद से मारवाड़ी युवा मंच बेरमो शाखा को 1 सुसज्जित वातानुकूलित एम्बुलेंस प्रदान किया गया। जिसका उद्धघाटन नारियल फोड़ कर पंडित संतोष दीक्षित जी द्वारा पूजा अर्चना करवा कर माननीय विधायक जी किये।

मारवाड़ी युवा मंच के कार्यकर्ताओं के समाजसेवा भाव और कार्यशैली से प्रभावित होकर विधायक जी ने यह निर्णय लिया और मंच के आग्रह पर समाज के हित को ध्यान में रखते हुए आज एम्बुलेंस प्रदान करते हुए इसकी चाबी सौंपी. इससे लोगों को आपात काल में और मरीजों को द्रुत गति से तत्काल सेवा व स्वास्थ लाभ प्राप्त हो सकेगा. मंच के लोगों ने यह विश्वास दिलाया कि इस वाहन का सदैव समुचित प्रयोग ही किया जायगा.

जिसमे मुख्य रूप से मारवाड़ी युवा  मंच के अध्यक्ष भवानी शंकर अग्रवाल सचिव पंकज मित्तल कोषाध्यक्ष रोहित मित्तल, सहित दिलीप गोयल, ओम अग्रवाल, मीनू खेतान, अरुण अग्रवाल, राहुल गोयल, मीनू अग्रवाल, शंकर अग्रवाल, दिलीप खेतान सहित समाज के दामोदर अग्रवाल, आनंद गोयल, अशोक राठी, प्रेम राज गोयल, दीपक अग्रवाल, विजय अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष जगरनाथ राम, प्रखंड अध्यक्ष भाई प्रमोद, ओ.बी.सी. मोर्चा के विनोद महतो, मधुसूदन सिंह, विधायक प्रतिनिधि धनेश्वर महतो, जितेंद्र सिंह सहित कई गणमान्य लोग सम्मिलित थे।

भावपूर्ण श्रद्धांजली : नवल किशोर मित्तल

भावपूर्ण श्रद्धांजली, नवल किशोर मित्तल (07.03.1957-09.03.2018)

फुसरो के एक प्रतिष्ठित व्यवसायी श्री नवल किशोर अग्रवाल जी अब हम सभी के बीच नहीं रहे। 9 मार्च कि शाम 4 बजे उनके सबसे बड़े पुत्र विकास कुमार अग्रवाल ने दामोदर घाट के निकट मुखाग्नि दे कर उन्हें पंच तत्व मे विलीन किया। सभी वर्ग के लोगों के लिए अचानक यह खबर दुखद रहा। बेहद अफसोस होता है जब एक नेक इंसान हमें अचानक छोड़ के चला जाता है, नवल जी, एक सुलझे हुए व्यापारी ही नहीं बल्कि नेक दिल इंसान भी थे।

उन्होंने अपने जीवन काल में बहुत लोगों को मदद दी, हमेशा उन्होंने लोगों को अच्छा परामर्श दिया, हर वक्त उनकी यह सोच थी कि सही राह एवं सही व्यक्ति की पहचान आप को कभी हारने नहीं देगी, और यह सोच उन्हें हमेशा मजबूत बनाये रखी। वे बचपन से आखिरी सांस तक बस कर्म पर भरोसा किये ओर लोगों को प्रेरित किये। 61 वर्षीय इस व्यक्तित्व का इमानदारी एक उसुल था।

फुसरो ई-पत्रीका ऐसे नेक दिल इंसान को श्रद्धांजलि देता है और यह कामना करता है कि उनके परिवार को हिम्मत मिले। इस दुःख की घड़ी मे उनकी पत्नी का साहस समाज की समस्त महिला एवं उनके छोटे पुत्र अंकित ने बढाया। मौके पर मौजूद दिलीप मित्तल, मनोज मित्तल, विजय मित्तल, सुनिल मित्तल, श्यामसुंदर अग्रवाल, रामअवतार अग्रवाल, छितर बंसल, विनय रूंगटा, अजय गोयल, मदन अग्रवाल, नेमिचंद अग्रवाल, पंकज मित्तल, कृष्णा चांडक, पवन अग्रवाल, नविन गोयल, मारवाड़ी युवा मंच के सभी सदस्य, राधेश्याम अग्रवाल, प्रेम बाबु, मिंटू सिंह, राजेन्द्र झा, शंभू वर्णवाल, अभय विश्वकर्मा, महारुर्द सिंह, अशोक पटवारी, जगदीश पटवारी, एवं सैकड़ों लोगों ने कांधा दे कर अंतिम विदाई दी।

मारवाड़ी युवा मंच को मिला एम्बुलेंस

उद्घाटन समारोह 

माननीय बेरमो विधायक श्री योगेश्वर महतो ‘बाटूल’ के विधायक मद से मारवाड़ी युवा मंच बेरमो शाखा को वातानुकूलित एम्बुलेंस वाहन दिनांक 10 मार्च 2018 को प्रदान किया जाने वाला है.

समारोह उक्त तिथि को दिन में 11 बजे से अग्रसेन भवन, फुसरो में आयोजित किया जाना तय हुआ है.

अतः इस उद्घाटन समारोह में आप सभी समाज बंधुओं की उपस्थिति अपेक्षित है.

निवेदक
मारवाड़ी युवा मंच
बेरमो शाखा

25 फरवरी को होगा आजसू फुसरो नगर कार्यकर्ता सम्मेलन

आजसू पार्टी फुसरो नगर व बेरमो प्रखंड समिति की बैठक फुसरो स्थित प्रधान कार्यालय में हुई जिसकी अध्यक्षता नगर अध्यक्ष विनोद बाउरी ने तथा संचालन प्रखंड सचिव सुरेश महतो ने किया। बैठक में सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया गया की आगामी 25 फरवरी 2018 को आजसू पार्टी फुसरो नगर व बेरमो प्रखंड के कार्यकर्ता मिलान समारोह सह मिलन कार्यक्रम फुसरो में किया जाएगा।
केंद्रीय मुख्यालय सचिव कमलेश महतो ने कहा कि संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता है, और आजसू पार्टी हमेशा जनता की समस्याओ को लेकर आंदोलन करते आ रही है, और आगे भी करेगी। भविष्य में आंदोलन को और धारदार बनाने हेतु फुसरो नगर के सभी वार्डो में बैठक कर संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता है।
उन्होंने आगे कहा कि आजसू पार्टी का जनाधार पूरे झारखंड में बढ़ रहा है। यहां युवाओ और महिलाआ को पार्टी में जोड़ने पर बल दिया गया। इस अवसर पर महेंद्र चैधरी, मंजूर अंसारी, बिनोद महतो, प्रमोद कुमार, मनोज पांडेय, संतोष महतो , अनिल झा, बीरू हाड़ी, आदि उपस्थित थे।
 छाया / सूत्र : बेरमो आवाज

डी.ए.वी. ढोरी में मनाई गयी महात्मा एन. डी. ग्रोवर की पुण्य तिथि

डी. ए. वी. पब्लिक स्कूल, ढोरी में मंगलवार को महात्मा एन. डी. ग्रोवर की पुण्य तिथि मनायी गयी। उक्त अवसर पर वैदिक हवन का आयोजन किया गया। तत्पश्चात स्व. ग्रोवर साहब की तस्वीर पर विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक- शिक्षिकाओं तथा छात्र प्रतिनिधियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। डा. आर. सी. झा ने उनके व्यक्तित्व एवं सुकृत्यों पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने झारखण्ड सहित 8 राज्यों में लगभग 200 विद्यालयों की स्थापना की।

शिक्षा का अलख जगाने के साथ-साथ आर्यसमाज का विस्तार, प्रचार व प्रसार भी किया। वे गरीबों के मसीहा के रूप में जाने जाते हैं। प्रचार्य श्री एस. कुमार ने बताया कि आर्य समाज की प्रखर विभूति, स्वतंत्रता सेनानी, रसायन शास्त्र के प्रकांड ज्ञाता, तथा जीवट प्रतिभा, कर्मठ व अनुशासित व्यक्तित्व के स्वामी थे स्व. ग्रोवर। 15 नवंबर, 1923 में इशाखेल (पाकिस्तान) पंजाब प्रांत में जन्मे ग्रोवर साहब ने 1957 से आर्य समाज को अपनी सेवाएँ दी। वे हिसार व पंजाब में डी. ए. वी. पब्लिक स्कूल के प्राचार्य रहे। तदन्तर राँची, पटना जोन के क्षेत्रीय निदेशक तथा डी. ए. वी. काॅलेज मैनेजिंग कमिटी के उपाध्यक्ष बने।

उन्होंने अपनी पूरी जिन्दगी समाज के शोषित दलित और उपेक्षित वर्ग की सेवा में लगा दी। ऐसे महामानव ने असंख्य विद्यालय खोलकर समाज में शिक्षा के क्षेत्र में क्रान्तिकारी परिवर्तन लाने का कार्य किया। अंततः उन्होंने 6 फरवरी 2008 को अंतिम साँस लेकर इस मायावी संसार से विदा हो गये। उनके पद्चिह्नों पर चलना हम सबके लिये एक प्रेरणा स्त्रोत है। कार्यक्रम की उद्घोषणा श्री अशोक पाल ने किया। कार्यक्रम की सफलता में श्री एस. के. शर्मा, श्री राकेश कुमार, सुश्री श्वेता, श्री पंकज यादव तथा श्रीमती मौसमी गुप्ता का सराहनीय योगदान रहा।

छाया / सूत्र : बेरमो आवाज