आज का विचार मंथन : रविन्द्र कुमार “रवि”

मित्रों!इस लेख से पहले, मै यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ, कि मैं किसी की भी भावनाओं को ग्रसित कर, उसे आहत करने का उद्देश्य नही रखता । मै सिर्फ एक साहित्यकार के धर्म का निर्वहन करने का लघु-प्रयास कर रहा हूँ । अपने इस लेख के माध्यम से आज के डरे, सहमे, भीरू महापुरुषों को आइना दिखाने की कोशिश मात्र है ।

विगत कुछ दिनों से ये ड्रामा ज़ोर शोर से चल रहा है, धर्म-निरपेक्षता व धर्मांधता का —सुपर हिट, थ्री डी ड्रामा, जिसे देखने के लिए, एक ख़ास प्रकार के राजनैतिक चश्मे की आवश्यकता पड़ती है । मुम्बई-प्रवास के दौरान, जब मै संघर्ष के दौर से गुजर रहा था,मेरे मुस्लिम-मित्र, जो मेरे शुभ चिंतक थें, वहाँ के कुछ खास इलाकों मे ले जाने से बचते थें और सतर्क भी करते रहते थें । थोड़ा होशियार रहना भाई!यह मिनी पाकिस्तान है,यहाँ बहुत खतरा है,यहाँ कट्टर-पंथियो का झुंड है,कोई पुछे तो,मुस्लिम नाम बताना ।
बेचारे मित्र थें, मेरी सुरक्षा की चिंता स्वाभाविक थी ।

कलकत्ता-प्रवास के दौरान भी कुछ ऐसी ही स्थिति रही । अब समझ मे नही आता ,जब तथाकथित इन मिनी पाकिस्तान वालों का इतना ही ख़ौफ़ था ,तो तब किसी हिन्दू ने अपने डर का इतने ज़ोर शोर से प्रचार, प्रसार क्यों नहीं किया, ना किसी ने टी0वी0 पर बैठ कर डिबेट की,ना किसी तथाकथित बुद्धिजीवी ने अवार्ड लौटाया और ना ही किसी राज नेता को कोई दर्द हुआ । कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा पर भी किसी को कभी तरस नही आयी । देश के भिन्न-भिन्न हिस्सों में ऐसे अनेक घटनाएं होती रही हैं, जहाँ अपने हीं देश मे डर के साए मे लोग जीते आ रहे थें । तब किसी मीडिया, राजनेता, या इन प्रबुद्ध जनों की तंद्रा भंग नही हुई । है ना कमाल की बात?

मित्रों! हर तबके मे कुछ प्रबुद्ध वर्ग हैं, बस! उन्हें पहचाने और राष्ट्र तथा समाज के हित मे अपनी सोच को समृद्ध करते हुए, इन राजनैतिक, देश, समाज द्रोही षड्यंत्रकारियों के सता-लोलुप्तता के फन को कुचल कर इस राष्ट्र को सुरक्षित रखने मे अपना बहुमूल्य योगदान दें,क्योंकि यह देश हम सब का है ।

जय हिंद ।

गिरिडीह सांसद पर लगे आरोप की निंदा करता हूँ : अनिल झा (संस्थापक कौटिल्य महापरिवार)

कौटिल्य महापरिवार के संस्थापक श्री अनिल झा जो कस्तूरबा श्री विद्या निकेतन में कार्यालय अधीक्षक के रूप में कार्यरत हैं उन्होंने गिरिडीह सांसद श्री रवीन्द्र कुमार पाण्डेय पर बाघमारा विधायक ढुलु महतो द्वारा लगाये गए आरोप की कड़े शब्दों में निंदा की है और आरोप को सरासर बेबुनियाद बताया | अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए अनिल झा ने कहा कि माननीय गिरिडीह सांसद का लगभग २५ वर्षो के राजनितिक जीवन-काल में कभी भी सांसद के चरित्र पर दाग नहीं लगा है |

फुसरो सिटी ई-पत्रिका को दिए गए अपने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू श्री झा ने बताया कि समस्त गिरिडीह संसदीय क्षेत्र में माननीय सांसद की एक पारिवारिक पहचान है | इनको पूरे झारखण्ड में विकास पुरुष के नाम से जाना जाता है |

जातिगत एवं भेदभाव की राजनीति से दूर माननीय सांसद पूरे संसदीय क्षेत्र के लोगो के ह्रदय सम्राट हैं यह इनकी इसी छवि को धूमिल करने का प्रयास मात्र है | कुछ लोग राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से उनपर गलत आरोप लगा रहे हैं |

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि “मैं कौटिल्य महापरिवार,बेरमो की और से और निजी तौर पर इसकी भर्त्सना करता हूँ |”

योर कोट के बैनर तले ओपन माइक रामगढ 1.0 में भाग लिया कोयलांचल के प्रतिभागियों ने.

आज दिनांक 25-11-2018 को योर कोट के बैनर तले ओपन माइक रामगढ 1.0 में कोयलांचल के कई प्रतिभागियों ने भाग लिया जिनमे श्रीमती रजनी महरोत्रा नैयर, सन्डे बाज़ार से श्री विद्या भूषण मिश्र, ढोरी स्टाफ क्वार्टर के श्री नितेश सागर, सेन्ट्रल कोलोनी के श्री रविन्द्र कुमार रवि तथा फुसरो से श्री नीरज पाठक ‘अद्भुत’ ने अपनी प्रतिभा प्रदशित की.

कार्यक्रम के आयोजकों में राष्ट्रीय कवि संगम के जिला अध्यक्ष गीतकार राकेश नाजुक,जिला संयोजक राजू मानसाता और मिस्टर मोहित जी रहे. रामगढ़ कैंट के प्रतिष्ठित व्यापारी श्री कमल बगड़िया, वार्ड 9 के सदस्य और समाजसेवी श्री शंकर मिश्रा के साथ साथ राष्ट्रीय कवि संगम ,झारखंड के प्रांतीय महासचिव श्री सरोज झा झारखंडी ने भी अपनी सहभागिता निभाई.

अविस्मरणीय क्षण : अपनी प्रस्तुति देते कोयलांचल के कलाकार.

श्री नितेश सागर, ढोरी स्टाफ क्वार्टर
श्रीमती रजनी महरोत्रा नैय्यर, कथारा
श्री रविन्द्र कुमार रवि, सेन्ट्रल कॉलोनी
श्री विद्या भूषन मिश्र, सन्डे बाज़ार.
श्री नीरज पाठक ‘अद्भुत’, फुसरो

YourQuote के साथ ओपन माइक कैसे व्यवस्थित करें?

आज तक, YourQuote ने दुनिया के 92+ शहरों में 470+ ओपन एमआईक्स और 20+ मास्टरक्लास का आयोजन किया है।

आपके शहर / कॉलेज में एक ओपन माइक आयोजित करने के लिए दिशानिर्देश:

पूर्व आवश्यक वस्तुएँ:

  • मंच के लिए पर्याप्त प्रकाश (एक अच्छी तरह से प्रकाशित मंच गुणवत्ता वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए एक प्राथमिक आवश्यकता है)
  • एक डीएसएलआर या एक बेहतर कैमरा के साथ वीडियोग्राफर (एचडी रिकॉर्डिंग के लिए)
  • त्रिपोद (कैमरा स्थिरता के लिए)
  • माइक और एक माइक स्टैंड
  • साउंड मिक्सिंग सिस्टम या लैपल माइक सिस्टम (यदि यह स्थल पर उपलब्ध नहीं है, तो आप इसे किराए पर लेने में सक्षम होना चाहिए)
  • वीडियो संपादक (ओपन माइक का आयोजन करने वाले कॉलेज अध्यायों के लिए लागू)

मेजबानी:

  • मेजबान हिंदी या अंग्रेजी में धाराप्रवाह होना चाहिए (जब तक, एक क्षेत्रीय भाषा खुली माइक आयोजित नहीं की जा रही हो)।
  • मेजबान में दर्शकों को शामिल करने की क्षमता होनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे खुले माइक के मूल शिष्टाचार का पालन करें। (चुप मोड पर फोन, प्रत्येक कलाकार को ध्यान दिया जाता है, और हर किसी के प्रदर्शन के लिए एक उत्साही माहौल)।
  • आप ओपन माइक (अधिकतम ऑनलाइन पंजीकरण से 30 और ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन से 6) में अधिकतम 36 लोगों को प्रदर्शन करने दें।
  • मेजबान के विवरण के साथ एक डिजिटल सूची को बनाए रखने की आवश्यकता है: कलाकार का नाम, उनके प्रदर्शन का शीर्षक, और जिस भाषा में वे प्रदर्शन करेंगे।
  • यदि कलाकार बाद में अपने प्रदर्शन के शीर्षक को बदलने का फैसला करता है, तो उसे डिजिटल सूची में अपडेट किया जाना चाहिए।
  • हम आपको एक विनम्र और दयालु मेजबान होने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। ऐसे समय होंगे जब आपके धैर्य का परीक्षण किया जाएगा, जब कोई समस्या होगी, हम उम्मीद करते हैं कि आप उन्हें परिपक्वता के साथ संभालें।
  • हालांकि, आपको स्थल पर किसी भी मुद्दे का सामना करना चाहिए, हमसे संपर्क करने में संकोच न करें।

वीडियो रिकॉर्डिंग:

  • वीडियो रिकॉर्डिंग का अंगूठा नियम: एक वीडियो प्रति कलाकार।
  • एक ही वीडियो में एकाधिक कलाकारों को मत मिलाओ।
  • प्रत्येक वीडियो को 23.976 / 24/25 एफपीएस पर शूट करने की आवश्यकता है 
  • एक फ्रेम तय करें, और इसके साथ चिपके रहें।
  • सुनिश्चित करें कि प्रत्येक कलाकार अपने प्रदर्शन के दौरान फ्रेम के अंदर रहता है।
  • रिकॉर्डिंग करते समय कैमरे को घुमाएं या घुमाएं।
  • कैमरे को स्थिर रखने के लिए प्रभावी ढंग से त्रिपोद का प्रयोग करें।
  • रिकॉर्डिंग की पृष्ठभूमि अंधेरा होना चाहिए 
  • नोट: पृष्ठभूमि के लिए फ्लेक्स पर ईवेंट के कवर पेज को प्रिंट करने से बिल्कुल बचना।(यह पृष्ठभूमि की गुणवत्ता को कम करता है।)

वीडियो साझा करना:

  • ऑडियो और वीडियो को एक साथ समन्वयित किया जाना चाहिए। अगर ऑडियो और वीडियो फाइल अलग हैं, तो उन्हें एक में विलय किया जाना चाहिए। यदि आपको अलग-अलग फाइलें भेजनी होंगी, तो उन्हें एक दूसरे के साथ समन्वयित होना चाहिए और उचित रूप से लेबल करना चाहिए। ऑडियो और वीडियो टाइमलाइन के बीच कोई अंतराल नहीं होना चाहिए।
  • ईवेंट पोस्ट करें, वीडियो को Google ड्राइव पर अपलोड करें और हमारे साथ लिंक साझा करें (आवश्यकता होने पर ई-मेल आईडी आपको सूचित की जाएंगी)।
  • प्रक्रिया: घटना के नाम से एक फ़ोल्डर बनाएँ जैसे। YourQuote ओपन माइक मुंबई 15.0। फ़ोल्डर में सभी नामित वीडियो अपलोड करें। फ़ोल्डर सेटिंग्स पर जाएं फ़ोल्डर साझा करें। किसी भी वीडियो को अलग से साझा न करें।
  • Google ड्राइव प्रारूप: “टुकड़ा का शीर्षक” | “भाषा और प्रदर्शन का प्रकार” |“कलाकार का नाम”। उदाहरण: “होउसाला” | मुकेश कुमार द्वारा हिंदी कविता। “
  • कलाकार का पूरा नाम प्रदान किया जाना चाहिए। कोई छोटा नाम या उपनाम नहीं। यदि वे ऐप पर हैं तो अपने वाईक्यू प्रोफाइल लिंक को साझा करें।
  • वीडियो केवल हमारे द्वारा प्रदान किए गए विशिष्ट ईमेल पते के साथ साझा किए जाने चाहिए।

बेहद महत्वपूर्ण :

  • डेटा गोपनीयता के नियमों का पालन करें। हमारे द्वारा पूर्व अनुमति मांगे बिना कच्चे वीडियो को किसी के साथ साझा न करें।
  • YouTube पर YourQuote के आधिकारिक चैनलों पर अपलोड होने से पहले वीडियो साझा न करें। एक बार वे ऑनलाइन होने के बाद, आप उन्हें अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया चैनलों पर देय क्रेडिट के साथ साझा कर सकते हैं।

आप क्या हासिल करते हैं

  • क्रेडिट: मेजबान (ओं), वीडियोोग्राफर, फोटोग्राफर और संपादक का नाम आपके संबंधित संस्थान या शहर के क्रेडिट में प्रदर्शित किया जाएगा।
  • दृश्यता: YourQuote आपको होस्ट और कलाकार के लिए अगली सबसे अधिक मांग करने का अवसर प्रदान करता है। आपके काम को 3.5+ लाख लेखकों और कवियों के बढ़ते समुदाय द्वारा देखा और सराहना की जाएगी।
  • ब्रैगिंग अधिकार: एक खुले माइक को होस्ट करना आपके रेज़्यूमे में एक नया आयाम जोड़ता है। मेजबान लोगों की एक दुर्लभ नस्ल हैं, और उनके द्वारा उठाए गए विशिष्ट कौशल के लिए उनकी मांग की जाती है।

अस्वीकरण:

  • YourQuote किसी भी मामले में ओपन माइक स्वयंसेवकों के लिए कोई मौद्रिक पारिश्रमिक प्रदान नहीं करता है।
  • यदि अध्याय या कॉलेज को किसी इकाई से प्रायोजन की पेशकश की जाती है (इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कितना बड़ा या छोटा, दयालु या नकदी में), कृपया हमें जल्द से जल्द सूचित करें। यह कानूनी अधिकार के तहत आता है, और प्रायोजन पर निर्णय पूरी तरह से YourQuote की कानूनी टीम के साथ है।
  • डीएसएलआर या बेहतर कैमरा खुले माइक के लिए मूलभूत आवश्यकता है। यदि किसी भी मामले में, एक अलग डिवाइस या सेटिंग का उपयोग किया जाता है (सेलफोन या तिपाई के बिना कैमरा), आपकाQuote वीडियो या ऑडियो गुणवत्ता के लिए ज़िम्मेदार नहीं होगा। संपादन की सीमा भी है।
  • हम समझते हैं कि कई बार, स्थल आपको जगह के लिए चार्ज कर सकता है। हमसे संपर्क करें और हम आपको कुछ काउंटर बताएंगे कि उन्हें कैसे मुकाबला किया जाए।
  • हम आपको पहले से ही इस कार्यक्रम की योजना बनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, और सुनिश्चित करें कि सभी संसाधन मौजूद हैं। हालांकि, ऐसी परिस्थितियां हो सकती हैं जहां आप किसी चीज़ पर कम पड़ते हैं, हमसे संपर्क करें, और हम जितनी भी कर सकते हैं उतनी मदद करने की कोशिश करेंगे।

स्रोत : https://stories.yourquote.in/how-to-organize-open-mics-with-yourquote-a2d19018f9d8

18वीं आदिवासी संथाल सरना धर्म महा सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

सूचना भवन
जिला जनसम्पर्क कार्यालय बोकारो।
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प्रेस विज्ञप्ति संख्या – 626
बोकारो, दिनांक – 23, नवम्बर, 2018
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मुख्यमंत्री बोकारो के ललपनिया स्थित लुंगुबुरु घंटा बाड़ी धोरोम गाढ़ में आयोजित 18वीं आदिवासी संथाल सरना धर्म महा सम्मेलन में शामिल हुए।
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मुख्यमंत्री संथाली लोक धुन में थिरके।
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मरांग बुरु सभी का कल्याण करें, समृद्धि से राज्य लोग आच्छादित हों–रघुवर दास, मुख्यमंत्री।
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संविधान और गांधी जी की भावना का सरकार कद्र करती है–रघुवर दास, मुख्यमंत्री।
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संस्कृति सापेक्ष विकास हो–रघुवर दास, मुख्यमंत्री
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मरांग बुरु सभी का कल्याण करें, समृद्धि से राज्य लोग आच्छादित हों। यही कामना लेकर आशीर्वाद लेने आया हूं। उनके लिए जो अभाव की जिंदगी जी रहें उनके जीवन मे बदलाव आए, और मान्यता है और मुझे विश्वास है कि मरांग बुरु से सच्चे मन से मांगा की गई याचना जाया नहीं जाती। मेरी भी नहीं जाएगी। झारखण्ड के गरीबों के दिन जरूर बहुरेगे, उस निमित सरकार कार्य कर रही है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कही। श्रीदास शुक्रवार को बोकारो के ललपनिया स्थित लुंगुबुरु घाटा बाड़ी धोरोम गाढ़ में आयोजित आदिवासी संथाल सरना धर्म महा सम्मेलन में बोल रहे थे। श्री दास ने कहा यही वजह है कि सीधा सरल संथाल समाज जो हमारे समक्ष आज उपस्थित हैं उनकी स्नेह धारा ही हमारी विरासत है जिसे हमें सहेज कर रखना है।

मेरा मन यहां की प्राकृतिक छटा ने मोहा था, लेकिन पीड़ा भी हुई थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि लुगु पहाड़ का यह पवित्र स्थल को प्रकृति ने बहुत खूबसूरती से सजाया है। जब मैं यहां आया था तब इस स्थल की खूबसूरती और श्रद्धालुओं के आस्था ने मेरा मन मोहा था। लेकिन पीड़ा भी हुई थी कि श्रद्धालु खुले आकाश के नीचे रहने को विवश थे। अब उस स्थिति में बदलाव आया है हमने टेंट सिटी का निर्माण किया और श्रद्धालुओं के रहने की व्यवस्था की। आज उनसे बात कर मन प्रफुल्लित हो उठा। आपके द्वारा कहे गए शब्द, धन्यवाद झारखण्ड सरकार ने हमारे प्रयास को सार्थक कर दिया।

राज्य सरकार कराएगी तीर्थ स्थल के दर्शन, यह हमारा सौभाग्य।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संथाल समाज के लिए लुगुबुरु घंटाबाड़ी धोरोम गाढ़ तीर्थ स्थल है। समाज के लोग जीवन मे एक बार इस स्थल आकर खुद को धन्य करना चाहते हैं, लेकिन समाज में कई ऐसे परिवार हैं जो आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से लुगु पहाड़ नहीं आ पाते। ऐसे लोगों को ध्यान में रखकर तीर्थ दर्शन योजना के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से श्रद्धालुओं को लुगु पहाड़ दर्शन हेतु लाया गया। सरकार ने करीब 50 लाख की राशि समाज के लोगों को सुविधा प्रदान करने में की है। सरकार की योजना है कि इस स्थल को सांस्कृतिक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की। यह सरकार का सौभाग्य है कि हमें यह कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ।

समाज का विकास कैसे हो इसका चिंतन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह समुद्र मंथन से अमृत निकला था, उस प्रकार इस दो दिवसीय धर्म सम्मेलन में कोई संजीवनी निकले। ताकि आदिवासियों के जीवन मे बदलाव आ सके। आप चिंतन करें। ताकि आने वाली पीढ़ी लाभान्वित हो और अपनी धर्म, संस्कृति, परंपरा और भाषा को अक्षुण्ण रखने के प्रति कृतसंकल्पित रहे। मैं धन्यवाद देता हूं प्रबंधन समिति के सदस्यों को जिन्होंने ऐसा समागम किया जो अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा को अक्षुण्ण रखने की प्रेरणा देता हो एवं संथाल की संस्कृति को दर्शाने का कार्य समिति द्वारा किया गया।

आदिवासी कल्याण हेतु सरकार तत्पर।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान में आदिवासी समाज को प्रदत विशेष दर्जा देने के प्रावधान को ध्यान में रखकर , संविधान की भावना को तवज्जों देते हुए आदिवासी कल्याण के कार्य किये जा रहें हैं जो अब परिलक्षित भी हो रहा है। राज्य के वीर आदिवासियों ने गांधी जी से पहले आजादी की लड़ाई लड़ी थी। लेकिन आजादी के बाद उनकी शहादत को याद नही किया गया। प्रधानमंत्री जी ने पहली बार लाल किला से धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को नमन किया। साथ ही 25 करोड़ की राशि प्रदान की ताकि जिस कारागार में धरती आबा ने अपने आखिरी दिन गुजारे थे उस परिसर में उनकी प्रतिमा लगाई जाए। यही नहीं उस परिसर में झारखण्ड के सभी शहीदों की प्रतिमा लगेगी ताकि आने वाली पीढ़ी, देश और दुनिया के लोग झारखण्ड के वीर शहीदों के संबंध में जान सकें उनसे प्रेरणा ले सकें।

अपनी भाषा और संस्कृति पर हमें गर्व होना चाहिये।मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां आकर मैंने देखा कि संथाल समाज के लोग अपनी भाषा में संबोधित कर रहें हैं और ऐसा करना भी चाहिए। हमें अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। यही उद्देश्य से संथाली भाषा में सरकार 1से 5वीं कक्षा तक की पढ़ाई में प्रदान करेगी ताकि बच्चे अपनी मातृ भाषा में ज्ञान अर्जित कर सकें। साथ ही अपने धर्म और संस्कृति को जीवंत रखने वाले धर्मगुरू, मानकी मुंडा, ग्राम प्रधान, परगाइनैत व अन्य को सरकार द्वारा 1 हजार रुपये प्रदान किया जा रहा है। अब वे भी अपनी जिम्मेवारियों का निर्वहन करें।

समय के साथ चलना जरूरी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृति के साथ विकास पर भी चर्चा होना चाहिए। समाज के बच्चों को शिक्षा इसे आच्छादित करना लक्ष्य तय करें। समय के साथ चलें, क्योंकि बच्चों के सपने पूरा करने के लिए यह समय की मांग है। इस कार्य में बेटा बेटी में फर्क नहीं करना चाहिए। क्योंकि बेटियां देश मान सम्मान दोनों बढ़ा रहीं हैं। जल्द सरकार बच्चियों के जन्म के साथ उन्हें योजना से जोड़ेगी।

लोभ, लालच देने वालों से सचेत रहने की जरूरत।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी शक्तियां आदिवासी परंपरा और संस्कृति को लोभ और लालच देकर छिन्न करने का प्रयास कर रही है। ऐसे लोगों की पहचान करने की जरूरत है। महात्मा गांधी भी धर्मान्तरण के खिलाफ थे, उनकी भावना को सम्मान देते हुए राज्य सरकार ने धर्मान्तरण कानून लाया। ऐसा करने वाले सजा और आर्थिक दंड के भागी होंगे। युवा वर्ग इस ओर विशेष ध्यान दे। आपको अपने धर्म, परंपरा, भाषा और संस्कृति को सहेजना है।

आपको मूलभूत सुविधा देना हमारा लक्ष्य।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर बिजली, गरीबों को आवास, सभी को शौचालय, सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करना सरकार का लक्ष्य है। दिसंबर 2018 तक राज्य के सुदूरवर्ती गांव घर तक बिजली पहुंचेगी, 2022 तक सभी घरों तक पाइपलाइन का माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुचेगा। गरीबों को आवास प्रदान किया जा रहा है। स्वच्छता हेतु हर घर शौचालय निर्माण की प्रक्रिया अपने चरम पर है।

माननीय सांसद श्री रविन्द्र कुमार पाण्डेय, बेरमो विधायक श्री योगेश्वर महतो उर्फ बाटुल, घाटशीला विधायक श्री लक्ष्मण टुडू, जिला परिषद अध्यक्षा श्रीमती सुषमा देवी, जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष श्री लक्ष्मण कुमार नायक, पुलिस उपमहानिरीक्षक कोयला क्षेत्र श्री प्रभात कुमार, उपायुक्त श्री मृत्युंजय कुमार बरणवाल, पुलिस अधीक्षक श्री कार्तिक एस, उप विकास आयुक्त श्री रवि रंजन मिश्रा, अपर समाहर्ता श्री विजय कुमार गुप्ता, अनुमण्डल पदाधिकारी बेरमो श्री प्रेमरंजन, आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री बाबुली सोरेन, सचिव श्री लोबिन मुर्मू सहित जिले के तमाम पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

टीम पीआरडी, बोकारो।

स्वच्छ बोकारो, सुन्दर बोकारो एवम सुरक्षित बोकारो।

बोकारो जिले मे हुई झारखंड सहायक प्राध्यापक अनुबंध संघ की बैठक

झारखंड सहायक प्राध्यापक अनुबंध संघ की बैठक बोकारो जिले मे – आज दिनांक 22/07/2018 को झारखंड सहायक प्राध्यापक अनुबंध संघ के विनोद बिहारी महतो कोयलांचल यूनिवर्सिटी धनबाद इकाई की बैठक प्रदेश सचिव डॉ प्रभाकर कुमार सह सहायक प्राध्यापक ( अनुबंध ) मनोविज्ञान विभाग , चास महाविद्यालय चास मे कार्यरत की अध्यक्षता में बोकारो जिले मे संपन्न कराई गयी , जिसमें घंटी आधारित ( अनुबंध ) सहायक प्राध्यापक का स्थायी समायोजन झारखंड सरकार करे , इसपर बल दी गयी । साथ ही झारखंड लोक सेवा आयोग राँची के सहायक प्राध्यापक के विज्ञापन संख्या 04/2018 तथा 05/2018 मे संशोधन करते हुए छात्र एवं शिक्षक के अनुपात में 2018 तक कि रिक्तियों को स्वीकृत करते हुए विज्ञापन में स्थान दिए जाएं । सभी धनबाद और बोकारो जिले के अंगीभूत सहायक प्राध्यापकों ने झारखंड लोक सेवा आयोग से निकाले गए विज्ञापन का तेज विरोध किया है । सभी शिक्षकों ने यह मांग राज्य सरकार से की है कि राज्य सरकार के निर्देशन में UGC एवँ झारखंड उच्च शिक्षा नियमावली के अधीन झारखंड के सभी यूनिवर्सिटी में स्वीकृत पदों पर ली गयी अनुबंध शिक्षकों को शतप्रतिशत समायोजन करते हुए ही झारखंड लोक सेवा आयोग अन्य पदों पर विज्ञापन करें और बहाली करें । आज की बैठक मे डॉ उपेंद्र कुमार गुप्ता , डॉ विनय कुमार सिंह , डॉ सुप्रिया , डॉ आनंद समदर्शी , डॉ अमित प्रकाश , डॉ रहमान , डॉ कमलेश कुमार पांडे सहित अनेक शिक्षक मौजूद थे ।

कस्तूरबा श्री विद्या निकेतन ढोरी में प्राचार्या की विदाई

कस्तूरबा श्री विद्या निकेतन ढोरी में प्रधानाचार्या ममता श्रीवास्तव के विदाई समारोह का आयोजन बुधवार को किया गया। इस आयोजन का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति की कार्यकारी अध्यक्षा डॉ. शकुंतला कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

श्रीमती कुमार ने कहा कि प्रधानाचार्या इस विद्यालय में 1991 से 2018 तक बहनों को अनुशासन और रचनात्मक तथा सृजनात्मक ज्ञान प्रदान करती रही। इनके मार्ग दर्शन में विद्यालय दिन दूनी रात चैगुनी विकास किया।

प्रभारी प्रधानाचार्या ने कहा कि विद्यालय की एक-एक ईट प्रधानाचार्या की कौशल तथा प्रबंधन की गाथा गाता है। विद्यालय के बहनों ने स्वागत गीत, नृत्य, विदाई गीत इत्यादि सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

विद्यालय की प्रभारी श्रीमती पुष्पा जी ने प्रधानाचार्या ममता श्रीवास्तव के सम्पूर्ण कार्यकाल का वृत्त प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम को संपन्न कराने में आचार्या विभा सिंह, अनुपमा, अलका, सुनीता, शैलबाला , रीता , अनिल झा तथा समस्त आचार्य एवं कर्मचारी बंधु का महत्वपूर्ण योगदान रहा है.

कैंडल मार्च – सामाजिक संवेदना एवं शांतिपूर्ण विरोध का पर्याय

आज मंदसौर में दिव्या के साथ हुई दुर्घटना और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और दिव्या के जल्दी स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना के साथ फुसरो बाजार में बरनवाल महिला समिति के द्वारा शांति पूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया जो ब्लाक परिसर स्थित बजरंगबली मंदिर से शुरू होकर भूत बंगला बजरंगबली मंदिर तक गया और वहां से वापस बाजार का भ्रमण करते हुए बजरंगबली मंदिर, बेरमो थाना में आकर समाप्त हुआ। जिसमें दो सौ से ऊपर महिलाओं की सहभागिता हुई। और यह एक अत्यंत सफल कार्यक्रम हुआ। और इसमें हमारे वार्ड पार्षद श्री नीरज पाठक जी भी साथ में थे और व्यवसाई संघ के सचिव प्रत्याशी ओमप्रकाशजी उर्फ राजा साथ चल रहे थे।

बेटियों के समर्थन में और उनके शोषण के विरुध्द शांति पूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन तथा जमकर नारेबाजी की गई, बेटी बचाओ, देश बचाओ, मंदसौर के अपराधियों को फांसी दो, फांसी दो. इस कैंडल मार्च में लड़कियों एवं महिलाओं ने भरी संख्या में भाग लिया. मौके पर कई सम्मानित महिलाओं एवं बच्चियों ने अपने-अपने विचार प्रकट किये, प्रियंका ने कहा – “हमें हर हाल में ऐसी बातों का सामना करना होगा और अपनी आवाज को समाज में उठाना होगा”

हमें प्रशासन के द्वारा भी पूरा सहयोग मिला। बेरमो थाना से एक पीसीआर वैन और सारे लोग हमारे साथ चल रहे थे। इस कार्यक्रम से समाज की सभी क्षेत्र के लोगों ने इस संदेश को जाना और इस घटना से वाकिफ़ हुए। मैं महिला समिति की सदस्यों का विशेषकर बरनवाल महिला समिति की नेत्री त्रय : श्रीमती मंजुरानी बरनवाल, श्रीमती अर्चना बरनवाल और श्रीमती पुष्प बरनवाल (सभी बरनवाल महिला समिति, फुसरो) और विशेष सहयोगी के रूप में बरनवाल समाज फुसरो के चमकते सितारे श्री विनय कुमार बरनवाल जी एवं श्री प्रदीप भारती जी को विशेष आभार व्यक्त करता हूँ। साथ ही बरनवाल युवक संघ, फुसरो की स्थानीय इकाई के सदस्यों को भी, जिन्होंने इस सफल कार्यक्रम का आयोजन किया बहुत-बहुत बधाई देता हूं। धन्यवाद देता हूं। – नीरज बरनवाल, आम्रपाली स्टूडियो, मेन रोड फुसरो.

जिस प्रकार मोमबत्ती जलती जाती है, पिघलती जाती है और अपना प्रकाश पुंज बिखेरती जाती है, मानो एक प्रतीक हो अँधेरे से लड़ने के हौसले का, जैसा अँधेरा हमारे समाज के बीच रह रहे विकृत मानसिकता वालों के मन में भरा है जो आये दिन हमें ऐसी घटनाओं के समाचारों से दो चार होना पड़ता है, उस अँधेरे को दूर करने के लिए हमारी संवेदनाये मोमबत्ती के सामान जलती हैं. हम समाज के सामने आगे आकर अपना विरोध प्रदर्शित करते हैं, कम से कम इससे तो नहीं चूकते, यह अच्छी बात है.

हम उन हर बातों को जिन्हें हम अपनी व्यस्तता के कारण नजरअंदाज कर जाते हैं उसपर भी कभी वैचारिक मंथन के लिए ऐसे ही सामाजिक समितियों को आगे आना होगा और खास कर युवा वर्ग को जो क्या सोचते हैं आज के सामाजिक परिवेश में क्या बदलाव लाना चाहते हैं. उन्हें सोशल मीडिया पर बिताये गए समय और उर्जा का सही प्रयोग करना होगा. सामाजिक गतिविधियों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना होगा, तभी समाज को सही दिशा दिया जा सकेगा. हम क्यों नहीं खुली चर्चा में भाग लें? हम क्यों नहीं ऐसे बैठक और सभाओं का आयोजन करें जिससे कि सभी अपनी बातों को रख सकें और समाज और देश हित की बात कर एक निर्णायक भूमिका निभाएं.

हजारीबाग में कवि गोष्ठि और परिचर्चा

राष्ट्रीय कवि संगम के रामगढ़ जिला के सदस्यों द्वारा हजारीबाग में कवि गोष्ठि और परिचर्चा

राष्ट्रीय कवि संगम ,झारखंड के महासचिव श्री सरोज झा ,रामगढ़ जिला के संयोजक श्री राज रामगढ़ी ,रामगढ़ जिला के अध्यक्ष श्री राकेश नाजुक की उपस्थिति मे राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, हजारीबाग में राष्ट्रीय कवि संगम की हजारीबाग की गोष्ठी सह परिचर्चा का आयोजन किया गया ! इस गोष्ठि में रामगढ़ जिला के वरिष्ठ कथाकार श्री चंद्रिका ठाकुर देशदीप की गरिमायी उपस्थिति से माहौल बहुत सुंदर बन गया !

इस अवसर पर हजारीबाग के शशि बाला जी को उनकी पुस्तक के लिए सम्मानित किया गया,,गोष्ठी में काब्य पाठ करने वालो में पूनम त्रिवेदी, शम्पा बाला, अनिता महतो, अमित मिश्रा आदि शामिल थे, राकेश नाजुक ने अपने गीत से सबको मोहित किया वही श्री देशदीप ,श्री राज रामगढ़ी ने अपनी रचनाओ से सबका मन जीत लिया, सरोज झा ने अपनी रूहानी गजलों से सबको मोहित कर दिया ,,,गोष्ठि के बाद सर्वाम्मति से मोना बग्गा जी को को हजारीबाग जिला अध्यक्ष और अनंत ज्ञान को जिला महासचिव चुना गया !
इस अवसर पर महाविद्यालय के व्याख्याता डॉ मनोज कुमार ने भी अपने विचार रखे ,!

गिरिडीह में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के स्थानीय कार्यालय का उद्घाटन

दिनांक 2 /7/ 2018 दिन सोमवार दोपहर 1:00 बजे अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के स्थानीय कार्यालय मैं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री दीपक तिवारी प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन कुमार सिन्हा प्रदोष कुमार प्रदेश महासचिव आर्यन राज सिन्हा आमंत्रित हुए आज के बैठक में मुख्य विषय स्थानीय कार्यालय का उद्घाटन तथा मानवाधिकार एवं मानवाधिकार हनन के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई तथा शहर के सभी वर्गों को एक साथ मिलाकर संगठन को अधिक विस्तार करने हेतु चर्चा की गई !

इस बैठक में जिला के अध्यक्ष विनीत कुमार युवा अध्यक्ष डॉ संजय कुमार जिला मीडिया प्रभारी सुमन कुमार पांडे महिला उपाध्यक्ष सीमा देवी गिरिडीह कोडरमा मीडिया प्रभारी शिवनंदन पांडे महिला महासचिव शोभा देवी युवा जिला उपाध्यक्ष संतोष ठाकुर जिला युवा सचिव अमित कुमार सह सचिव रंजीत कुमार आकाश कुमार मनीष मंडल कमलेश कुमार शर्मा तथा अन्य सदस्य के साथ साथ संस्था के सक्रिय सदस्य जितेन्द्र कुमार सिंह भी इस कार्यक्रम में शामिल थे !