कविता
1

वीर

|| वीर || नमन करो उन वीरों को जो लौट कभी ना आये | आँखों में सपनों के आंसू ले कर दीप जलाएं || चलो फिर आज कहता हूँ, कहानी मैं जवानों की| कहानी है यही इनकी, कहानी जो दीवानों की|| कहर बनकर के जा टूटे, जो इनपे वार करता …

कहानी
2

पुनर्जन्म

श्रीधर सरकारी सेवा में रहते हुए भी भ्रष्ट सरकारी सेवकों के कुप्रभावों से अपने को दूर रखकर बड़ी ही ईमानदारी एवं सत्यनिष्ठा के साथ सरकारी कामकाज एवं दायित्वों को समय पर पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ता था. वह अपने बचे समय का उपयोग घर के लोगों को सदआचरण …

swakshata
कविता
1

स्वच्छता का (जन-गण-मन)

|| स्वच्छता का “जन-गण-मन” || गन्दगी से मुक्त हो रही है देखो यह धरा, जा रहे शौचालयों में छोटा हो या हो बड़ा, अब हस्त साबुनों से साफ़ कर रहा, तब स्वास्थ्य और समृद्धि उनके घर रहा, स्वच्छता का हो रहा निवास जब, गन्दगी की हो रही निकास तब, स्वच्छता …

diary
कहानी

डायरी

  जब देखो कुछ-न-कुछ लिखते ही रहते हो। कभी अपनी बेटी के बारे में भी सोचा करो। बड़ी हो रही है। घर से बाहर भी निकला करो, सरकारी कामकाज तो होने ही है। इसी काम-काज के बीच समय निकालकर रिश्ते तो ढूंढ़ो। समय पर सब कुछ हो जाय भला यह …

बेटी बचाओ बेटी पढाओ
कविता
2

बेटियां

|| बेटियाँ || नहीं बचाओ बेटी केवल उसे आज पढने दो, चढ़ती है चोटी पर तो उसे आज चढ़ने दो, बेटियां ही शक्ति का स्वरुप है, बेटियां बिन छांव भी कभी धूप है, चाहते क्यों न इन्हें आँगन मिले, चाह लो माँ का इन्हें दामन मिले, गिर रही जब बेटियां …

शंखनाद
कविता

शंखनाद

क्या शेष समर रह जाएगा, क्या नहीं उबर वह पाएगा. यह सोच कृष्ण मायूस हुए, गम घटा के वे आगोश हुए. मन ही मन कुछ वे सोच रहे, अब लगा कि रण से लौट रहे. पर अनाहूत होता न कुछ, है पता मुझे अर्जुन का दु:ख . मैं बतलाता अब …

व्यंग

नदियों को नदियों से जुड़ने दो!

नदियां बहती जा रही थी। लोगों के पाप को धोते जा रही थीं। कोई कूड़ा-करकट फेंकता तब भी वह निश्चता के भाव से उसे स्वीकार करते जा रही थी पर मन में एक बात उसे सालती जा रही थी कि वर्षों से मानव जाति में दो बहनों के बीच आना-जाना, …

Right to Vote NOT Right to be elected.
मन्तव्य

चुनने का हक! चुने जाने का नहीं : क्यों?

मेरा मानना है कि जब किसी व्यक्ति में नेतृत्वकर्ता को चुनने की क्षमता विकसित है, ऐसा मान लिया जाता है, तो उसमें नेतृत्व करने की क्षमता से इंकार नहीं किया जा सकता है। दूसरे शब्दों में जब कोई व्यक्ति को ‘मत देने का संवैधनिक अधिकार’ प्राप्त हो जाता है ठीक …

बंटवारा, the division
कहानी
2

बंटवारा

विजय मैंट्रिक की परीक्षा पास कर अपने गांव के बगल वाले शहर से सटे कॉलेज में दाखिला लेना उचित समझा। कारण यह था कि ऐसा कर वह अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपनी दादी की देखभाल भी समुचित तरीके से कर सकता था। उसकी दादी मां भी ऐसी थी कि उसके …

मन्तव्य

विकास योजना बनाम विकास प्रशासन : एक विश्लेषण

सरकार द्वारा जिन विकास योजनाओं को मूर्त रूप दिया जाता है उन सारी योजनाओं के निर्माण की रूपरेखा तय किये जाने से लेकर उनको पूर्ण होने तक में वित्तीय अनुशासन (FISCAL DISCIPLINE) का ख़याल रखा जाना परमावश्यक है. जितना यह आवश्यक है कि कोई भी विकास योजना निर्धारित समय सीमा …