मित्रों का अलबम

|| मित्रों का अलबम ||

जीवन के बने अनेक चित्र,
कुछ नए-पुराने कुछ विचित्र.

मेरे अनेक मुंहलगे मित्र,
दिल की खूँटी पर टंगे मित्र.

कुछ भूल गए थे वे विचित्र,
कुछ लगते है अबतक सचित्र.

मिलता लेकर अरमान मित्र,
झिलमिल होती पहचान मित्र.

जीवन यौवन जंजाल मित्र,
‘भूदेव’ हुआ कंगाल मित्र.

दुश्मन देता है ताल मित्र,
दंशन का नित्य कमाल मित्र.

इस जीवन में सब टका मित्र,
वह सबका क्या हो सका मित्र.

दलबदलू और दलाल मित्र,
ओढें चाँदी का खाल मित्र.

उनके घर मालामाल मित्र,
जिनके घर मायाजाल मित्र.

जब गया द्वार, दरबार मित्र,
मिलती केवल फटकार मित्र.

दुःख में हैं दयानिधान मित्र,
सुख में शेखी-शैतान मित्र.

मेरे अनेक यजमान मित्र,
करते मेरा सम्मान मित्र.

आशीष-दुआ का दान मित्र,
निश्चय होगा कल्याण मित्र.

कुछ लोग यहाँ व्यवधान मित्र,
आगत-स्वागत जलपान मित्र.

जीवन की नौका टकराती,
जल के भीतर चट्टान मित्र.

तन रहे धनुष पर वाण मित्र,
ले रहे मित्र की जान मित्र.

कलियुग के द्रोणाचार्य मित्र,
हैं तितर-बितर परिवार मित्र.

मिथ्यावादी आचार्य मित्र,
आदत से हैं लाचार मित्र.

विद्या-मंदिर बीमार मित्र,
आहत अजगर खूंखार मित्र.

मंदिर सुन्दरतम है पवित्र,
पढ़ते भक्त प्रहलाद मित्र.

उर के अलबम में सजे चित्र,
सब मित्र मेरे अतिशय पवित्र.