फुसरो के बारे में : भाग-2

जलवायु
कर्क रेखा से लगभग 100 कि.मी. दूरी पर उत्तर की ओर स्थित होने के कारण यहाँ की जलवायु उष्णकटिबंधीय श्रेणी में आती है. यहाँ कभी भी मौसम की स्थिति एक सी नहीं रहती. मानसून के आगमन की बात करें तो, यदि अन्य कारक बाधक न हुए हों तो प्रतिवर्ष जून के मध्याह्न में मानसून आ ही जाता है. चारो ओर से छोटी-छोटी पहाडियों से घिरा यह इलाका थोड़ी सी भी अधिक बारिश को नहीं झेल पाता. बरसात के मौसम में लगातार सप्ताहांत तक हुई बारिश में इसके नदी एवं नाले उफन जाते हैं, परन्तु बारिश रुकने के कुछ ही घंटों में पानी उतरने के बाद ऐसा लगता है जैसे यहाँ तो बारिश हुई ही नहीं हो. जाड़ों में दिन काफी सुहाने एवं धूप खिली होती है तथा न्यूनतम तापमान 15 डिग्री तक तथा गर्मियों में अधिकतम पारा 45 डिग्री के पार चला जाता है.

यातायात
फुसरो रेलवे स्टेशन से कोलकाता, भोपाल, अजमेर, जबलपुर, उज्जैन तथा पटना आदि स्थानों तक जाने के लिए सीधी रेल सेवा उपलब्ध है. फुसरो अपने निकटतम महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन चंद्रपुरा से जुड़ा है तथा मात्र 14 कि.मी. दूर है. कोयलांचल क्षेत्र के कारण यहाँ की रेल सेवा के अंतर्गत मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक है. रेलवे क्रोसिंग की समस्या फ्लाईओवर के शुरू हो जाने से कुछ कम तो हुई है पर बाज़ार में ट्रैफिक की स्थिति में कुछ ख़ास फर्क नहीं पड़ा है, जिसका मुख्य कारण है कोयला लदी भारी वाहनों का परिचालन. कुछ दुर्घटनाओं के बाद प्रशासन द्वारा रात 9:00 बजे तक नो-इंट्री लगाई गयी है.
फुसरो से अन्य महत्वपूर्ण स्थानों जैसे जमशेदपुर (टाटा), राँची, धनबाद, गिरिडीह, चास, बोकारो, गोमिया, हजारीबाग तथा उत्तरी बिहार के कई स्थानों जैसे बिहारशरीफ, नवादा, सीवान, छपरा, गया, आरा, औरंगाबाद के लिए बस की सीधी एवं भाया सेवाएँ भी नियमित रूप से चल रही हैं.
शहर के अन्दर निकटतम दूरी तय करने के लिए लोग प्रायः निजी वाहनों का प्रयोग जिनमे दुपहिया व चारपहिया वहां का प्रयोग करते हैं, वैसे ऑटो व अन्य कई छोटे वाहन भी उपलब्ध हैं.

स्वास्थ्य
फुसरो में कोल इंडिया की अनुषंगी इकाई सी.सी.एल. द्वारा संचालित कुल दो क्षेत्रीय अस्पताल (Regional Hospital) हैं एक ढोरी क्षेत्र के तथा दूसरा बोकारो एवं करगली क्षेत्र के अंतर्गत आतें हैं, जहाँ पर निःशुल्क चिकित्सा सेवाएँ एवं अत्याधुनिक मशीनें और जांच के उपकरण उपलब्ध है, तथा एक अनुमंडलीय अस्पताल (Referral Hospital) भी है जहाँ सरकारी चिकित्सा सेवाएँ एवं दवाईयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जातीं हैं. इसके अतिरिक्त कुछ गिने चुने निजी अस्पताल तथा प्रसूति सेवा केंद्र भी हैं, जहाँ पेशेवर सेवाएँ उचित मूल्य लेकर प्रदान की जातीं है.

शिक्षा
फुसरो की कुल जनसंख्या में साक्षर व्यक्तियों की संख्या करीब 61000 है जो की कुल जनसंक्या का 67 % है, जिनमे पुरुष सक्षारता दर 57.5% तथा महिला साक्षरता दर 42.5% है. फुसरो में महिला 01 महविद्यालय, 03 उच्च विद्यालय, 11 उत्क्रमित विद्यालय एवं 18 प्राथमिक विद्यालय हैं इसके अतिरिक्त कुल 22 निजी विद्यालय चल रहे हैं, जिनमे से कई विद्यालयों को तो कोल इंडिया के अनुषंगी इकाई सी.सी.एल. से अनुदान भी प्राप्त है.
महिलाओं के लिए तो स्नातक शिक्षा के लिए तो एक मात्र झब्बू सिंह मेमोरियल महिला महाविद्यालय है भी जबकि पुरुषों को स्नातक शिक्षा ग्रहण करने के लिए कथारा स्थित श्री कृष्ण बल्लभ महाविद्यालय (18 कि.मी. पश्चिम), पिछरी स्थित बिन्देश्वरी दुबे आवासीय महाविद्यालय (05 कि.मी. पूर्व) पर आश्रित रहना पड़ता है. कुछ विद्यार्थी तो रणविजय महाविद्यालय, चास व सिटी कॉलेज, बोकारो तक में अपना नामांकन मात्र करवाकर मात्र परीक्षा के समय ही सम्मिलित होते हैं.
फुसरो में सरकारी विद्यालयों में कमजोर व आर्थिक रूप से निम्न वर्ग के परिवारों के बच्चे ही पढने जाते हैं, जबकि वहां हर प्रकार की सरकारी लाभ मुहैया करने का प्रयास सरकारी कार्यक्रम के अनुरूप निरंतर चलता रहता है. मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे बमुश्किल निजी विद्यालयों में नामांकन करवा पाते हैं, क्योंकि या तो उच्चवर्गीय परिवारों ने जगह पैरवी के माध्यम से सुरक्षित करा ली होती है या फिर संसाधनों की कमी का हवाला देते हुए विद्यालय प्रशासन कन्नी काट जाता है. वर्तमान सत्र में निजी विद्यालाओं में शुल्क वृद्धि भी दर्ज की गयी है जिसका विरोध तो पुरजोर हुआ पर अंततः विद्यालय प्रशासन ने शुल्क लेने के तरीकों व उनके आधार को बदल कर शुल्क वृद्धि के कारणों को नया रूप दे दिया.