गम न करें – १८

जिंदगी एक फन है, ऐसा फन जिसे सीखा जाये, इन्सान के लिए ज्यादा बेहतर ये है कि अपनी जिंदगी में वह फूलों, खुशबुओं और मोहब्बत के लिए मेहनत करे, बजाये इसके कि अपने जेब भरने या बैंक बैलेंस बनाने के लिए मेहनत करे. जिंदगी अगर माल व दौलत जमा करने में खर्च की जाये, मोहब्बत, जमाल और रहमत पाने की कोई जद्दोजहद न की जाये तो ऐसी जिंदगी के मायने क्या हैं. बहुत से लोग जिंदगी की खुशियों के लिए अपनी आँखे खोलते ही नहीं. इन्हें बस दिरहम और दीनार दिखाई देता है.

वह खुबसूरत बाग़, खुबसूरत फूलों, उबलते चश्मों,  चहचहाते परिंदों से गुजरते तो हैं लेकिन इनके तरफ रुख नहीं करते. इनकी सारी तवज्जो आने और जाने वाले पैसों की तरफ होती है. होना तो ये चाहिए था कि रूपया पैसा खुशगवार जिंदगी का वसीला हो, लेकिन लोगों ने मामला उलट दिया है, और दिरहम और दीनार पाने के लिए खुशगवार जिंदगी को बेच दिया. आँखे हमें इसीलिए दी गयी कि हम कायनात की खूबसूरती को देखें लेकिन हम सिर्फ रूपया पैसा देखते हैं.

जारी….