गम न करें – १६

दुनिया में आगर आप मोहताज या गमगीन हों या मर्ज लाहक हो जाए या आपका कोई हक मार ले या कोई जुल्म आप पर हो, तो आप हमेशा रहने वाली जगह जन्नत को याद कर लें. जब आप ऐसा करने लगेंगे और जन्नत को पाने के लिए नेक काम करने लगेंगे तो आपका नुकसान फायदे में बदल जायगा. मुसीबतें अतियात साबित होंगी.

सबसे अकलमन्द वही है जो आखरत के लिए काम करे, क्योंकि आखरत ही बेहतर और बाक़ी रहने वाली है. मख्लुकात (प्राणियों) में सबसे अहमक वो है जो दुनिया को अपना घर और आरामगाह और उम्मीदों का मरकज समझते हैं. इसीलिए जब मुसीबत पड़ती है तो बहुत घबरा जाते हैं. क्योंकि वो दुनिया की जिंदगी को ही सब कुछ समझ बैठे हैं. दुनिया की जिंदगी मुख्त्सर है. मरने के बाद की जिंदगी हमेशा और कायम रहने वाली है.